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नैनी में कमरे से मिला बमों का जखीरा
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Sun, 11 Oct 2015 01:48 AM IST
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नैनी। पंजाबी हाता में धमाके के पांच रोज बाद पुलिस ने नैनी में ही चक भटाही इलाके के एक कमरे से बमों का जखीरा बरामद किया है। किराए के कमरे में नौ बोरियों में सैकड़ों मिनी बम बरामद हुए हैं। पुलिस ने बम डिस्पोजल स्कवॉयड को बुलाकर सारे बम पानी में डाल निष्क्रिय करा दिए। हालांकि अफवाह थी खतरनाक विस्फोटक बरामद हुए हैं लेकिन जांच में ऐसा नहीं निकला।
यह भी पता चला है कि ये बम पंजाबी हाता के मकान में मारे गए महताब ने अपने पिता मनोज उर्फ सलीम के साथ तैयार किए थे। पुलिस ने किराए के कमरे में बमों का जखीरा रखने वाले व्यक्ति को पकड़ लिया है। उसने भी पूछताछ में कबूला है कि मनोज ने ही उसे दीवाली पर दुकानों में सप्लाई करने के लिए बमों की खेप दी थी।
चक भटाही में रहने वाले दुलारे पटेल ने किराने की दुकान खोल रखी हैं। वहीं कुछ दूर पर उसने चाऊमीन बनाने का कारखाना भी लगा रखा है। कारखाना के सामने ही हीरालाल यादव के घर के एक कमरे को किराए पर लेकर उसने चाऊमीन रखने का गोदाम बना रखा है। दुकान और चाऊमीन के व्यवसाय में दुलारे का भाई अजय भी हाथ बंटाता है। शनिवार सुबह नैनी पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि चक भटाही में किराने की दुकान चलाने वाला अजय पटेल बोरी में बारूद लेकर जा रहा है।
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पुलिस ने मौके पर जाकर अजय पटेल को पकड़ा तो उसके पास दो बोरियों में छह पैकेट में छोटे-छोटे बम दिखे। अजय ने कहा कि वे पटकने पर जोर की आवाज के साथ फटने वाले पटाखे हैं। इस पर पुलिस ने अजय को थाने भेजकर बम डिस्पोजल स्कवॉयड को खबर दी। पुलिस ने गोदाम की खातिर किराए पर लिए गए कमरे की तलाशी ली तो वहां कई और बोरियों में रखे पैकेटों में वैसे ही बम भरे दिखे। करीब तीन बजे बम डिस्पोजल स्कवॉयड ने आकर बोरियों में भरे सैकड़ों बम चेक किए। फिर सभी बम पानी भरे ड्रम में डालकर निष्क्रिय कर दिए। बीडीएस का कहना है कि गंधक में गिट्टी-कंकड़ मिलाकर ये छोटे-छोटे बम बांधे गए हैं, जिन्हें लोग पटकउआ बोलते हैं।
अजय ने पूछताछ में कुबूला कि उसे ये बम मनोज उर्फ सलीम ने दिए थे। शुक्रवार को वह बमों की खेप नैनी इलाके की दुकानों में पहुंचाने जा रहा था तभी पकड़ा गया। पुलिस का कहना है कि बिना लाइसेंस के पटाखा के नाम पर बम बनाकर अवैध रूप से चाऊमीन गोदाम में रखा गया था। धमाका होने पर पंजाबी हाता की तरह भारी तबाही मच सकती थी। अजय ने यह भी बताया कि मंगलवार सुबह धमाके के बाद वह घायल मनोज और दुर्गा को शहर में अटाला तक छोड़ने गया था। नैनी थाने की पुलिस ने बताया कि अजय पटेल के खिलाफ एफआईआर लिखी जा रही है।
पंजाबी हाता के मकान में जबरदस्त धमाके में तीन लोगों की मौत की घटना में पुलिसवालों की लापरवाही उजागर हो चुकी है। अब तो यह भी पता चल रहा है कि किराए पर रहकर पटाखों का अवैध कारोबार करने वाले मनोज उर्फ सलीम के पास कई पुलिसवालों का आना-जाना रहा है। अरैल में लूट की वारदात में मनोज उर्फ सलीम के पुत्र महताब की गिरफ्तारी के बाद तो नैनी थाने के दो कारखास सिपाही भी वहां पहुंचने लगे थे।
