{"_id":"5b8064da42c792465b68960b","slug":"fir-against-107-people-taking-ration-from-fake-basis-card","type":"story","status":"publish","title_hn":"फर्जी आधार कार्ड से राशन लेने वाले 107 लोगाें के खिलाफ एफआईआर","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
फर्जी आधार कार्ड से राशन लेने वाले 107 लोगाें के खिलाफ एफआईआर
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Sat, 25 Aug 2018 01:49 AM IST
विज्ञापन
आधार कार्ड
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
राशन घोटाले का मामला सामने आने के बाद जिला प्रशासन और आपूर्ति विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। जालसाज डुप्लीकेट आधार कार्ड तथा ई-पॉश मशीन में खेल करके करोड़ों रुपये का राशन डकार गए हैं। इस मामले में 107 लोगों को नामजद करते हुए अन्य के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
प्रारंभिक जांच में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। दो आधार कार्ड नंबर तो ऐसे मिले हैं, जिन पर एक हजार से भी अधिक बार राशन लिया गया है। यह शुरुआती जांच का आंकड़ा है। अफसरों का कहना है कि इस तरह के कई अन्य मामले भी हैं। शक के दायरे में आए सभी राशन तथा आधार कार्ड खंगाले जा रहे हैं। जांच पूरी होने के बाद घोटाले का सही आंकलन हो पाएगा। वहीं, इस मामले में देर शुक्रवार देर शाम 107 लोगों को नामजद करते हुए अन्य के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
डुप्लीकेट आधार कार्ड और ई-पॉश मशीन नेटवर्क में सेंधमारी का खेल प्रदेश के 43 शहरों में हुआ है, जिसमें इलाहाबाद भी शामिल है।
इन जिलों में 859 आधार कार्ड नंबरों से लाखों बार राशन कार्ड निकाले गए हैं। इस खेल में नोएडा के दो हैकरों के नाम सामने आ रहे हैं। इसके सूत्रधार रहे हैकर के संपर्क में सभी जिलों के राशन डीलर रहे। इलाहाबाद में इस तरह के 107 मामले सामने आए हैं। इन 107 कार्ड से एक ही महीने में सैकड़ों दफे राशन लिए गए हैं। शासन के आदेश के बाद स्थानीय स्तर पर तीन दिनों से शुरू जांच में कई सनसनीखेज मामले सामने आए हैं। जिला आपूर्ति अधिकारी दिलीप कुमार का कहना है कि जांच की जा रही है। हर संदिग्ध कार्डधारक को पकड़ा जा रहा है। पूरी रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ कहना उचित होगा। एडीएम नागरिक आपूर्ति अमर पाल सिंह का कहना है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। दोषियों के खिलाफ एफआईआर लिखा सख्त कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
प्रारंभिक जांच में डुप्लीकेट आधार कार्ड बनवाने और ई-पॉश मशीन के साफ्टवेयर में सेंधमारी की बात सामने आई है। हैकर ई-पॉश मशीन के डेटाबेस में जाकर राशन कार्ड में दर्ज आधार नंबर में छेड़छाड़ करने में सफल हुए हैं। उन्होंने आधार कार्ड नंबर के बायोमेट्रिक डेटा ही बदल दिए हैं। अंगूलियों के निशान भी बदल दिए तथा एक आधार नंबर पर सैकड़ों बार राशन लेने में सफल हो गए।
डुप्लीकेट आधार कार्ड बनवाकर तथा एनआईसी के नेटवर्क में सेंधमारी करके फर्जी राशन कार्ड बनवाने वालों के खिलाफ कार्रवाई होने जा रही है। डीएम के निर्देश पर अफसरों की टीम बनाकर हर आरोपी की कुंडली खंगाली जा रही है। अफसर उन पर व्यक्तिगत तौर पर नजर रख रहे हैं। संदिग्ध आधार कार्ड नंबर के आईपी ऐड्रेस भी जुटाए जा रहे हैं। इनके अलावा जिन सरकारी दुकानों से गड़बड़ी हुई है उनके सभी तरह के डिटेल ले लिए गए हैं।
पूरे प्रदेश में हुए अरबों रुपये के राशन घोटाले में अफसरों और कर्मचारियों की मिलीभगत की आशंका जताई है। जांच में लगे अफसरों का कहना है कि इतना बड़ा घोटाला बिना किसी के मिले संभव नहीं हो सकता है। राशन वितरण प्रक्रिया से जुड़े अफसरों और कर्मचारियों से पूछताछ के साथ उन पर नजर भी रखी जा रही है।
सभी संदिग्ध राशन कार्ड तथा आधार नंबरों से निकाले गए राशन का आंकलन किया जा रहा है। अफसरों का कहना है कि दुकान से मिलने वाले सभी तरह की वस्तुओं को कई बार निकाला गया है। ऐसे में घोटाले के डिटेल जुटाने में समय लग रहा है। सभी आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई के साथ वसूली भी की जाएगी।
