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पत्नी का कत्ल कर शव के साथ बिताए चौबीस घंटे
अमर उजाला ब्यूरो इलाहाबाद
Updated Mon, 09 Jan 2017 01:53 AM IST
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इलाहाबाद
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो इलाहाबाद
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पेशे से हलवाई और शरीफ दिखने वाला वीरू बेहद खतरनाक निकला। वह बगल में सो रही पत्नी का दुपट्टा कस कर कत्ल कर देता है। इसके बाद शव के साथ चौबीस घंटे एक कमरे में बिताता है। दूसरे दिन रात में अपने जीजा सोनू को फ ोनकर बुलाया। फिर पत्थर से पत्नी का चेहरा कूंच दिया ताकि शव मिलने के बाद शिनाख्त न हो सके। रात में बाइक से जीजा के साथ शव को मुंडेरा के तालाब में ईंट-पत्थर से बांध कर फेंक देता है।
पत्नी का शव ठिकाने लगाने के बाद साली अर्चना और ससुर माधव प्रसाद के कत्ल की साजिश रचता है। वह ससुराल आता है तो अर्चना बाहर मिल जाती है। वह अखबार का पैसा वसूलने जाने की बात कर निकल जाती है। सोनू और वीरू घर में घुसते हैं और चाकू और लोहे के मूसल से हमला कर माधव प्रसाद को मार डालते हैं। इसके बाद अर्चना के लौटने का इंतजार करते हैं। अर्चना कुछ देर बाद लौटती है तो उसका भी कत्ल कर देते हैं।
फिर बाहर से ताला बंद कर फरार हो जाते हैं। तीन करीबी रिश्तेदारों के कत्ल के बाद भी उसका दिल नहीं पसीजा। अपनी करतूत पर पछतावा करने की बजाय वह अपने बचने का प्रयास करता है। इतना ही नहीं पकड़े जाने पर पहले पुलिस को इधर-उधर की बात कर घुमाता रहा। फिर अपने बुआ के बेटे का नाम लेकर पुलिस को गुमराह करने का प्रयास करता है। हालांकि पुलिस के सामने उसकी एक भी न चली और उसे अपना गुनाह कुबूल करना पड़ा।
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सुलोचना हॉकी की अच्छी खिलाड़ी थी। उसने कई मेडल भी जीते थे। अच्छी हॉकी खिलाड़ी होने के साथ ही सुलोचना पढ़ने में होशियार थी। वह ईसीसी से बीए के बाद बीएड की पढ़ाई कर रही थी। वह तीनों बहनों में पढ़ने में सबसे होशियार थी।
पत्नी, साली और ससुर के कत्ल के आरोप में गिरफ्तार साहिल उर्फ वीरू कितना क्रूर था इस बात का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अपनी शादी की पहली वर्षगांठ पर उसने पत्नी को मौत का तोहफा दे दिया। सुलोचना और साहिल का विवाह गत वर्ष एक जनवरी को हुआ था। इसके ठीक एक साल बाद यानि दो जनवरी 2017 को उसने सुलोचना की हत्या कर दी। वह इतना ढीठ था कि पकड़े जाने के बाद भी पुलिस को खूब छकाता रहा। पहले तो वह संपत्ति के विवाद में कत्ल की बात कर पुलिस को घुमाता रहा। फिर कहानी को दूसरी तरफ मोड़कर अपने बुआ के बेटे राजकुमार को फंसाया।
सीओ रूपेश सिंह के मुताबिक वीरू ने बताया कि राजकुमार निवासी खुल्दाबाद का सुलोचना से संबंध था। उसी के जरिए वह सुलोचना से मिला तो फोन पर बात होने लगी। वह सुलोचना के घर आने-जाने लगा। नजदीकी बढ़ती गई और फोन पर उनके बीच घंटों बातें होने लगीं। फिर दोनों लिव इन रिलेशनशिप में रहने लगे। कुछ दिन बाद सुलोचना शादी का दबाव बनाने लगी। वीरू के घरवाले तैयार नहीं थे। आखिरकार 1 जनवरी 2016 को वीरू ने सुलोचना के साथ मंदिर में ब्याह कर लिया। वह सुलेमसराय में किराए पर कमरा लेकर रहने लगा।
