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शुआट्स में हुए हमले की फिर से होगी जांच
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Fri, 10 Nov 2017 01:51 AM IST
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atiq ahmed
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शुआट्स में पूर्व सांसद अतीक अहमद और उनके साथियों की ओर से आठ महीने पहले की गई तोड़फोड़ और हंगामे की फिर से जांच होगी। इस बारे में एसएसपी की ओर से आदेश कर दिए गए हैं। कुछ लोगों ने इस केस में जांच करने वाले एसपी गंगापार शफीक अहमद सहित कई पुलिस कर्मियों पर लीपापोती के आरोप लगाए थे। इन्हीं आरोप प्रत्यारोपों के चलते कुछ लोग एसएसपी आकाश कुलहरि से मिले थे। उन्होंने तर्क भी प्रस्तुत किए। जिन्हें गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश कर दिए हैं।
फरवरी में पुर्व सांसद समर्थकों के साथ शुआट्स में निलंबित किए गए परचित को बहाल कराने गए थे। वहीं पर शुआट्स प्रबंधन और पूर्व सांसद के बीच तीखी नोकझोंक हुई थी। विवाद ज्यादा बढ़ने पर तोड़फोड़ तक हो गई थी। जो कि सीसीटीवी कैमरे में कैद था। आरोप है कि सीसी टीवी में कैद हंगामा की क्लीपिंग को नष्ट करने के उद्देश्य से वहां लगा लैपटाप भी चोरी हो गया था। जिसे बरामद भी दिखा दिया गया था लेकिन उसके सीसीटीवी फुटेज गायब बताए गए थे।
उन दिनों यह प्रकरण ज्यादा गरमाया था। जिसकी जांच एसपी गंगापार रहे शफीक अहमद को सौंपी गई थी। आरोप है कि उन्होंने इस प्रकरण की जांच में लीपापोती की। यहां तक कि लैपटाप बरामद दिखाया गया था, लेकिन उसकी हार्ड डिस्क तथा अन्य सामान बदलने के आरोप लगे हैं। यह भी आरोप है कि पूर्व सांसद के साथ समर्थक काफी संख्या में थे लेकिन कार्रवाई उनके कुछ ही साथियों के खिलाफ की गई है। एसएसपी का कहना है कि नए सिरे विवेचना की जानी है। उसी में स्थिति साफ हो जाएगी कि आरोप सही हैं या फिर पूर्व में लगाई गई चार्जशीट सही थी।
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फरवरी में पुर्व सांसद समर्थकों के साथ शुआट्स में निलंबित किए गए परचित को बहाल कराने गए थे। वहीं पर शुआट्स प्रबंधन और पूर्व सांसद के बीच तीखी नोकझोंक हुई थी। विवाद ज्यादा बढ़ने पर तोड़फोड़ तक हो गई थी। जो कि सीसीटीवी कैमरे में कैद था। आरोप है कि सीसी टीवी में कैद हंगामा की क्लीपिंग को नष्ट करने के उद्देश्य से वहां लगा लैपटाप भी चोरी हो गया था। जिसे बरामद भी दिखा दिया गया था लेकिन उसके सीसीटीवी फुटेज गायब बताए गए थे।
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उन दिनों यह प्रकरण ज्यादा गरमाया था। जिसकी जांच एसपी गंगापार रहे शफीक अहमद को सौंपी गई थी। आरोप है कि उन्होंने इस प्रकरण की जांच में लीपापोती की। यहां तक कि लैपटाप बरामद दिखाया गया था, लेकिन उसकी हार्ड डिस्क तथा अन्य सामान बदलने के आरोप लगे हैं। यह भी आरोप है कि पूर्व सांसद के साथ समर्थक काफी संख्या में थे लेकिन कार्रवाई उनके कुछ ही साथियों के खिलाफ की गई है। एसएसपी का कहना है कि नए सिरे विवेचना की जानी है। उसी में स्थिति साफ हो जाएगी कि आरोप सही हैं या फिर पूर्व में लगाई गई चार्जशीट सही थी।
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