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‘पार्टी’ में तैयार किया वकील की हत्या का परवाना
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Sun, 01 Jul 2018 01:04 AM IST
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इलाहाबाद
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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वकील हत्याकांड का मुख्य आरोपी सदाशिव करोड़ों की बेशकीमती जमीन यूं हाथ से जाता देख बौखला गया था। उसने अपने साथियों के साथ मिलकर उन्हें रास्ते से हटाने के लिए पूरी सेटिंग की। मर्डर में शामिल दोनों शूटरों और षड्यंत्र रचने वालों की 24 जून की रात सदाशिव के ईंट भट्ठे पर पार्टी हुई। साजिश रचने के बाद सदाशिव रात में दो बजे अपनी पत्नी को लेकर आगरा निकल गया ताकि उस पर किसी को शक न हो। हालांकि उसके मोबाइल काल डीटेल्स ने उसकी मंशा पर पानी फेर दिया।
गद्दोपुर के सदाशिव के साथ राम नरेश उर्फ नेता, रमेश पासी और हाशिम बाबा भी प्रापर्टी का धंधा करते हैं। विवादित जमीनों को खरीदना और बेचना सदाशिव का मुख्य काम है। एसपी गंगापार सुनील कुमार सिंह ने बताया कि वकील लाल बचन से परेशान होकर सबसे पहले सदाशिव ने राम नरेश उर्फ नेता से कहा। राम नरेश, रमेश पासी, दानिश और हाशिम बाबा ने शूटरों रवि कनौजिया और रजनीकांत पासी से संपर्क कर उन्हें सदाशिव से मिलवाया। हत्या का षड्यंत्र दो महीने पहले ही तैयार कर लिया गया था। लाल बचन भी धमकी के बाद सतर्क हो गए थे। वह कार से आने जाने लगे थे। शूटरों ने कई बार रेकी की लेकिन हर बार वह बच निकले।
24 जून की रात में सदाशिव र्के इंट भट्ठे पर एक बार फिर सभी जुटे। दारू मुर्गे की पार्टी में तय किया गया कि सोमवार को लाल बचन जरूर तहसील जाएंगे। काम हो जाना चाहिए। शूटरों से सदाशिव ने कहा कि वकील के सिर में गोली मारना ताकि बचने का कोई चांस न हो। शूटर रवि और रजनीकांत ने इस पर हामी भरी वहीं रुक गए। पूरी सेटिंग के बाद सदाशिव अपनी पत्नी को लेकर रात में ही गाड़ी से आगरा के लिए निकल गया। अगली सुबह रमेश पासी वकील लाल बचन के घर के आस पास लग गया। दोनों शूटर हाईवे पर सुबह आठ बजे से ही बाइक से घूमने लगे। दस बजे के बाद रमेश ने सूचना दी कि वह निकल गए हैं। शूटरों ने देखा कि वकील ने हेलमेट लगाया है। इस कारण वे सिर में गोली नहीं मार सके। वकील को चलती गाड़ी से बाईं तरफ पीठ में गोली मारी गई। इसके बाद शूटर भाग निकले।
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वकील की हत्या का षड्यंत्र रचने के बाद सदाशिव यहां से आगरा निकला तो रास्ते में जितने टोल मिलते वह वहां खड़ा होकर कैमरे के सामने जरूर आता। इसके बाद वह आगरा पहुंचा और वहां भी कई कैमरे वाली जगह खरीदारी की ताकि यह सिद्ध हो सके कि वह घटना वाले दिन इलाहाबाद में नहीं था। दूसरे दिन उसकी पुलिस से बात भी हुई। उसने जल्द ही आने को कहा फिर अपना मोबाइल और सिम बदल लिया लेकिन पुलिस ने सर्विलांस के माध्यम से उसका नया नंबर खोज निकाला। जब अखबारों में उसका नाम छपा तो वह दिल्ली की ओर भाग निकला। वहीं पर वह पुलिस के हत्थे चढ़ गया।
