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हत्या की फिराक में घूम रहे बदमाश मुठभेड़ में गिरफ्तार
अमर उजाला ब्यूरो इलाहाबाद
Updated Sun, 23 Apr 2017 02:24 AM IST
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हत्या की फिराक में निकले चार बदमाशों को पुलिस ने मुठभेड़ में गिरफ्तार कर लिया। पकड़ा गया आरोपी सुनील पासी उर्फ सुनील गढ़वा गढ़वा गैंगवार का सरगना था। पूछताछ में बदमाश ने बताया कि वे अपने विरोधी गुट के शिवकुमार की हत्या के फिराक में घूम रहे थे। शिवकुमार की हत्या के बाद जेल में बंद अपने दुश्मन पप्पू अग्रहरि की कचहरी में पेशी के दौरान हत्या करते।
एसपी सिटी विपिन टाडा ने प्रेसवार्ता में बताया कि 29 सितंबर 2016 को गढ़वा में गैंगवार हुई थी। जिसमें एक व्यक्ति संजय पासी की गोली लगने से मौत हो गई थी। हत्याकांड का सरगना सुनील पासी उर्फ सुनील गढ़वा अपने दो साथियों आशीष पासी और रोहित के साथ फरार चल रहा था। शराब बनाने के अवैध कारोबार और इलाके वर्चस्व को लेकर दो गुटों के बीच गैंगवार हुआ था।
हमलावरों के निशाने पर मोहल्ले का शिवकुमार था। दोनों तरफ से हुई फायरिंग में मोहल्ले का ही संजय पासी अनायास ही गोली लगने से मारा गया। हत्याकांड के बाद से ही सुनील, आशीष और रोहित पुलिस को चकमा देकर फरार चल रहे थे। सीओ सिविल लाइंस डीपी तिवारी ने बताया कि शुक्रवार रात मुखबिर से सूचना मिली की कुछ बदमाश किसी के हत्या की फिराक में सूबेदारगंज ब्रिज के पास आने वाले हैं। सीओ डीपी तिवारी ने क्राइम ब्रांच नागेश सिंह, ओम शंकर शुक्ला और धूमनगंज पुलिस के साथ बदमाशों की घेरेबंदी की। तीन बाइक से छह बदमाश जैसे ही वहां पहुंचे पुलिस देखकर भागने लगे। पुलिस ने खदेड़ा तो बदमाश पुलिस टीम पर फायरिंग करते हुए भागे। पुलिस ने फायरिंग का जवाब दिया और बदमाशों को खदेड़ लिया। पुलिस ने सुनील पासी उर्फ सुनील गढ़वा, गोविंद कुमार, शामू पासी निवासी गढ़वा धूमनगंज और सावन पासी निवासी बनकेशर थरवई को दबोच लिया। जबकि अंधेरे का फायदा उठाकर रोहित पासी और आशीष निवासी गढ़वा धूमनगंज भागने में सफल रहे। पकड़े गए बदमाशों ने पूछताछ में बताया कि वे अपने विरोधी शिवकुमार की हत्या के इरादे से घूम रहे थे। तभी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। पकड़े आरोपियों ने बताया कि शिवकुमार की हत्या के बाद वे जेल में बंद बदमाश पप्पू अग्रहरि की कचहरी में पेशी के दौरान हत्या करते।
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भाई की हत्या पप्पू अग्रहरि से लेना था बदला
सीओ डीपी तिवारी ने बताया कि जेल में बंद बदमाश पप्पू अग्रहरि ने सुनील के भाई सुरेश पासी की हत्या की है। भाई की हत्या का बदला लेने के लिए वह पप्पू को मारना चाहता था। जेल में बंद पप्पू सुनील के दुश्मन शिवकुमार की हर तरह से मदद करता है। शिवकुमार हर पेशी पर उससे मिलने कचहरी जाता था।
18 मुकदमें है दर्ज