‘सभी आरोपियों के खिलाफ एफआईआर लिखाने का आदेश दिया गया है। विभाग के अलावा पुलिस भी जांच करेगी। यह गंभीर मामला है। हर संदिग्ध पर नजर रखी जा रही है। विभाग के लोगों के मिले होने की आशंका को नकारा नहीं जा सकता है। इसलिए राशन वितरण प्रक्रिया से जुडे़ सभी पर नजर रखी जा रही है। दोषियों से वसूली का भी आदेश दिया गया है।’
सुहास एलवाई, डीएम
विज्ञापन
प्रारंभिक जांच में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। दो आधार कार्ड नंबर तो ऐसे मिले हैं, जिन पर एक हजार से भी अधिक बार राशन लिया गया है। यह शुरुआती जांच का आंकड़ा है। अफसरों का कहना है कि इस तरह के कई अन्य मामले भी हैं। शक के दायरे में आए सभी राशन तथा आधार कार्ड खंगाले जा रहे हैं। जांच पूरी होने के बाद घोटाले का सही आंकलन हो पाएगा। वहीं, इस मामले में देर शुक्रवार देर शाम 107 लोगों को नामजद करते हुए अन्य के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
विज्ञापन
डुप्लीकेट आधार कार्ड और ई-पॉश मशीन नेटवर्क में सेंधमारी का खेल प्रदेश के 43 शहरों में हुआ है, जिसमें इलाहाबाद भी शामिल है।
इन जिलों में 859 आधार कार्ड नंबरों से लाखों बार राशन कार्ड निकाले गए हैं। इस खेल में नोएडा के दो हैकरों के नाम सामने आ रहे हैं। इसके सूत्रधार रहे हैकर के संपर्क में सभी जिलों के राशन डीलर रहे। इलाहाबाद में इस तरह के 107 मामले सामने आए हैं। इन 107 कार्ड से एक ही महीने में सैकड़ों दफे राशन लिए गए हैं। शासन के आदेश के बाद स्थानीय स्तर पर तीन दिनों से शुरू जांच में कई सनसनीखेज मामले सामने आए हैं। जिला आपूर्ति अधिकारी दिलीप कुमार का कहना है कि जांच की जा रही है। हर संदिग्ध कार्डधारक को पकड़ा जा रहा है। पूरी रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ कहना उचित होगा। एडीएम नागरिक आपूर्ति अमर पाल सिंह का कहना है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। दोषियों के खिलाफ एफआईआर लिखा सख्त कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
प्रारंभिक जांच में डुप्लीकेट आधार कार्ड बनवाने और ई-पॉश मशीन के साफ्टवेयर में सेंधमारी की बात सामने आई है। हैकर ई-पॉश मशीन के डेटाबेस में जाकर राशन कार्ड में दर्ज आधार नंबर में छेड़छाड़ करने में सफल हुए हैं। उन्होंने आधार कार्ड नंबर के बायोमेट्रिक डेटा ही बदल दिए हैं। अंगूलियों के निशान भी बदल दिए तथा एक आधार नंबर पर सैकड़ों बार राशन लेने में सफल हो गए।
डुप्लीकेट आधार कार्ड बनवाकर तथा एनआईसी के नेटवर्क में सेंधमारी करके फर्जी राशन कार्ड बनवाने वालों के खिलाफ कार्रवाई होने जा रही है। डीएम के निर्देश पर अफसरों की टीम बनाकर हर आरोपी की कुंडली खंगाली जा रही है। अफसर उन पर व्यक्तिगत तौर पर नजर रख रहे हैं। संदिग्ध आधार कार्ड नंबर के आईपी ऐड्रेस भी जुटाए जा रहे हैं। इनके अलावा जिन सरकारी दुकानों से गड़बड़ी हुई है उनके सभी तरह के डिटेल ले लिए गए हैं।
पूरे प्रदेश में हुए अरबों रुपये के राशन घोटाले में अफसरों और कर्मचारियों की मिलीभगत की आशंका जताई है। जांच में लगे अफसरों का कहना है कि इतना बड़ा घोटाला बिना किसी के मिले संभव नहीं हो सकता है। राशन वितरण प्रक्रिया से जुड़े अफसरों और कर्मचारियों से पूछताछ के साथ उन पर नजर भी रखी जा रही है।
सभी संदिग्ध राशन कार्ड तथा आधार नंबरों से निकाले गए राशन का आंकलन किया जा रहा है। अफसरों का कहना है कि दुकान से मिलने वाले सभी तरह की वस्तुओं को कई बार निकाला गया है। ऐसे में घोटाले के डिटेल जुटाने में समय लग रहा है। सभी आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई के साथ वसूली भी की जाएगी।
‘सभी आरोपियों के खिलाफ एफआईआर लिखाने का आदेश दिया गया है। विभाग के अलावा पुलिस भी जांच करेगी। यह गंभीर मामला है। हर संदिग्ध पर नजर रखी जा रही है। विभाग के लोगों के मिले होने की आशंका को नकारा नहीं जा सकता है। इसलिए राशन वितरण प्रक्रिया से जुडे़ सभी पर नजर रखी जा रही है। दोषियों से वसूली का भी आदेश दिया गया है।’
सुहास एलवाई, डीएम