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दोहरे हत्याकांड के बाद मरियाडीह गांव में आरएएफ तैनात
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Sat, 26 Sep 2015 02:15 AM IST
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इलाहाबाद। मरियाडीह गांव में दोहरे हत्याकांड के बाद तनाव का माहौल है। गांव के लोग खासा सहमे हुए हैं। ग्रामीणों में तनाव और आक्रोश को देखते हुए मौके पर आरएफ और पीएसी की तैनाती की गई है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी हालात की मॉनीटरिंग कर रहे हैं।
आबिद इलाके के काफी चर्चित प्रधान हैं। उनकी कई लोगों से रंजिश चल रही है। हत्याकांड को ग्राम प्रधान के चुनाव से भी जोड़ा जा रहा है। कुछ ही महीनों में प्रधान पद पर चुनाव होने वाले हैं। आबिद दोबारा चुनाव की तैयारी कर रहे हैं। ऐसे आशंका जताई जा रही है कि हमलावरों के निशाने पर ग्राम प्रधान आबिद ही थे। जिस ढंग से ताबड़तोड़ फायरिंग की गई उससे जाहिर है कि हमलावर किसी भी कीमत पर आबिद को रास्ते से हटाना चाहते थे।
हमलावर पूरी तैयारी से थे। डन्हें इस बात का अंदाजा था कि आबिद के रहते चुनाव जीतना टेढ़ी खीर साबित होगी। हमलावर पूरी तैयारी के साथ आबिद को रास्ते से हटाने की तैयारी से आए थे। लेकिन संयोग रहा कि आबिद रास्ते में एक रिश्तेदार के घर बकरीद पर सेवईं खाने के लिए उतर गए लेकिन ड्राइवर और चचेरी बहन हमलावरों की गोली का शिकार हो गए। अल्कमा के मौत की खबर सुनकर मायके और ससुराल में कोहराम मच गया। है। अल्कमा दो भाइयो के बीच इकलौती बहन थी। उसकी मौत से भाइयों और मां का रो रोकर हाल खराब है।
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आबिद इलाके के काफी चर्चित प्रधान हैं। उनकी कई लोगों से रंजिश चल रही है। हत्याकांड को ग्राम प्रधान के चुनाव से भी जोड़ा जा रहा है। कुछ ही महीनों में प्रधान पद पर चुनाव होने वाले हैं। आबिद दोबारा चुनाव की तैयारी कर रहे हैं। ऐसे आशंका जताई जा रही है कि हमलावरों के निशाने पर ग्राम प्रधान आबिद ही थे। जिस ढंग से ताबड़तोड़ फायरिंग की गई उससे जाहिर है कि हमलावर किसी भी कीमत पर आबिद को रास्ते से हटाना चाहते थे।
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हमलावर पूरी तैयारी से थे। डन्हें इस बात का अंदाजा था कि आबिद के रहते चुनाव जीतना टेढ़ी खीर साबित होगी। हमलावर पूरी तैयारी के साथ आबिद को रास्ते से हटाने की तैयारी से आए थे। लेकिन संयोग रहा कि आबिद रास्ते में एक रिश्तेदार के घर बकरीद पर सेवईं खाने के लिए उतर गए लेकिन ड्राइवर और चचेरी बहन हमलावरों की गोली का शिकार हो गए। अल्कमा के मौत की खबर सुनकर मायके और ससुराल में कोहराम मच गया। है। अल्कमा दो भाइयो के बीच इकलौती बहन थी। उसकी मौत से भाइयों और मां का रो रोकर हाल खराब है।
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