पकड़ा गया सुनील गढ़वा शातिर बदमाश है। उसके खिलाफ धूमनगंज थाने में हत्या, लूट, तोड़फोड़ धमकी समेत 18 मुकदमें दर्ज हैं। उसके खिलाफ रासुका, गुंडा एक्ट, गैंगेस्टर की कार्रवाई की जा चुकी है। पकड़े गए आरोपियों के पास से चार तमंचा, चार कारतूस, तीन मोटरसाइकिल बरामद हुई है। पकड़े गए अन्य बदमाशों का पुलिस आपराधिक रिकार्ड खंगाल रही है।
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एसपी सिटी विपिन टाडा ने प्रेसवार्ता में बताया कि 29 सितंबर 2016 को गढ़वा में गैंगवार हुई थी। जिसमें एक व्यक्ति संजय पासी की गोली लगने से मौत हो गई थी। हत्याकांड का सरगना सुनील पासी उर्फ सुनील गढ़वा अपने दो साथियों आशीष पासी और रोहित के साथ फरार चल रहा था। शराब बनाने के अवैध कारोबार और इलाके वर्चस्व को लेकर दो गुटों के बीच गैंगवार हुआ था।
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हमलावरों के निशाने पर मोहल्ले का शिवकुमार था। दोनों तरफ से हुई फायरिंग में मोहल्ले का ही संजय पासी अनायास ही गोली लगने से मारा गया। हत्याकांड के बाद से ही सुनील, आशीष और रोहित पुलिस को चकमा देकर फरार चल रहे थे। सीओ सिविल लाइंस डीपी तिवारी ने बताया कि शुक्रवार रात मुखबिर से सूचना मिली की कुछ बदमाश किसी के हत्या की फिराक में सूबेदारगंज ब्रिज के पास आने वाले हैं। सीओ डीपी तिवारी ने क्राइम ब्रांच नागेश सिंह, ओम शंकर शुक्ला और धूमनगंज पुलिस के साथ बदमाशों की घेरेबंदी की। तीन बाइक से छह बदमाश जैसे ही वहां पहुंचे पुलिस देखकर भागने लगे। पुलिस ने खदेड़ा तो बदमाश पुलिस टीम पर फायरिंग करते हुए भागे। पुलिस ने फायरिंग का जवाब दिया और बदमाशों को खदेड़ लिया। पुलिस ने सुनील पासी उर्फ सुनील गढ़वा, गोविंद कुमार, शामू पासी निवासी गढ़वा धूमनगंज और सावन पासी निवासी बनकेशर थरवई को दबोच लिया। जबकि अंधेरे का फायदा उठाकर रोहित पासी और आशीष निवासी गढ़वा धूमनगंज भागने में सफल रहे। पकड़े गए बदमाशों ने पूछताछ में बताया कि वे अपने विरोधी शिवकुमार की हत्या के इरादे से घूम रहे थे। तभी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। पकड़े आरोपियों ने बताया कि शिवकुमार की हत्या के बाद वे जेल में बंद बदमाश पप्पू अग्रहरि की कचहरी में पेशी के दौरान हत्या करते।
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भाई की हत्या पप्पू अग्रहरि से लेना था बदला
सीओ डीपी तिवारी ने बताया कि जेल में बंद बदमाश पप्पू अग्रहरि ने सुनील के भाई सुरेश पासी की हत्या की है। भाई की हत्या का बदला लेने के लिए वह पप्पू को मारना चाहता था। जेल में बंद पप्पू सुनील के दुश्मन शिवकुमार की हर तरह से मदद करता है। शिवकुमार हर पेशी पर उससे मिलने कचहरी जाता था।
18 मुकदमें है दर्ज
पकड़ा गया सुनील गढ़वा शातिर बदमाश है। उसके खिलाफ धूमनगंज थाने में हत्या, लूट, तोड़फोड़ धमकी समेत 18 मुकदमें दर्ज हैं। उसके खिलाफ रासुका, गुंडा एक्ट, गैंगेस्टर की कार्रवाई की जा चुकी है। पकड़े गए आरोपियों के पास से चार तमंचा, चार कारतूस, तीन मोटरसाइकिल बरामद हुई है। पकड़े गए अन्य बदमाशों का पुलिस आपराधिक रिकार्ड खंगाल रही है।