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छात्रा की मौत पर उपद्रव, पथराव और आगजनी
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Tue, 22 Nov 2016 01:53 AM IST
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इलाहाबाद
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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तेलियरगंज में सोमवार शाम बीए की छात्रा मोनिका राणा की डग्गामार बस से कुचलकर मौत के बाद भारी उत्पात हुआ। बेकाबू बस ने एक बाइक और साइकिल में भी टक्कर मारी, जिससे तीन लोग गंभीर घायल हुए। पुलिस से गुस्साए लोगों और आसपास के लॉज में रहने वाले छात्रों ने करीब एक किलोमीटर तक सड़क पर तीन घंटे आगजनी, तोड़फोड़ और पथराव किया। भीड़ ने छह बस, एक टैंकर, चार बाइक और कुछ गुमटियां जला डालीं। सड़क पर दर्जनों गाड़ियों को तोड़ डाला। शुरू मेें उपद्रवियों से घिरने पर पुलिस को हवाई फायरिंग भी करनी पड़ी। दो दर्जन थानों की पुलिस फोर्स, पीएसी, आरएएफ ने बवाल कर रहे लोगों को गलियों में खदेड़कर छात्रा का शव सड़क से जबरन उठाया। देर रात एक गली में फिर आगजनी की गई।
मूल रूप से लखीमपुर खीरी जनपद की अर्चना राणा वर्ष 2008 से इलाहाबाद में जिलाधिकारी कार्यालय में लिपिक है। वह पति अमित और दो छोटी बहनों बीए अंतिम वर्ष की छात्रा मिथिलेश (21) तथा बीएम प्रथम वर्ष की छात्रा मोनिका (19) के साथ तेलियरगंज में टीबी अस्पताल के सामने कॉलोनी में रहती हैं। उनके माता-पिता लखीमपुर खीरी में हैं। दोनों छोटी बहन मिथिलेश और मोनिका सिविल लाइंस में प्रयाग संगीत समिति में पियानो सीखने जाती थीं। सोमवार शाम भी संगीत समिति से लौटकर वे दोनों टेंपो से टीबी अस्पताल के सामने उतरीं।
कुछ देर वहां ठहरने के बाद दोनों सड़क पार कर कॉलोनी की तरफ बढ़ीं, तभी शहर से प्रतापगढ़ की तरफ जा रही निजी बस ने पहले साइकिल और बाइक सवार तीन लोगों को चपेट में लिया, फिर सड़क पार कर रहीं मोनिका को कुचल दिया। मोनिका का सिर बस के नीचे आ गया। साइकिल और बाइक को कुछ दूर घसीटने के बाद ड्राइवर बस से उतरकर भाग गया। आरोप है कि छात्रा की मौत और साइकिल और बाइक सवार तीन लोगों के घायल होने के बावजूद कुछ दूर पर मौजूद पुलिसवाले भाग गए। काफी देर तक पुलिस नहीं आई तो लोग भड़क गए। चक्काजाम करने के बाद पथराव कर दिया। पहले कुचलने वाली बस को जलाया। इसके बाद तेलियरगंज बाजार और चुंगी तक पथराव शुरू कर दिया। बवाल में स्थानीय लोगों के साथ लॉजों-मकानों में रहने वाले सैकड़ों छात्र शामिल हो गए।
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तीन घंटे के भीतर भीड़ ने तेलियरगंज चुंगी से मुख्य बाजार तक एक निजी और पांच रोडवेज बस, एक डीजल टैंकर तथा चार बाइक को आग के हवाले कर दिया। दर्जनों कार, जीप, ट्रक, बस को पथराव कर तोड़ा। कई गुमटियां तहस-नहस कीं और जला दीं। दो थानों की पुलिस फोर्स के साथ सीओ कर्नलगंज और एसपी सिटी विपिन टांडा पहुंचे तो उपद्रवियों ने पथराव कर खदेड़ लिया। पुलिस को हवाई फायरिंग कर पीछे हटना पड़ा। करीब साढे़ आठ बजे शहर और देहात से दो दर्जन थानों का पुलिस बल, पीएसी, पुलिस लाइन से अतिरिक्त फोर्स, रैपिड एक्शन फोर्स के साथ डीएम संजय कुमार, एसएसपी शलभ माथुर, डीआईजी विजय यादव, कई एएसपी और सीओ पहुंचे तो उपद्रवियों को खदेड़कर स्थिति संभाली जा सकी।
पुलिस-प्रशासनिक अधिकारियों और शव के पास मौजूद लोगों के बीच करीब घंटे भर तक कहासुनी होती रही। जब लोग किसी तरह शांत होते नहीं दिखे तो आखिरकार पुलिस ने सख्त रवैया अपनाते हुए वहां मौजूद लोगों को लाठी पटक भगाया, तब जाकर मोनिका का शव उठाया जा सका।