अधिवक्ता लाल बचन और मुख्य आरोपी सदाशिव उर्फ छोटे बच्चा कभी अच्छे दोस्त हुआ करते थे। यहां तक कि सदाशिव की जमीन से जुड़े तमाम मुकदमे भी लाल बचन ही देखा करते थे। गद्दोपुर में करोड़ों की जमीन के मामले से दोनों के संबंधों में खटास आ गई। दरअसल सदाशिव ने डेढ़ दो करोड़ की जिस जमीन को दस लाख में बैमाना करा लिया था, लाल बचन उसके विपक्षी का मामला देखने लगे। सदाशिव ने उन्हें मना किया लेकिन वह नहीं माने। वकील का कहना था कि दूसरे पक्ष से उनकी बात हो गई है। अब वह बात नहीं खराब कर सकते। यही बात बढ़ती चली गई। जब 18 जून को करोड़ों की जमीन का बैनामा निरस्त हो गया तो सदाशिव बौखला गया। उसी दिन उसने सहयोगियों से बात कर लाल बचन की हत्या के लिए सुपारी दे दी थी।
पुलिस ने शनिवार को सदाशिव के साथ उसकी पत्नी कंचन और रमेश पासी की पत्नी राधा देवी को भी गिरफ्तार कर लिया। पुलिस का कहना है कि दोनों को पहले दिन से घटना के बारे में जानकारी दी। कई बार सदाशिव और रमेश के घरों पर आरोपियों की बैठकी हुई। दोनों ने न सिर्फ उनका सहयोग किया बल्कि षड्यंत्र की पुलिस को सूचना भी नहीं दी। सदाशिव की पत्नी तो उसके साथ आगरा भी गई। उसके छिपने में भी उसकी मदद की। इसी कारण दोनों को गिरफ्तार किया गया है।
सदाशिव का सहयोगी हरीशचंद्र वकील की हत्या से पहले ही कचहरी आ गया था। यहां पर उसने एक एटीएम से 1000 रुपये निकलवाए और कचहरी के पास खड़ा कर इंतजार करने लगा कि लाल बचन की हत्या की खबर आते ही वकील प्रदर्शन करने लगेंगे तो वह सूचना देगा। जब वकील एसएसपी आफिस पर जुटे तब तक वह वहीं खड़ा रहा। जब वकील यहां से हटे तब उसने सहयोगियों को फोन कर यहां की पूरी जानकारी दी।
गिरफ्तार
1- सदाशिव यादव उर्फ छोटे बच्चा-गद्दोपुर सोरांव : वकील हत्याकांड का मुख्य आरोपी। इसी ने सहयोगियों के माध्यम से सुपारी दी और वकील की हत्या कराई।
2-हरिश्चंद्र गुप्ता- उंचवागढ़ी कैंट : सदाशिव का प्रमुख सहयोगी। पुराने अपराधी हरिश्चंद्र इस समय सदाशिव के लिए जमीन की खरीद फरोख्त का धंधा करता है।
3-दानिश-मुबारकपुर, नवाबगंज : प्रमुख षड्यंत्रकारियों में से एक। शूटरों को गांव तक लाने, उनके रहने का इंतजाम करने और रेकी में भूमिका। कई मुकदमे दर्ज।
4- कंचन यादव-गद्दोपुर सोरांव : सदाशिव की पत्नी। पुलिस का कहना है कि उसकी जानकारी में पूरा षड्यंत्र रचा गया। सदाशिव को सहयोग करने और छिपने में मदद करना।
5- राधा देवी-, अकबरपुर, नवाबगंज : सदाशिव के प्रमुख सहयोगी रमेश पासी की पत्नी। उसके घर पर भी कई बार आरोपी गए। घटना की पहले से ही पूरी जानकारी।
वांटेड
1- रवि कनौजिया-पोंगहट पुल, धूमनगंज : शातिर अपराधी और शूटर। रवि के ऊपर कई मुकदमे दर्ज हैं। भाड़े पर हत्या करने का एक्सपर्ट। कई घटनाओं में आ चुका है नाम।
