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विधि की परीक्षा से पहले छात्रों का हंगामा, तोड़फोड़
अमर उजाला ब्यूरो इलाहाबाद
Updated Sat, 30 Jan 2016 12:02 AM IST
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कस्बा स्थित पं. दीन दयाल उपाध्याय राजकीय महाविद्यालय केंद्र पर शुक्रवार को एलएलबी प्रथम सेमेस्टर की परीक्षा देेने पहुंचे छात्रों ने जमकर हंगामा किया। वे नकल के लिए दबाव बना रहे थे। ऐसे में कालेज प्रशासन की सख्ती पर उन्होंने हंगामा शुरू कर दिया। पत्थरबाजी में कालेज के शीशे आदि टूट गए। डॉ. रजनी श्रीवास्तव की कार क्षतिग्रस्त हो गई। पत्थरबाजी में परीक्षा प्रभारी डॉ. मुरलीधर राम गुप्ता घायल हो गए।
प्राचार्य की सूचना पर फोर्स पहुंची, लेकिन छात्रों का उपद्रव जारी रहा। इसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया और हंगामा करने वालों को दौड़ाया। हंगामा के मद्देनजर कानपुर विश्वविद्यालय की ओर से इस केंद्र की शुक्रवार की परीक्षा रद्द कर दी गई। प्राचार्य डॉ. रामचंद्र मिश्र ने बताया कि अन्य पेपर की परीक्षाएं पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार होंगी। हालांकि, छात्र पूरी परीक्षा निरस्त करने की मांग कर रहे हैं। प्राचार्य ने राजकीय संपत्ति की क्षति और कार्य में बाधा पहुंचाने के आरोप में अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर के लिए तहरीर दी है।
राजकीय महाविद्यालय को कानपुर विश्वविद्यालय की ओर से एलएलबी का परीक्षा केंद्र बनाया गया है। कॉलेज को उदयराज सिंह विधि महाविद्यालय, सैनिक ला कालेज जगतपुर, श्रीमती कमला देवी विधि कालेज और डॉ. गणेश लॉ कालेज बींदा के 612 छात्रों के लिए परीक्षा केंद्र बनाया गया है। सुबह 10 बजे से परीक्षा होनी थी, लेकिन वहां पहुंचे छात्र भीतर जाने के लिए तैयार नहीं थे। वे नकल की बात कर रहे थे। वे पूरी परीक्षा निरस्त कर संबंधित कॉलेजों में ही परीक्षा कराने की मांग कर रहे थे। कॉलेज प्रशासन की ओर से सख्ती की बात कहे जाने पर छात्रों का गुस्सा भड़क गया। उन्होंने नारेबाजी के साथ पत्थरबाजी भी शुरू कर दी। फोर्स के साथ पहुंचे एसडीएम हंडिया एके सिंह ने उन्हें नियंत्रित किया। शनिवार को भी परीक्षा है। इसलिए वहां फोर्स तैनात कर दी गई है।
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कौशाम्बी के रिजवी कॉलेज में भी नकल के लिए परीक्षार्थियों ने जमकर बवाल किया। यहां बाबू सिंह डिग्री कॉलेज सयारा का सेंटर पड़ा था। नकल से रोके जाने पर छात्रों ने कॉपियां फाड़ दीं और तोड़फोड़ की। प्राचार्य की सूचना पर पहुंची पुलिस ने छात्रों को नियंत्रित किया।
दीनदयाल उपाध्याय राजकीय महाविद्यालय में निजी कॉलेजों के विद्यार्थियों का परीक्षा केंद्र बनाए जाने के बाद से बवाल की आशंका जताई गई थी। इस बाबत प्राचार्य की ओर से स्थानीय प्रशासन तथा पुलिस को सूचना भेजकर फोर्स की मांग की गई थी, लेकिन अफसरों ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। अब महाविद्यालय प्रशासन की ओर से कानपुर विश्वविद्यालय के साथ गृह सचिव को भी पूरी घटना की जानकारी दी गई है। प्रचार्य डॉ. रामचंद्र मिश्र ने बताया कि बवाल के दौरान भी अधिकारियाें को लगातार सूचना दी गई, लेकिन उन्हें पहुंचने में देर हुई।
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प्राचार्य की सूचना पर फोर्स पहुंची, लेकिन छात्रों का उपद्रव जारी रहा। इसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया और हंगामा करने वालों को दौड़ाया। हंगामा के मद्देनजर कानपुर विश्वविद्यालय की ओर से इस केंद्र की शुक्रवार की परीक्षा रद्द कर दी गई। प्राचार्य डॉ. रामचंद्र मिश्र ने बताया कि अन्य पेपर की परीक्षाएं पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार होंगी। हालांकि, छात्र पूरी परीक्षा निरस्त करने की मांग कर रहे हैं। प्राचार्य ने राजकीय संपत्ति की क्षति और कार्य में बाधा पहुंचाने के आरोप में अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर के लिए तहरीर दी है।
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राजकीय महाविद्यालय को कानपुर विश्वविद्यालय की ओर से एलएलबी का परीक्षा केंद्र बनाया गया है। कॉलेज को उदयराज सिंह विधि महाविद्यालय, सैनिक ला कालेज जगतपुर, श्रीमती कमला देवी विधि कालेज और डॉ. गणेश लॉ कालेज बींदा के 612 छात्रों के लिए परीक्षा केंद्र बनाया गया है। सुबह 10 बजे से परीक्षा होनी थी, लेकिन वहां पहुंचे छात्र भीतर जाने के लिए तैयार नहीं थे। वे नकल की बात कर रहे थे। वे पूरी परीक्षा निरस्त कर संबंधित कॉलेजों में ही परीक्षा कराने की मांग कर रहे थे। कॉलेज प्रशासन की ओर से सख्ती की बात कहे जाने पर छात्रों का गुस्सा भड़क गया। उन्होंने नारेबाजी के साथ पत्थरबाजी भी शुरू कर दी। फोर्स के साथ पहुंचे एसडीएम हंडिया एके सिंह ने उन्हें नियंत्रित किया। शनिवार को भी परीक्षा है। इसलिए वहां फोर्स तैनात कर दी गई है।
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कौशाम्बी के रिजवी कॉलेज में भी नकल के लिए परीक्षार्थियों ने जमकर बवाल किया। यहां बाबू सिंह डिग्री कॉलेज सयारा का सेंटर पड़ा था। नकल से रोके जाने पर छात्रों ने कॉपियां फाड़ दीं और तोड़फोड़ की। प्राचार्य की सूचना पर पहुंची पुलिस ने छात्रों को नियंत्रित किया।
दीनदयाल उपाध्याय राजकीय महाविद्यालय में निजी कॉलेजों के विद्यार्थियों का परीक्षा केंद्र बनाए जाने के बाद से बवाल की आशंका जताई गई थी। इस बाबत प्राचार्य की ओर से स्थानीय प्रशासन तथा पुलिस को सूचना भेजकर फोर्स की मांग की गई थी, लेकिन अफसरों ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। अब महाविद्यालय प्रशासन की ओर से कानपुर विश्वविद्यालय के साथ गृह सचिव को भी पूरी घटना की जानकारी दी गई है। प्रचार्य डॉ. रामचंद्र मिश्र ने बताया कि बवाल के दौरान भी अधिकारियाें को लगातार सूचना दी गई, लेकिन उन्हें पहुंचने में देर हुई।