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सूदखोरों से जलील होने पर की थी सामूहिक खुदकुशी
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Tue, 22 Sep 2015 12:03 AM IST
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अंदावा इलाके में तीन बेटों समेत दंपती की आत्महत्या के पीछे सूदखोर का ही हाथ निकला। इस मामले में कटका के पूर्व प्रधान और उसके परिवार के चार लोगों के खिलाफ हत्या, बंधक बनाकर धमकाने का केस लिखा गया है। आरोप है कि बीस हजार रुपये के बदले पांच लाख रुपये मांग रहे आरोपियों ने शनिवार शाम पति-पत्नी को घर से उठाकर बंधक बनाकर पीटा था। उन्हें यह धमकी देकर छोड़ा गया था कि चौबीस घंटे में पैसे नहीं चुकता किए तो परिवार का सफाया कर दिया जाएगा। अनुमान है कि बेहद जलील किए जाने पर राजेश साहू ने परिवार समेत आत्महत्या कर ली। हालांकि एफआईआर कत्ल की लिखी गई है। सोमवार को कमिश्नर और डीआईजी ने भी मौके पर जाकर जानकारी ली।
छतनाग गांव का राजेश साहू पैतृक मकान में मिला अपना हिस्सा बेचने के बाद पत्नी गीता और तीन बेटों निखिल, आदर्श, सोनू के साथ त्रिवेणीपुरम कॉलोनी के गेट के पास टीनशेड का घर बनाकर रहता था। वह चाऊमीन का ठेला लगाकर गुजारा करता था। उसने कुछ साल पहले महमूदाबाद उस्तापुर में ससुराल से मिला मकान भी बेच दिया था। रविवार दोपहर करीब एक बजे राजेश और गीता ने तीन बेटों समेत अंदावा ओवरब्रिज के नीचे ट्रेन से कटकर आत्महत्या कर ली थी। आसपास के लोगों से बातचीत में यह साफ हो गया कि इस सामूहिक आत्महत्या के पीछे गरीबी है। मगर अब जो जानकारी मिली है तो वह और भी गंभीर है। राजेश के छोटे भाई राकेश ने पुलिस को तहरीर दी, जिसमें बताया कि कटका गांव के पूर्व प्रधान राजितराम यादव, उसके पिता हीरालाल, भाई रमेश, नीरज, मनोज ने उसके भाई-भाभी और भतीजों को मार डाला है।
राकेश के मुताबिक, उसके भाई राजेश ने कुछ साल पहले राजितराम से ब्याज पर बीस हजार रुपये उधार लिए थे। अब वह ब्याज सहित पांच लाख रुपये मांगता और धमकाता था। वह कई बार मारपीट भी कर चुका था। राजेश पैसे नहीं दे सका तो 19 सितंबर यानी शनिवार की शाम वे लोग राजेश और गीता को जबरन उठा ले गए। उन्हें रात भर बंधक बनकर धमकाया गया। पता तो यह भी चला है कि राजेश और गीता को अलग रखा गया था। फिर यह धमकी देकर छोड़ा कि कल शाम तक पैसे नहीं मिले तो जान से मार दिया जाएगा। राकेश का आरोप है कि राजितराम और उसके भाइयों ने ही मिलकर उसके भाई-भाभी समेत पांच लोगों मारकर रेलवे ट्रैक पर फेंका था। लोगों ने दोपहर में पोस्टमार्टम के बाद शव आए तो यह कहकर अंत्येष्टि की खातिर ले जाने से मना कर दिया कि पहले एफआईआर लिखी जाए। पुलिस ने राकेश की तहरीर पर एफआईआर लिखकर उसकी कॉपी दी तब जाकर घंटे भर बाद शव अंत्येष्टि को ले जाए गए। दोपहर में कमिश्नर राजन शुक्ला और डीआईजी भगवान स्वरूप श्रीवास्तव भी छतनाग में राजेश के भाई राकेश के घर पहुंचे। उसकी मां गुलाब देवी ने भी दोनों अफसरों से कहा कि कटका गांव वाले उसके बेटे-बहू को उठा ले गए थे और धमकाया था। कमिश्नर और डीआईजी ने परिजनों को भरोसा दिया कि एसडीएम फूलपुर की जांच रिपोर्ट मिलने पर दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। कमिश्नर ने परिवार को आर्थिक सहायता देने का भी भरोसा दिया है।
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छतनाग गांव का राजेश साहू पैतृक मकान में मिला अपना हिस्सा बेचने के बाद पत्नी गीता और तीन बेटों निखिल, आदर्श, सोनू के साथ त्रिवेणीपुरम कॉलोनी के गेट के पास टीनशेड का घर बनाकर रहता था। वह चाऊमीन का ठेला लगाकर गुजारा करता था। उसने कुछ साल पहले महमूदाबाद उस्तापुर में ससुराल से मिला मकान भी बेच दिया था। रविवार दोपहर करीब एक बजे राजेश और गीता ने तीन बेटों समेत अंदावा ओवरब्रिज के नीचे ट्रेन से कटकर आत्महत्या कर ली थी। आसपास के लोगों से बातचीत में यह साफ हो गया कि इस सामूहिक आत्महत्या के पीछे गरीबी है। मगर अब जो जानकारी मिली है तो वह और भी गंभीर है। राजेश के छोटे भाई राकेश ने पुलिस को तहरीर दी, जिसमें बताया कि कटका गांव के पूर्व प्रधान राजितराम यादव, उसके पिता हीरालाल, भाई रमेश, नीरज, मनोज ने उसके भाई-भाभी और भतीजों को मार डाला है।
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राकेश के मुताबिक, उसके भाई राजेश ने कुछ साल पहले राजितराम से ब्याज पर बीस हजार रुपये उधार लिए थे। अब वह ब्याज सहित पांच लाख रुपये मांगता और धमकाता था। वह कई बार मारपीट भी कर चुका था। राजेश पैसे नहीं दे सका तो 19 सितंबर यानी शनिवार की शाम वे लोग राजेश और गीता को जबरन उठा ले गए। उन्हें रात भर बंधक बनकर धमकाया गया। पता तो यह भी चला है कि राजेश और गीता को अलग रखा गया था। फिर यह धमकी देकर छोड़ा कि कल शाम तक पैसे नहीं मिले तो जान से मार दिया जाएगा। राकेश का आरोप है कि राजितराम और उसके भाइयों ने ही मिलकर उसके भाई-भाभी समेत पांच लोगों मारकर रेलवे ट्रैक पर फेंका था। लोगों ने दोपहर में पोस्टमार्टम के बाद शव आए तो यह कहकर अंत्येष्टि की खातिर ले जाने से मना कर दिया कि पहले एफआईआर लिखी जाए। पुलिस ने राकेश की तहरीर पर एफआईआर लिखकर उसकी कॉपी दी तब जाकर घंटे भर बाद शव अंत्येष्टि को ले जाए गए। दोपहर में कमिश्नर राजन शुक्ला और डीआईजी भगवान स्वरूप श्रीवास्तव भी छतनाग में राजेश के भाई राकेश के घर पहुंचे। उसकी मां गुलाब देवी ने भी दोनों अफसरों से कहा कि कटका गांव वाले उसके बेटे-बहू को उठा ले गए थे और धमकाया था। कमिश्नर और डीआईजी ने परिजनों को भरोसा दिया कि एसडीएम फूलपुर की जांच रिपोर्ट मिलने पर दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। कमिश्नर ने परिवार को आर्थिक सहायता देने का भी भरोसा दिया है।
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