2- रजनीकांत पासी-स्वराजनगर, शिवकुटी : शातिर अपराधी और भाड़े का हत्यारा। कहा जा रहा है कि रजनीकांत ने वकील लाल बचन को गोली मारी। कई घटनाओं में है आरोपी।
3-रमेश पासी-अकबरपुर, नवाबगंज : सदाशिव का सहयोगी। जमीन की खरीद फरोख्त का काम। वकील हत्याकांड में सहयोगी की मुख्य भूमिका। कई अपराधों में नाम।
4-राम नरेश यादव उर्फ नेता-मूसेपुर, नवाबगंज : नेतागीरी करता है और सदाशिव के लिए जमीन की खरीद फरोख्त का काम भी। इसी ने रमेश और हाशिम के साथ दोनों शूटरों को सदाशिव से मिलवाया।
5-हाशिम उर्फ बाबा, चकिया, हाल पता अकबरपुर, नवाबगंज । पुराना अपराधी। उम्रकैद का सजायाफ्ता, हाईकोर्ट से मिली है जमानत। शूटरों को सदाशिव से मिलवाने में मदद।
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गद्दोपुर के सदाशिव के साथ राम नरेश उर्फ नेता, रमेश पासी और हाशिम बाबा भी प्रापर्टी का धंधा करते हैं। विवादित जमीनों को खरीदना और बेचना सदाशिव का मुख्य काम है। एसपी गंगापार सुनील कुमार सिंह ने बताया कि वकील लाल बचन से परेशान होकर सबसे पहले सदाशिव ने राम नरेश उर्फ नेता से कहा। राम नरेश, रमेश पासी, दानिश और हाशिम बाबा ने शूटरों रवि कनौजिया और रजनीकांत पासी से संपर्क कर उन्हें सदाशिव से मिलवाया। हत्या का षड्यंत्र दो महीने पहले ही तैयार कर लिया गया था। लाल बचन भी धमकी के बाद सतर्क हो गए थे। वह कार से आने जाने लगे थे। शूटरों ने कई बार रेकी की लेकिन हर बार वह बच निकले।
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24 जून की रात में सदाशिव र्के इंट भट्ठे पर एक बार फिर सभी जुटे। दारू मुर्गे की पार्टी में तय किया गया कि सोमवार को लाल बचन जरूर तहसील जाएंगे। काम हो जाना चाहिए। शूटरों से सदाशिव ने कहा कि वकील के सिर में गोली मारना ताकि बचने का कोई चांस न हो। शूटर रवि और रजनीकांत ने इस पर हामी भरी वहीं रुक गए। पूरी सेटिंग के बाद सदाशिव अपनी पत्नी को लेकर रात में ही गाड़ी से आगरा के लिए निकल गया। अगली सुबह रमेश पासी वकील लाल बचन के घर के आस पास लग गया। दोनों शूटर हाईवे पर सुबह आठ बजे से ही बाइक से घूमने लगे। दस बजे के बाद रमेश ने सूचना दी कि वह निकल गए हैं। शूटरों ने देखा कि वकील ने हेलमेट लगाया है। इस कारण वे सिर में गोली नहीं मार सके। वकील को चलती गाड़ी से बाईं तरफ पीठ में गोली मारी गई। इसके बाद शूटर भाग निकले।
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अधिवक्ता लाल बचन और मुख्य आरोपी सदाशिव उर्फ छोटे बच्चा कभी अच्छे दोस्त हुआ करते थे। यहां तक कि सदाशिव की जमीन से जुड़े तमाम मुकदमे भी लाल बचन ही देखा करते थे। गद्दोपुर में करोड़ों की जमीन के मामले से दोनों के संबंधों में खटास आ गई। दरअसल सदाशिव ने डेढ़ दो करोड़ की जिस जमीन को दस लाख में बैमाना करा लिया था, लाल बचन उसके विपक्षी का मामला देखने लगे। सदाशिव ने उन्हें मना किया लेकिन वह नहीं माने। वकील का कहना था कि दूसरे पक्ष से उनकी बात हो गई है। अब वह बात नहीं खराब कर सकते। यही बात बढ़ती चली गई। जब 18 जून को करोड़ों की जमीन का बैनामा निरस्त हो गया तो सदाशिव बौखला गया। उसी दिन उसने सहयोगियों से बात कर लाल बचन की हत्या के लिए सुपारी दे दी थी।
