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एसओ मऊआइमा और दो सिपाही लाइन हाजिर

Sat, 02 Jul 2016 01:26 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद Updated Sat, 02 Jul 2016 01:26 AM IST
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SO Muaima line spot and two soldiers
रास्ते के विवाद में गई महिला की जान - फोटो : demo pic
एसएसपी जोगिंदर कुमार ने शुक्रवार शाम को मऊआइमा इलाके में किशोरी से रेप और उसके बाद हत्या से जैसे मामले में लापरवाही बरतने वाले एसओ और दो सिपाहियों को लाइन हाजिर कर दिया है। पीड़िता की हत्या के बाद मामले ने तूल पकड़ा तो अफसर घटनास्थल पर पहुंचे। पूछताछ के बाद एसओ, बीट सिपाही और पीड़िता का मेडिकल कराने आई महिला आरक्षी की लापरवाही सामने आई थी। कप्तान ने मामले की जांच एसपी गंगापार को सौंपी थी। शुक्रवार को एसपी गंगापार की रिपोर्ट के आधार एसएसपी ने यह कार्रवाई की। कप्तान ने क्राइम ब्रांच में तैनात सच्चिदानंद त्रिपाठी को मऊआइमा थाने का चार्ज दिया है।
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मऊआइमा इलाके में पांच जून को सात साल की किशोरी के साथ रेप की घटना हुई। कई दिनों तक गांव में पंचायत चली। 26 जून को पीड़िता को लेकर परिजन मऊआइमा थाने पहुंचे। शाम तक उन्हें थाने पर बैठाए रखा गया। रात में रिपोर्ट दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। रिपोर्ट दर्ज होने के दो दिन बाद रेप पीड़िता बच्ची को घर से अगवाकर हत्या कर दी गई। मौके पर पहुंचे एसएसपी और एसपी गंगापार ने गांव के लोगों से बातचीत की तो पुलिस की लापरवाही सामने आई। कप्तान ने एसपी गंगापार को मामले की जांच कर दो दिन में रिपोर्ट मांगी। एसपी की जांच में पाया गया कि पांच जून को घटना होने के बाद गांव में कई दिन पंचायत होती रही।
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बीट सिपाही झारखंडे सिंह को इसकी भनक तक नहीं लगी। जबकि उनके पास केवल एक गांव था। वह महीनों से गांव में नहीं गए थे। 26 को जब पीड़िता के साथ परिजन थाने पहुंचे तो एसओ ने तत्काल कार्रवाई के बजाय घंटो इंतजार कराया। रेप जैसे संगीन अपराध में भी एसओ सुनील दुबे मामले का विवेचक होते हुए भी घटनास्थल पर नहीं गए। इस कारण उन्हें यह नहीं पता चला कि घटना को लेकर गांव में कितना तनाव है।
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पीड़िता को मेडिकल के लिए एक महिला आरक्षी नाशीर फातमा के साथ भेज दिया। जबकि उन्हें खुद साथ आना चाहिए था। इतना ही नहीं बिना मेडिकल जांच पूरी हुए पीड़िता को अकेले घर भेज दिया, वह भी बिना किसी सुरक्षा के। लापरवाही का आलम यह रहा कि महिला सिपाही ने इसकी जानकारी थाने पर नहीं दी। जांच में एसओ मऊआइमा सुनील कुमार दुबे, बीट सिपाही झारखंडे सिंह और महिला आरक्षी नाशीर फातमा की लापरवाही सामने आने पर एसएसपी ने लाइन हाजिर कर दिया। कप्तान जोगिंदर कुमार ने क्राइम ब्रांच में तैनात इंस्पेक्टर सच्चिदानंद त्रिपाठी को मऊआइमा थाने का एसओ नियुक्त किया है। 
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