‘छात्रा की मौत से नाराज लोगों ने पुलिस तथा शिवकुटी के थानाध्यक्ष पर लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए हैं। साथ ही डिवाइडर बनाने की मांग की। डिवाइडर जल्द ही बना दिया जाएगा। साथ ही इस घटना में पुलिस भूमिका की जांच के बाद कार्रवाई होगी। आगजनी और बवाल करने वाले लोगों को भी मुकदमा लिखकर चिह्नित करने के बाद गिरफ्तारी की जाएगी।’
-संजय कुमार, जिलाधिकारी
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मूल रूप से लखीमपुर खीरी जनपद की अर्चना राणा वर्ष 2008 से इलाहाबाद में जिलाधिकारी कार्यालय में लिपिक है। वह पति अमित और दो छोटी बहनों बीए अंतिम वर्ष की छात्रा मिथिलेश (21) तथा बीएम प्रथम वर्ष की छात्रा मोनिका (19) के साथ तेलियरगंज में टीबी अस्पताल के सामने कॉलोनी में रहती हैं। उनके माता-पिता लखीमपुर खीरी में हैं। दोनों छोटी बहन मिथिलेश और मोनिका सिविल लाइंस में प्रयाग संगीत समिति में पियानो सीखने जाती थीं। सोमवार शाम भी संगीत समिति से लौटकर वे दोनों टेंपो से टीबी अस्पताल के सामने उतरीं।
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कुछ देर वहां ठहरने के बाद दोनों सड़क पार कर कॉलोनी की तरफ बढ़ीं, तभी शहर से प्रतापगढ़ की तरफ जा रही निजी बस ने पहले साइकिल और बाइक सवार तीन लोगों को चपेट में लिया, फिर सड़क पार कर रहीं मोनिका को कुचल दिया। मोनिका का सिर बस के नीचे आ गया। साइकिल और बाइक को कुछ दूर घसीटने के बाद ड्राइवर बस से उतरकर भाग गया। आरोप है कि छात्रा की मौत और साइकिल और बाइक सवार तीन लोगों के घायल होने के बावजूद कुछ दूर पर मौजूद पुलिसवाले भाग गए। काफी देर तक पुलिस नहीं आई तो लोग भड़क गए। चक्काजाम करने के बाद पथराव कर दिया। पहले कुचलने वाली बस को जलाया। इसके बाद तेलियरगंज बाजार और चुंगी तक पथराव शुरू कर दिया। बवाल में स्थानीय लोगों के साथ लॉजों-मकानों में रहने वाले सैकड़ों छात्र शामिल हो गए।
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तीन घंटे के भीतर भीड़ ने तेलियरगंज चुंगी से मुख्य बाजार तक एक निजी और पांच रोडवेज बस, एक डीजल टैंकर तथा चार बाइक को आग के हवाले कर दिया। दर्जनों कार, जीप, ट्रक, बस को पथराव कर तोड़ा। कई गुमटियां तहस-नहस कीं और जला दीं। दो थानों की पुलिस फोर्स के साथ सीओ कर्नलगंज और एसपी सिटी विपिन टांडा पहुंचे तो उपद्रवियों ने पथराव कर खदेड़ लिया। पुलिस को हवाई फायरिंग कर पीछे हटना पड़ा। करीब साढे़ आठ बजे शहर और देहात से दो दर्जन थानों का पुलिस बल, पीएसी, पुलिस लाइन से अतिरिक्त फोर्स, रैपिड एक्शन फोर्स के साथ डीएम संजय कुमार, एसएसपी शलभ माथुर, डीआईजी विजय यादव, कई एएसपी और सीओ पहुंचे तो उपद्रवियों को खदेड़कर स्थिति संभाली जा सकी।
पुलिस-प्रशासनिक अधिकारियों और शव के पास मौजूद लोगों के बीच करीब घंटे भर तक कहासुनी होती रही। जब लोग किसी तरह शांत होते नहीं दिखे तो आखिरकार पुलिस ने सख्त रवैया अपनाते हुए वहां मौजूद लोगों को लाठी पटक भगाया, तब जाकर मोनिका का शव उठाया जा सका।
‘छात्रा की मौत से नाराज लोगों ने पुलिस तथा शिवकुटी के थानाध्यक्ष पर लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए हैं। साथ ही डिवाइडर बनाने की मांग की। डिवाइडर जल्द ही बना दिया जाएगा। साथ ही इस घटना में पुलिस भूमिका की जांच के बाद कार्रवाई होगी। आगजनी और बवाल करने वाले लोगों को भी मुकदमा लिखकर चिह्नित करने के बाद गिरफ्तारी की जाएगी।’
-संजय कुमार, जिलाधिकारी