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महिला की मौत में पति समेत चार गिरफ्तार
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Sun, 02 Aug 2015 11:37 PM IST
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नैनी की दूरवाणी नगर कॉलोनी में शनिवार रात ससुराल में श्रद्धा सिंह की संदिग्ध हालात में मौत की घटना में पुलिस ने सास-ससुर, पति समेत छह लोगों पर दहेज में कार की मांग नहीं पूरी होने पर हत्या का केस लिखा है। इनमें एक आरोपी पीएसी का सिपाही है। पुलिस ने सास, पति और पीएसी के सिपाही जेठ समेत चार आरोपी गिरफ्तार कर लिए हैं। ससुर सहित दो लोगों की तलाश हो रही है। पोस्टमार्टम में मौत का कारण हैगिंग यानी फांसी लगाना आया है।
मेजा में कनिगरा गांव निवासी अधिवक्ता रमेशचंद्र सिंह ने बेटी श्रद्धा का विवाह अप्रैल 2013 में दूरवाणी नगर नैनी में रहने वाले रवि कुमार सिंह के साथ किया था। उसकी छह माह की बेटी है। पति रवि एक पैराबैंकिंग कंपनी में कार्यरत रहा है। उसका भाई आशीष पीएसी मिर्जापुर में सिपाही है। शनिवार रात मायके वालों को खबर मिली कि श्रद्धा की मौत हो गई है। देर रात वे मेजा से आ गए। तब तक पुलिस भी पहुंची। मायके वालों को बताया गया कि श्रद्धा ने दरवाजा बंद कर छत के हुक में साड़ी का फंदा बांधकर फांसी लगा ली थी। मगर मायके वालों ने कहा कि उसकी हत्या की गई है। पिता रमेशचंद्र सिंह ने कहा कि उन्होंने शादी में करीब 15 लाख रुपये खर्च किए थे लेकिन ससुराल में श्रद्धा को दहेज में कार नहीं मिलने का ताना देते हुए प्रताड़ित किया गया। उसे लगातार मारा-पीटा जाता रहा।
30 जुलाई यानी बृहस्पतिवार को भी मायके वालों ने श्रद्धा के घर आकर उसके ससुरालियों को समझाने का प्रयास किया। मगर तीसरे ही रोज उनकी बेटी को मार डाला गया। पता चला है कि पति रवि के अलावा उसके भाई पीएसी के सिपाही आशीष ने श्रद्धा को पीटा था जिसकी वजह से उसकी आंख के पास सहित पूरे बदन में चोट थी। उसे जिंदा फंदे पर लटका दिया गया और कहा जा रहा है कि उसने फांसी लगा ली। नैनी थाने में पिता की तहरीर पर श्रद्धा के पति रवि कुमार, ससुर राधेश्याम, सास उर्मिला, जेठानी रंजना, जेठ आशीष, विकेश के खिलाफ दहेज की मांग नहीं पूरी होने पर हत्या का केस लिखा गया। पुलिस ने पति, जेठानी, जेठ, सास को पकड़ लिया है। उधर, पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टरों को श्रद्धा की दाहिनी आंख के पास चोट दिखी। हालांकि मौत की वजह हैगिंग रही है। हैगिंग का मतलब आमतौर पर फांसी लगाकर आत्महत्या माना जाता है मगर पुलिस का कहना है कि जांच में पता चलेगाकि असल में श्रद्धा की मौत किन हालात में हुई।
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मेजा में कनिगरा गांव निवासी अधिवक्ता रमेशचंद्र सिंह ने बेटी श्रद्धा का विवाह अप्रैल 2013 में दूरवाणी नगर नैनी में रहने वाले रवि कुमार सिंह के साथ किया था। उसकी छह माह की बेटी है। पति रवि एक पैराबैंकिंग कंपनी में कार्यरत रहा है। उसका भाई आशीष पीएसी मिर्जापुर में सिपाही है। शनिवार रात मायके वालों को खबर मिली कि श्रद्धा की मौत हो गई है। देर रात वे मेजा से आ गए। तब तक पुलिस भी पहुंची। मायके वालों को बताया गया कि श्रद्धा ने दरवाजा बंद कर छत के हुक में साड़ी का फंदा बांधकर फांसी लगा ली थी। मगर मायके वालों ने कहा कि उसकी हत्या की गई है। पिता रमेशचंद्र सिंह ने कहा कि उन्होंने शादी में करीब 15 लाख रुपये खर्च किए थे लेकिन ससुराल में श्रद्धा को दहेज में कार नहीं मिलने का ताना देते हुए प्रताड़ित किया गया। उसे लगातार मारा-पीटा जाता रहा।
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30 जुलाई यानी बृहस्पतिवार को भी मायके वालों ने श्रद्धा के घर आकर उसके ससुरालियों को समझाने का प्रयास किया। मगर तीसरे ही रोज उनकी बेटी को मार डाला गया। पता चला है कि पति रवि के अलावा उसके भाई पीएसी के सिपाही आशीष ने श्रद्धा को पीटा था जिसकी वजह से उसकी आंख के पास सहित पूरे बदन में चोट थी। उसे जिंदा फंदे पर लटका दिया गया और कहा जा रहा है कि उसने फांसी लगा ली। नैनी थाने में पिता की तहरीर पर श्रद्धा के पति रवि कुमार, ससुर राधेश्याम, सास उर्मिला, जेठानी रंजना, जेठ आशीष, विकेश के खिलाफ दहेज की मांग नहीं पूरी होने पर हत्या का केस लिखा गया। पुलिस ने पति, जेठानी, जेठ, सास को पकड़ लिया है। उधर, पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टरों को श्रद्धा की दाहिनी आंख के पास चोट दिखी। हालांकि मौत की वजह हैगिंग रही है। हैगिंग का मतलब आमतौर पर फांसी लगाकर आत्महत्या माना जाता है मगर पुलिस का कहना है कि जांच में पता चलेगाकि असल में श्रद्धा की मौत किन हालात में हुई।
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