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छात्रों को ड्रेस में ही 30 घंटे हवालात में बंद रखा
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Mon, 24 Sep 2018 01:50 AM IST
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इलाहाबाद
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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लगातार लूट और दूसरी घटनाओं से पस्त पड़ी पुलिस अपनी बहादुरी किशोरवय छात्रों को हवालात में बंद करके दिखा रही है। मोबाइल चोरी के आरोप में पुलिस ने दो छात्रों को यूनीफॉर्म में ही स्कूल से उठा लिया और लगभग 30 घंटे तक थाने की हवालात में बंद रखा। पुलिस ने छात्रों को स्कूली ड्रेस बदलने तक की मोहलत नहीं दी। उसे जब मीडिया को इस मामले की भनक लग जाने का अंदेशा हुआ तब आनन-फानन में रविवार को दोनों को किशोर न्यायालय में पेशकर खुल्दाबाद स्थित बाल सुधार गृह में भिजवा दिया गया।
जानकारी के मुताबिक मुंडेरा मंडी में सब्जी का कारोबार करने वाले दो दुकानदारों के बच्चे मीरापट्टी स्थित एक विद्यालय में दसवीं के छात्र हैं। परिजनों के मुताबिक शनिवार दोपहर ग्यारह बजे सिविल लाइंस थाने की पुलिस स्कूल पहुंची और दोनों बच्चों से स्कूल के भीतर पहुंचकर पूछताछ शुरू कर दी। उसके थोड़ी देर बाद स्कूल से अभिभावकों के पास फोन आया। फोन आने पर परिवार के लोग भी भागते-भागते वहां पहुंचे, जहां पुलिस ने दोनों बच्चों को अपने साथ ले जा रही थी। पुलिस इन दोनों से मार्च महीने में हुए मोबाइल चोरी की घटना के बारे में पूछताछ करना चाहती थी। परिवार के लोगों ने पुलिस से कुछ देर की मोहलत मांगी, लेकिन पुलिसकर्मी इसके लिए राजी नहीं हुए। बच्चों से पेशेवर अपराधियों सरीखा व्यवहार करते हुए पूरे स्कूल के सामने उनको घसीटते हुए वाहन में बिठा लिया। उसके बाद सिविल लाइंस थाने के लॉकअप में बंद कर दिया।
दोनों बच्चों के अभिभावक उनके लिए खाने-पीने का सामान लेकर पहुंचे, लेकिन पुलिस ने यह भी उनको देने नहीं दिया। रविवार दोपहर मीडिया को किशोर बच्चों के स्कूली ड्रेस में लॉकअप में होने की बात मालूम चली तब पूछताछ शुरू हुई। इस वजह से आनन-फानन में पुलिस ने दोनों ही बच्चों को शाम को खुल्दाबाद स्थित बाल सुधार गृह में भेज दिया। इंस्पेक्टर सिविल लाइंस शिवमंगल सिंह का कहना है कि दोनों से 20 हजार कीमत के मोबाइल फोन की बरामदगी हुई है। दोनों के कई क्षेत्रों में मोबाइल चोरी में सक्रिय होने की सूचना मिली थी। हालांकि उन्होंने स्कूली छात्रों के लॉकअप में बंद किए जाने को लेकर कोई जवाब नहीं दिया।
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बाल एवं किशोर संरक्षण अधिनियम के तहत किशोरों से संबंधित मामलों की जांच के दौरान किसी भी प्रकार का दुर्व्यवहार, गाली-गलौच, भूखा रखना, कमरे या लॉकअप में बंद रखना कानूनन अपराध है। इसकी अवहेलना करने पर दोषियों के खिलाफ किशोरों के प्रति किए गए क्रूरतापूर्ण व्यवहार के अंतर्गत मुकदमा चलाया जा सकता है। किशोरों द्वारा कारित अपराध पर उनको जमानत पर रिहा करने का भी प्रावधान है। दोनों किशोरों के परिजन शनिवार दोपहर से ही थाने के चक्कर काटते रहे, लेकिन मोबाइल चोरी के दोनों आरोपियों को पुलिस ने जाने नहीं दिया।
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जानकारी के मुताबिक मुंडेरा मंडी में सब्जी का कारोबार करने वाले दो दुकानदारों के बच्चे मीरापट्टी स्थित एक विद्यालय में दसवीं के छात्र हैं। परिजनों के मुताबिक शनिवार दोपहर ग्यारह बजे सिविल लाइंस थाने की पुलिस स्कूल पहुंची और दोनों बच्चों से स्कूल के भीतर पहुंचकर पूछताछ शुरू कर दी। उसके थोड़ी देर बाद स्कूल से अभिभावकों के पास फोन आया। फोन आने पर परिवार के लोग भी भागते-भागते वहां पहुंचे, जहां पुलिस ने दोनों बच्चों को अपने साथ ले जा रही थी। पुलिस इन दोनों से मार्च महीने में हुए मोबाइल चोरी की घटना के बारे में पूछताछ करना चाहती थी। परिवार के लोगों ने पुलिस से कुछ देर की मोहलत मांगी, लेकिन पुलिसकर्मी इसके लिए राजी नहीं हुए। बच्चों से पेशेवर अपराधियों सरीखा व्यवहार करते हुए पूरे स्कूल के सामने उनको घसीटते हुए वाहन में बिठा लिया। उसके बाद सिविल लाइंस थाने के लॉकअप में बंद कर दिया।
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दोनों बच्चों के अभिभावक उनके लिए खाने-पीने का सामान लेकर पहुंचे, लेकिन पुलिस ने यह भी उनको देने नहीं दिया। रविवार दोपहर मीडिया को किशोर बच्चों के स्कूली ड्रेस में लॉकअप में होने की बात मालूम चली तब पूछताछ शुरू हुई। इस वजह से आनन-फानन में पुलिस ने दोनों ही बच्चों को शाम को खुल्दाबाद स्थित बाल सुधार गृह में भेज दिया। इंस्पेक्टर सिविल लाइंस शिवमंगल सिंह का कहना है कि दोनों से 20 हजार कीमत के मोबाइल फोन की बरामदगी हुई है। दोनों के कई क्षेत्रों में मोबाइल चोरी में सक्रिय होने की सूचना मिली थी। हालांकि उन्होंने स्कूली छात्रों के लॉकअप में बंद किए जाने को लेकर कोई जवाब नहीं दिया।
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बाल एवं किशोर संरक्षण अधिनियम के तहत किशोरों से संबंधित मामलों की जांच के दौरान किसी भी प्रकार का दुर्व्यवहार, गाली-गलौच, भूखा रखना, कमरे या लॉकअप में बंद रखना कानूनन अपराध है। इसकी अवहेलना करने पर दोषियों के खिलाफ किशोरों के प्रति किए गए क्रूरतापूर्ण व्यवहार के अंतर्गत मुकदमा चलाया जा सकता है। किशोरों द्वारा कारित अपराध पर उनको जमानत पर रिहा करने का भी प्रावधान है। दोनों किशोरों के परिजन शनिवार दोपहर से ही थाने के चक्कर काटते रहे, लेकिन मोबाइल चोरी के दोनों आरोपियों को पुलिस ने जाने नहीं दिया।