{"_id":"5b119bcc4f1c1b986e8b5c86","slug":"struggling-in-the-encroachment-campaign-in-daranganj-and-rajruppur","type":"story","status":"publish","title_hn":"दारागंज और राजरूपपुर में अतिक्रमण अभियान में हंगामा, पथराव","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
दारागंज और राजरूपपुर में अतिक्रमण अभियान में हंगामा, पथराव
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Sat, 02 Jun 2018 01:16 AM IST
विज्ञापन
इलाहाबाद
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दारागंज और राजरूपुपर में शुक्रवार को चले अतिक्रमण अभियान में शुक्रवार को जमकर हंगामा हुआ। दारांगज में जहां अतिक्रमण दस्ते पर लोगों ने पथराव कर दिया तो वहीं राजरूपपुर में सड़क चौड़ीकरण को लेकर चल रहे अभियान के दौरान मंदिर तोड़े जाने को लेकर खासा हंगामा हुआ। राजरूपपुर में स्थानीय लोग एक अन्य धार्मिक स्थल तो न तोड़े जाने से नाराज थे। यहां लोगों ने चक्काजाम भी लगा दिया। इस दौरान वहां वाहनों की लंबी कतार लग गई। बाद में एसडीएम सदर, एसपी सिटी आदि अफसरों के समझाने के बाद ही लोग शांत हुए।
दारागंज में पूर्वोत्तर रेलवे की ओर से रेल ट्रैक दोहरीकरण का काम किया जाना है। यहां दारागंज स्टेशन से गंगा ब्रिज की ओर जाने वाले रास्ते में तकरीबन दो दर्जन भर मकानों को रेलवे की ओर से नोटिस दी गई है। रेलवे का कहना है कि सभी मकान उसकी जमीन पर है। इस वजह से उन्हें गिराया जाएगा। ताकि रेल ट्रैक का दोहरीकरण किया जा सके। शुक्रवार सुबह दस बजे के आसपास जिला प्रशासन, रेलवे, नगर निगम और एडीए का संयुक्त दस्ता मौके पर पहुंचा। यहां दो निर्माण ध्वस्त किए गए। इसके बाद एक दो मंजिला मकान में बनी दुकान का शटर गिराया गया। दस्ते के पास पोकलैंड मशीन न होने की वजह से बाकी मकान नहीं गिराया गया। यहां भवन स्वामी राजेश केसरवानी और ज्योति केसरवानी ने दस्ते में शामिल लोगों से आग्रह किया कि उनका मकान न गिराया जाए। घर में दो छोटे बच्चे हैं उन्हें लेकर कहां जाए।
राजेश ने कहा कि 1836 से यह मकान उनके पास है। अभी बातचीत चल ही रही थी किसी शरारती तत्व ने वहां एक पत्थर फेक दिया। इससे राजेश की पत्नी ज्योति घायल हो गई। ज्योति के घायल होने की खबर मिलते ही आसपास रहने वाले लोग भड़क गए। वहां लोगों ने दस्ते को घेर लिया। दस्ते पर पथराव भी किया गया। उधर दस्ते में शामिल कुछ लोगों ने भी पथराव शुरू कर दिया। मौके पर पहुंची पुलिस ने किसी तरह से लोगों को शांत किया। हालांकि दस्ते में शामिल अफसरों ने पोकलैंड मशीन के साथ दुबारा आकर कार्रवाई करने की बात कही। वहीं दूसरी ओर राजरूपपुर में इलाहाबाद-कौशांबी मार्ग पर सड़क चौड़ीकरण को लेकर चल रहे एडीए के अभियान के दौरान दो धार्मिक स्थल अतिक्रमण की जद में आ रहे थे। यहां शिवमंदिर ध्वस्त कर दिया गया लेकिन दूसरे धार्मिक स्थल पर कार्रवाई न होता देख स्थानीय लोग भड़क गए। जानकारी हिंदू वादी संगठनों को हुई तो वे मौके पर पहुंच गए। यहां चक्का जाम लगा दिया गया। सूचना मिलते ही एसपी सिटी समेत आदि अफसर फोर्स के साथ पहुंचे। लोगों को किसी तरह से समझा बुझाकर शांत किया। इस बारे में एडीए के जोनल अफसर जेआर मौर्य का कहना है कि अतिक्रमण की जद में जो भी निर्माण आ रहा है उसे हटाया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
दारागंज में पूर्वोत्तर रेलवे की ओर से रेल ट्रैक दोहरीकरण का काम किया जाना है। यहां दारागंज स्टेशन से गंगा ब्रिज की ओर जाने वाले रास्ते में तकरीबन दो दर्जन भर मकानों को रेलवे की ओर से नोटिस दी गई है। रेलवे का कहना है कि सभी मकान उसकी जमीन पर है। इस वजह से उन्हें गिराया जाएगा। ताकि रेल ट्रैक का दोहरीकरण किया जा सके। शुक्रवार सुबह दस बजे के आसपास जिला प्रशासन, रेलवे, नगर निगम और एडीए का संयुक्त दस्ता मौके पर पहुंचा। यहां दो निर्माण ध्वस्त किए गए। इसके बाद एक दो मंजिला मकान में बनी दुकान का शटर गिराया गया। दस्ते के पास पोकलैंड मशीन न होने की वजह से बाकी मकान नहीं गिराया गया। यहां भवन स्वामी राजेश केसरवानी और ज्योति केसरवानी ने दस्ते में शामिल लोगों से आग्रह किया कि उनका मकान न गिराया जाए। घर में दो छोटे बच्चे हैं उन्हें लेकर कहां जाए।
विज्ञापन
राजेश ने कहा कि 1836 से यह मकान उनके पास है। अभी बातचीत चल ही रही थी किसी शरारती तत्व ने वहां एक पत्थर फेक दिया। इससे राजेश की पत्नी ज्योति घायल हो गई। ज्योति के घायल होने की खबर मिलते ही आसपास रहने वाले लोग भड़क गए। वहां लोगों ने दस्ते को घेर लिया। दस्ते पर पथराव भी किया गया। उधर दस्ते में शामिल कुछ लोगों ने भी पथराव शुरू कर दिया। मौके पर पहुंची पुलिस ने किसी तरह से लोगों को शांत किया। हालांकि दस्ते में शामिल अफसरों ने पोकलैंड मशीन के साथ दुबारा आकर कार्रवाई करने की बात कही। वहीं दूसरी ओर राजरूपपुर में इलाहाबाद-कौशांबी मार्ग पर सड़क चौड़ीकरण को लेकर चल रहे एडीए के अभियान के दौरान दो धार्मिक स्थल अतिक्रमण की जद में आ रहे थे। यहां शिवमंदिर ध्वस्त कर दिया गया लेकिन दूसरे धार्मिक स्थल पर कार्रवाई न होता देख स्थानीय लोग भड़क गए। जानकारी हिंदू वादी संगठनों को हुई तो वे मौके पर पहुंच गए। यहां चक्का जाम लगा दिया गया। सूचना मिलते ही एसपी सिटी समेत आदि अफसर फोर्स के साथ पहुंचे। लोगों को किसी तरह से समझा बुझाकर शांत किया। इस बारे में एडीए के जोनल अफसर जेआर मौर्य का कहना है कि अतिक्रमण की जद में जो भी निर्माण आ रहा है उसे हटाया जाएगा।
विज्ञापन