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सुनील जैन पर दर्ज है हत्या के प्रयास और डकैती का मुकदमा
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Fri, 08 Jan 2016 12:14 AM IST
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उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग पर छाए संकट के बादल छंटने का नाम नहीं ले रहे हैं। हाल ही में पूर्व अध्यक्ष अनिल यादव की लंबे विवाद के बाद विदाई हुई और अब कार्यवाहक अध्यक्ष सुनील कुमार जैन भी विवादों में घिर गए हैं। जैन के ऊपर जानलेवा हमले और डकैती जैसी गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं। प्रतियोगी छात्र संघर्ष समिति के मीडिया प्रभारी अवनीश पांडेय द्वारा आरटीआई में मांगी गई जानकारी से इस बात का खुलासा हुआ है। अवनीश ने आपराधिक रिकार्ड की जानकारी मांगी थी।
आरटीआई के जवाब में जो जानकारियां मिली हैं, वह चौंकाने वाली हैं। आगरा के थाना न्यू आगरा में जैन के खिलाफ मुकदमा अपराध संख्या 447/1990 दर्ज है, जिसमें विधि विरुद्ध जमाव, बलवा और हत्या के प्रयास जैसी संगीन धाराएं हैं। दूसरा मुकदमा 447 ए है, जो डकैती और जान को जोखिम में डालने का भय दिखाने का है। इन मुकदमों की जांच पांच अक्तूबर 1990 को अपराध अनुसंधान विभाग को स्थानांतरित की गई थी। दी गई जानकारी में बताया गया है कि थाने के रजिस्टर में सुनील जैन अंकित है, उसमें पिता का नाम और पता अंकित नहीं है। थाना न्यू कैंट ने अपनी प्रारंभिक जांच में सुनील कुमार जैन के खिलाफ कोई मुकदमा न होने की जानकारी दी थी मगर बाद में थाने द्वारा दी गई आख्या में उपरोक्त जानकारी दी गई है।
उल्लेखनीय है कि पूर्व आयोग अध्यक्ष अनिल यादव भी आपराधिक मुकदमे दर्ज होने के बावजूद आयोग के अध्यक्ष जैसे महत्वपूर्ण पद पर नियुक्त होने के कारण विवादों में घिर गए थे। अंतत: हाईकोर्ट ने उनकी नियुक्ति को रद्द करते हुए पद से बर्खास्त कर दिया था। अनिल यादव के बाद आयोग के सदस्य सुनील कुमार जैन को कार्यवाहक अध्यक्ष बनाया गया है। वहीं सुनील कुमार जैन का कहना है कि वह इस मामले में कोर्ट से बरी हो चुके हैं।
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आरटीआई के जवाब में जो जानकारियां मिली हैं, वह चौंकाने वाली हैं। आगरा के थाना न्यू आगरा में जैन के खिलाफ मुकदमा अपराध संख्या 447/1990 दर्ज है, जिसमें विधि विरुद्ध जमाव, बलवा और हत्या के प्रयास जैसी संगीन धाराएं हैं। दूसरा मुकदमा 447 ए है, जो डकैती और जान को जोखिम में डालने का भय दिखाने का है। इन मुकदमों की जांच पांच अक्तूबर 1990 को अपराध अनुसंधान विभाग को स्थानांतरित की गई थी। दी गई जानकारी में बताया गया है कि थाने के रजिस्टर में सुनील जैन अंकित है, उसमें पिता का नाम और पता अंकित नहीं है। थाना न्यू कैंट ने अपनी प्रारंभिक जांच में सुनील कुमार जैन के खिलाफ कोई मुकदमा न होने की जानकारी दी थी मगर बाद में थाने द्वारा दी गई आख्या में उपरोक्त जानकारी दी गई है।
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उल्लेखनीय है कि पूर्व आयोग अध्यक्ष अनिल यादव भी आपराधिक मुकदमे दर्ज होने के बावजूद आयोग के अध्यक्ष जैसे महत्वपूर्ण पद पर नियुक्त होने के कारण विवादों में घिर गए थे। अंतत: हाईकोर्ट ने उनकी नियुक्ति को रद्द करते हुए पद से बर्खास्त कर दिया था। अनिल यादव के बाद आयोग के सदस्य सुनील कुमार जैन को कार्यवाहक अध्यक्ष बनाया गया है। वहीं सुनील कुमार जैन का कहना है कि वह इस मामले में कोर्ट से बरी हो चुके हैं।
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