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नेहा के लिए फांसी का फंदा बन गया खुशी का झूला
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Sat, 28 Jan 2017 02:45 AM IST
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रास्ते के विवाद में गई महिला की जान
- फोटो : demo pic
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इलाके के डोहरिया (मोतीकापूरा) गांव में बृहस्पतिवार शाम को गणतंत्र दिवस के अवसर पर एक छोटे आम के पेड़ में साड़ी डालकर झूल रही बालिका के गले में फंदा कस जाने से उसकी मौत हो गई। दर्दनाक मौत से बदहवास हुए परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। बालिका यहां अपनी बहन के यहां आई हुई थी। डोहरिया (मोतीकापूरा) गांव के मनीष सिंह पटेल बेजुबान है। उनकी ससुराल कौशांबी में है। उनके साले की बेटी नेहा (9) कई दिनों से उनके घर आई थी। नेहा बृहस्पतिवार शाम मनीष के दो नन्हें-नन्हें बच्चों के साथ घर के पास आम के छोटेसे पेड़ में साड़ी डालकर झूला डाल रखी थी।
पहले मनीष के दोनों बच्चों को झूला पर बैठाकर झुलाई फिर स्वयं झूलने लगी। कुछ ही देर में साड़ी का झूला घूमते हुए इस कदर कसता गया कि नेहा का गला कस गया। वह बचाने की गुहार लगाती रही लेकिन वहां मौजूद दोनों नन्हे बच्चे कुछ नहीं कर सके। गला दबने से उसकी मौत हो गई। कुछ देर बाद उधर से गुजर रहे फेरीवाले नेहा सिर लटकता और गला कसा देखा तो घर के लोगों को जानकारी दी। साड़ी काटकर नेहा को निकाला गया और तत्काल रामनगर सीएचसी लाया गया। मगर अधीक्षक डॉ. शैलेश दुबे ने उसे मृत घोषित कर दिया। हादसे की जानकारी नेहा के घर कौशांबी दी गई तो चार घंटे बाद सभी लोग आ गए। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था।
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पहले मनीष के दोनों बच्चों को झूला पर बैठाकर झुलाई फिर स्वयं झूलने लगी। कुछ ही देर में साड़ी का झूला घूमते हुए इस कदर कसता गया कि नेहा का गला कस गया। वह बचाने की गुहार लगाती रही लेकिन वहां मौजूद दोनों नन्हे बच्चे कुछ नहीं कर सके। गला दबने से उसकी मौत हो गई। कुछ देर बाद उधर से गुजर रहे फेरीवाले नेहा सिर लटकता और गला कसा देखा तो घर के लोगों को जानकारी दी। साड़ी काटकर नेहा को निकाला गया और तत्काल रामनगर सीएचसी लाया गया। मगर अधीक्षक डॉ. शैलेश दुबे ने उसे मृत घोषित कर दिया। हादसे की जानकारी नेहा के घर कौशांबी दी गई तो चार घंटे बाद सभी लोग आ गए। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था।
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