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पांच सौ युवाओं से एक करोड़ की ठगी

Fri, 05 Dec 2014 01:55 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Fri, 05 Dec 2014 01:55 AM IST
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One million five hundred youth swindle
इलाहाबाद। नौकरी दिलाने के नाम पर लखनऊ की मान्यवर कांशीराम एजूकेशन ट्रस्ट नाम की संस्था ने इलाहाबाद के भोलेभाले युवाओं के साथ ठगी की और पांच सौ युवाओं के 20-20 हजार रुपये लेकर चंपत हो गई।
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संस्था ने अशिक्षित बच्चों के लिए ग्राम सभा स्तर पर केंद्र शुरू करने और भर्ती के लिए विज्ञापन इंटरनेट पर जारी किया था। लोगों को शक न हो, इसलिए रुपये ड्राफ्ट के माध्यम से लिए गए और राजर्षि टंडन मंडपम सभागार में प्रशिक्षण कार्यक्रम भी आयोजित किया गया था।
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समय बीतता गया लेकिन जब संस्था की तरफ से संपर्क नहीं साधा गया तो लोगों को धोखे का पता चला। संस्था के लोगों से जब संपर्क नहीं हो पाया तो मेजा के रहने वाले वकील राजेश कुमार तिवारी ने कांशीराम एजूकेशन ट्रस्ट के प्रबंधक रत्नाकर उपाध्याय, निदेशक साहनी, कर्मचारी अजय कुमार एवं 10-12 अन्य के खिलाफ बुधवार को कोतवाली थाने में धोखाधड़ी की धाराओं में एफआईआर दर्ज करवा दी।
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वकील राजेश के मुताबिक इंटरनेट पर विज्ञापन देखकर उनके सगे भाई अखिलेश, रमेश, राकेश तथा पत्नी मेघा ने भी आवेदन किया था। विज्ञापन में 14600 तथा 16800 रुपये मासिक वेतन देने की बात कही गई थी। आवेदकों से मान्यवर कांशीराम एजूकेशन ट्रस्ट के नाम से देय ड्राफ्ट लिया गया था।
लोगों को शक न हो, इसलिए कुछ माह पूर्व राजर्षि टंडन मंडपम में प्रशिक्षण कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया था। इसमें प्रशिक्षण के नाम पर सिर्फ ड्राफ्ट ही लिया गया। आवेदकों से कहा गया था कि उनको पढ़ाई बीच में छोड़ चुके बच्चों को केंद्र तक लाना है और शिक्षित करना है।

राजेश कुमार के मुताबिक प्रशिक्षण में जिले के पांच सौ बेरोजगारों ने हिस्सा लिया था। उनका आरोप है कि संस्था बेरोजगारों के एक करोड़ रुपये समेटकर चंपत हो गई है। रुपये ट्रांसफर होते ही संस्था से जुड़े सारे लोगों के मोबाइल भी बंद हो गए। आशंका जताई जा रही है कि संस्था के साथ-साथ उससे जुड़े लोगों के नाम, पते भी फर्जी हों। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
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