पुलिस ने शनिवार को सदाशिव के साथ उसकी पत्नी कंचन और रमेश पासी की पत्नी राधा देवी को भी गिरफ्तार कर लिया। पुलिस का कहना है कि दोनों को पहले दिन से घटना के बारे में जानकारी दी। कई बार सदाशिव और रमेश के घरों पर आरोपियों की बैठकी हुई। दोनों ने न सिर्फ उनका सहयोग किया बल्कि षड्यंत्र की पुलिस को सूचना भी नहीं दी। सदाशिव की पत्नी तो उसके साथ आगरा भी गई। उसके छिपने में भी उसकी मदद की। इसी कारण दोनों को गिरफ्तार किया गया है।
सदाशिव का सहयोगी हरीशचंद्र वकील की हत्या से पहले ही कचहरी आ गया था। यहां पर उसने एक एटीएम से 1000 रुपये निकलवाए और कचहरी के पास खड़ा कर इंतजार करने लगा कि लाल बचन की हत्या की खबर आते ही वकील प्रदर्शन करने लगेंगे तो वह सूचना देगा। जब वकील एसएसपी आफिस पर जुटे तब तक वह वहीं खड़ा रहा। जब वकील यहां से हटे तब उसने सहयोगियों को फोन कर यहां की पूरी जानकारी दी।
गिरफ्तार
1- सदाशिव यादव उर्फ छोटे बच्चा-गद्दोपुर सोरांव : वकील हत्याकांड का मुख्य आरोपी। इसी ने सहयोगियों के माध्यम से सुपारी दी और वकील की हत्या कराई।
2-हरिश्चंद्र गुप्ता- उंचवागढ़ी कैंट : सदाशिव का प्रमुख सहयोगी। पुराने अपराधी हरिश्चंद्र इस समय सदाशिव के लिए जमीन की खरीद फरोख्त का धंधा करता है।
3-दानिश-मुबारकपुर, नवाबगंज : प्रमुख षड्यंत्रकारियों में से एक। शूटरों को गांव तक लाने, उनके रहने का इंतजाम करने और रेकी में भूमिका। कई मुकदमे दर्ज।
4- कंचन यादव-गद्दोपुर सोरांव : सदाशिव की पत्नी। पुलिस का कहना है कि उसकी जानकारी में पूरा षड्यंत्र रचा गया। सदाशिव को सहयोग करने और छिपने में मदद करना।
5- राधा देवी-, अकबरपुर, नवाबगंज : सदाशिव के प्रमुख सहयोगी रमेश पासी की पत्नी। उसके घर पर भी कई बार आरोपी गए। घटना की पहले से ही पूरी जानकारी।
वांटेड
1- रवि कनौजिया-पोंगहट पुल, धूमनगंज : शातिर अपराधी और शूटर। रवि के ऊपर कई मुकदमे दर्ज हैं। भाड़े पर हत्या करने का एक्सपर्ट। कई घटनाओं में आ चुका है नाम।
2- रजनीकांत पासी-स्वराजनगर, शिवकुटी : शातिर अपराधी और भाड़े का हत्यारा। कहा जा रहा है कि रजनीकांत ने वकील लाल बचन को गोली मारी। कई घटनाओं में है आरोपी।
3-रमेश पासी-अकबरपुर, नवाबगंज : सदाशिव का सहयोगी। जमीन की खरीद फरोख्त का काम। वकील हत्याकांड में सहयोगी की मुख्य भूमिका। कई अपराधों में नाम।
4-राम नरेश यादव उर्फ नेता-मूसेपुर, नवाबगंज : नेतागीरी करता है और सदाशिव के लिए जमीन की खरीद फरोख्त का काम भी। इसी ने रमेश और हाशिम के साथ दोनों शूटरों को सदाशिव से मिलवाया।
5-हाशिम उर्फ बाबा, चकिया, हाल पता अकबरपुर, नवाबगंज । पुराना अपराधी। उम्रकैद का सजायाफ्ता, हाईकोर्ट से मिली है जमानत। शूटरों को सदाशिव से मिलवाने में मदद।