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बिजली केबल चुराने वाले गिरोह का भंडाफोड़, पांच गिरफ्तार
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Tue, 05 Jun 2018 12:50 AM IST
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झूंसी पुलिस ने शहर से बिजली केबल चुराने वाले गिरोह के पांच सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया। अफसरों का दावा है कि पकड़े गए बदमाशों ने 15 दिन पहले पंत संस्थान के सामने से करीब 50 लाख रुपये का केबल चुराकर दिल्ली में बेच दिया था। उनके पास से 1.55 लाख रुपये और एक हाईड्रा (बड़ी क्रेन) बरामद की गई है। गिरोह के मास्टरमाइंड समेत दो लोग अभी फरार हैं। पुलिस का कहना है कि उनकी तलाश की जा रही है।
एसपी गंगापार सुनील कुमार सिंह ने बताया कि 19 मई को झूंसी स्थित पंत संस्थान के सामने से बिजली विभाग के सात बंडल केबल चोरी हो गए थे। इनकी कीमत लगभग 50 लाख रुपये थी। ठेकेदार राजेश कुमार निवासी सैनी, कौशाम्बी ने अज्ञात में मुकदमा दर्ज कराया था। मामले की जांच पड़ताल में लगी फोर्स को घटनास्थल के पास लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज में एक हाईड्रा दिखी। इंस्पेक्टर जीतेंद्र सिंह ने बताया कि जानकारी जुटाई गई तो मालूम हुआ कि हाईड्रा मुट्ठीगंज स्थित एक एजेंसी से बुक कराई गई थी। वहां पहुंचने पर गाजियाबाद निवासी ट्रांसपोर्टर सरवर आलम और मेजा निवासी रामबहादुर यादव का नाम सामने आए। यह भी पता चला कि हाईड्रा को सरवर ने बुक किया था और इसे रामबहादुर चला कर ले गया। पुलिस के मुताबिक, अभियुक्तों की तलाश की जा रही थी कि मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर शनिवार रात 11 बजे के करीब पांच लोेगों को झूंसी इलाके से ही गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में पता चला कि इसी गिरोह ने 19 मई की रात 50 लाख का केबल चोरी किया था। पुलिस का कहना है कि वारदात का मुख्य साजिशकर्ता मुन्ना और डीसीएम चालक अभी फरार हैं। उनकी तलाश की जा रही है। पकड़े गए अभियुक्तों की निशानदेही पर 1.55 लाख नगद और एक हाईड्रा बरामद की गई।
पुलिस का कहना है कि पकड़े गए अभियुक्तों में सरवर आलम व रामबहादुर के अलावा गाजियाबाद निवासी इनायतुल्ला, धूमनगंज निवासी सर्वेश कुमार शर्मा और दिल्ली निवासी शफीक शामिल हैं। पूछताछ में अभियुक्तों ने बताया कि झूंसी से हाईड्रा के जरिए सात बंडल केबल डीसीएम में लादकर गाजियाबाद ले गए थे। वहां कबाड़ का धंधा करने वाले इनायतुल्ला व शफीक को केबल गलाकर चार लाख रुपये में बेच दी थी। इस पूरे मामले की साजिश अररिया बिहार निवासी मुन्ना ने रची, जो पूर्व में झूंसी इलाके में ही रहकर एक कंपनी के लिए पीएनजी लाइन बिछाने का काम करता था।
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एसपी गंगापार सुनील कुमार सिंह ने बताया कि 19 मई को झूंसी स्थित पंत संस्थान के सामने से बिजली विभाग के सात बंडल केबल चोरी हो गए थे। इनकी कीमत लगभग 50 लाख रुपये थी। ठेकेदार राजेश कुमार निवासी सैनी, कौशाम्बी ने अज्ञात में मुकदमा दर्ज कराया था। मामले की जांच पड़ताल में लगी फोर्स को घटनास्थल के पास लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज में एक हाईड्रा दिखी। इंस्पेक्टर जीतेंद्र सिंह ने बताया कि जानकारी जुटाई गई तो मालूम हुआ कि हाईड्रा मुट्ठीगंज स्थित एक एजेंसी से बुक कराई गई थी। वहां पहुंचने पर गाजियाबाद निवासी ट्रांसपोर्टर सरवर आलम और मेजा निवासी रामबहादुर यादव का नाम सामने आए। यह भी पता चला कि हाईड्रा को सरवर ने बुक किया था और इसे रामबहादुर चला कर ले गया। पुलिस के मुताबिक, अभियुक्तों की तलाश की जा रही थी कि मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर शनिवार रात 11 बजे के करीब पांच लोेगों को झूंसी इलाके से ही गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में पता चला कि इसी गिरोह ने 19 मई की रात 50 लाख का केबल चोरी किया था। पुलिस का कहना है कि वारदात का मुख्य साजिशकर्ता मुन्ना और डीसीएम चालक अभी फरार हैं। उनकी तलाश की जा रही है। पकड़े गए अभियुक्तों की निशानदेही पर 1.55 लाख नगद और एक हाईड्रा बरामद की गई।
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पुलिस का कहना है कि पकड़े गए अभियुक्तों में सरवर आलम व रामबहादुर के अलावा गाजियाबाद निवासी इनायतुल्ला, धूमनगंज निवासी सर्वेश कुमार शर्मा और दिल्ली निवासी शफीक शामिल हैं। पूछताछ में अभियुक्तों ने बताया कि झूंसी से हाईड्रा के जरिए सात बंडल केबल डीसीएम में लादकर गाजियाबाद ले गए थे। वहां कबाड़ का धंधा करने वाले इनायतुल्ला व शफीक को केबल गलाकर चार लाख रुपये में बेच दी थी। इस पूरे मामले की साजिश अररिया बिहार निवासी मुन्ना ने रची, जो पूर्व में झूंसी इलाके में ही रहकर एक कंपनी के लिए पीएनजी लाइन बिछाने का काम करता था।
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