उनमें से एक सिपाही को तो अक्सर मकान में जाते देखा गया। दूसरे थाने में तबादले के बाद भी एक सिपाही का मनोज से मिलना-जुलना बना था। आसपास के लोगों का कहना है कि ये सिपाही दावत उड़ाने और अय्याशी के लिए मनोज उर्फ सलीम से यारी किए हुए थे। कुछ समय पहले मनोज ने एक सिपाही की गुस्से में आकर पिटाई भी कर दी थी। धमाके के बाद मनोज पकड़ा गया तो नैनी थाने के एक सिपाही ने उसे इसी खुन्नस में पीटा भी था।
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यह भी पता चला है कि ये बम पंजाबी हाता के मकान में मारे गए महताब ने अपने पिता मनोज उर्फ सलीम के साथ तैयार किए थे। पुलिस ने किराए के कमरे में बमों का जखीरा रखने वाले व्यक्ति को पकड़ लिया है। उसने भी पूछताछ में कबूला है कि मनोज ने ही उसे दीवाली पर दुकानों में सप्लाई करने के लिए बमों की खेप दी थी।
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चक भटाही में रहने वाले दुलारे पटेल ने किराने की दुकान खोल रखी हैं। वहीं कुछ दूर पर उसने चाऊमीन बनाने का कारखाना भी लगा रखा है। कारखाना के सामने ही हीरालाल यादव के घर के एक कमरे को किराए पर लेकर उसने चाऊमीन रखने का गोदाम बना रखा है। दुकान और चाऊमीन के व्यवसाय में दुलारे का भाई अजय भी हाथ बंटाता है। शनिवार सुबह नैनी पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि चक भटाही में किराने की दुकान चलाने वाला अजय पटेल बोरी में बारूद लेकर जा रहा है।
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पुलिस ने मौके पर जाकर अजय पटेल को पकड़ा तो उसके पास दो बोरियों में छह पैकेट में छोटे-छोटे बम दिखे। अजय ने कहा कि वे पटकने पर जोर की आवाज के साथ फटने वाले पटाखे हैं। इस पर पुलिस ने अजय को थाने भेजकर बम डिस्पोजल स्कवॉयड को खबर दी। पुलिस ने गोदाम की खातिर किराए पर लिए गए कमरे की तलाशी ली तो वहां कई और बोरियों में रखे पैकेटों में वैसे ही बम भरे दिखे। करीब तीन बजे बम डिस्पोजल स्कवॉयड ने आकर बोरियों में भरे सैकड़ों बम चेक किए। फिर सभी बम पानी भरे ड्रम में डालकर निष्क्रिय कर दिए। बीडीएस का कहना है कि गंधक में गिट्टी-कंकड़ मिलाकर ये छोटे-छोटे बम बांधे गए हैं, जिन्हें लोग पटकउआ बोलते हैं।
अजय ने पूछताछ में कुबूला कि उसे ये बम मनोज उर्फ सलीम ने दिए थे। शुक्रवार को वह बमों की खेप नैनी इलाके की दुकानों में पहुंचाने जा रहा था तभी पकड़ा गया। पुलिस का कहना है कि बिना लाइसेंस के पटाखा के नाम पर बम बनाकर अवैध रूप से चाऊमीन गोदाम में रखा गया था। धमाका होने पर पंजाबी हाता की तरह भारी तबाही मच सकती थी। अजय ने यह भी बताया कि मंगलवार सुबह धमाके के बाद वह घायल मनोज और दुर्गा को शहर में अटाला तक छोड़ने गया था। नैनी थाने की पुलिस ने बताया कि अजय पटेल के खिलाफ एफआईआर लिखी जा रही है।
पंजाबी हाता के मकान में जबरदस्त धमाके में तीन लोगों की मौत की घटना में पुलिसवालों की लापरवाही उजागर हो चुकी है। अब तो यह भी पता चल रहा है कि किराए पर रहकर पटाखों का अवैध कारोबार करने वाले मनोज उर्फ सलीम के पास कई पुलिसवालों का आना-जाना रहा है। अरैल में लूट की वारदात में मनोज उर्फ सलीम के पुत्र महताब की गिरफ्तारी के बाद तो नैनी थाने के दो कारखास सिपाही भी वहां पहुंचने लगे थे।
उनमें से एक सिपाही को तो अक्सर मकान में जाते देखा गया। दूसरे थाने में तबादले के बाद भी एक सिपाही का मनोज से मिलना-जुलना बना था। आसपास के लोगों का कहना है कि ये सिपाही दावत उड़ाने और अय्याशी के लिए मनोज उर्फ सलीम से यारी किए हुए थे। कुछ समय पहले मनोज ने एक सिपाही की गुस्से में आकर पिटाई भी कर दी थी। धमाके के बाद मनोज पकड़ा गया तो नैनी थाने के एक सिपाही ने उसे इसी खुन्नस में पीटा भी था।