सुलोचना से शादी के बाद वीरू घर से अलग रहने लगा। घरवालों के दबाव में आकर उसने 26 फरवरी 2016 को सुमन के साथ शादी कर ली। सुमन घरवालों के साथ रहती थी। जबकि सुलोचना किराए के मकान में। दिन में वीरू घर पर सुमन के साथ तो रात में किराए के कमरे पर सुलोचना के साथ रहता था। वीरू के पिता को शक हुआ तो उसकी रेकी करने लगे। आखिरकार मामले का ख्ुालासा हो गया। वीरू की पत्नियों को दूसरी शादी की बात पता चला तो दोनों अपनी सौतन को तलाक देने का दबाव बनाने लगीं। सुमन के साथ ससुराल के लोग थे। जबकि सुलोचना अकेली पड़ गई थी। वीरू दो पत्नियों के चक्कर में बुरी तरह फंस चुका था। वह इससे तनाव में रहने लगा। ऊपर से सुलोचना उससे रोज झगड़ा करती। इससे आजिज आकर उसने सुलोचना को रास्ते से हटाने की ठानी।
पत्नी की हत्या के बाद वीरू को पुलिस का खौफ सताने लगा। उसे लगा कि सुलोचना के गायब होने की बात पता चलने पर वह शक के दायरे में आ जाएगा। ऐसे में कत्ल के बाद उसने साढ़ू अजय और विश्वजीत को फोन कर बताया कि सुलोचना कहीं चली गई है और वह उसे खोज रहा है। विश्वजीत सुलोचना को देखने ससुराल आया था लेकिन घर में ताला बंद देख लौट गया। उसे लगा कि अर्चना और माधव प्रसाद कहीं अखबार का रुपया लेने गए होंगे। यह सोचकर वह लौट गया। उधर वीरू ने दूसरी पत्नी सुमन को बताया था कि सुलोचना से तलाक लेने के लिए वकील से बात की है। दस हजार रुपये की जरूरत है। रुपये देकर वह उससे तलाक ले लेगा। इसके बाद घर से रुपये लेकर वह गायब हो गया था।
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पत्नी का शव ठिकाने लगाने के बाद साली अर्चना और ससुर माधव प्रसाद के कत्ल की साजिश रचता है। वह ससुराल आता है तो अर्चना बाहर मिल जाती है। वह अखबार का पैसा वसूलने जाने की बात कर निकल जाती है। सोनू और वीरू घर में घुसते हैं और चाकू और लोहे के मूसल से हमला कर माधव प्रसाद को मार डालते हैं। इसके बाद अर्चना के लौटने का इंतजार करते हैं। अर्चना कुछ देर बाद लौटती है तो उसका भी कत्ल कर देते हैं।
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फिर बाहर से ताला बंद कर फरार हो जाते हैं। तीन करीबी रिश्तेदारों के कत्ल के बाद भी उसका दिल नहीं पसीजा। अपनी करतूत पर पछतावा करने की बजाय वह अपने बचने का प्रयास करता है। इतना ही नहीं पकड़े जाने पर पहले पुलिस को इधर-उधर की बात कर घुमाता रहा। फिर अपने बुआ के बेटे का नाम लेकर पुलिस को गुमराह करने का प्रयास करता है। हालांकि पुलिस के सामने उसकी एक भी न चली और उसे अपना गुनाह कुबूल करना पड़ा।
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सुलोचना हॉकी की अच्छी खिलाड़ी थी। उसने कई मेडल भी जीते थे। अच्छी हॉकी खिलाड़ी होने के साथ ही सुलोचना पढ़ने में होशियार थी। वह ईसीसी से बीए के बाद बीएड की पढ़ाई कर रही थी। वह तीनों बहनों में पढ़ने में सबसे होशियार थी।
पत्नी, साली और ससुर के कत्ल के आरोप में गिरफ्तार साहिल उर्फ वीरू कितना क्रूर था इस बात का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अपनी शादी की पहली वर्षगांठ पर उसने पत्नी को मौत का तोहफा दे दिया। सुलोचना और साहिल का विवाह गत वर्ष एक जनवरी को हुआ था। इसके ठीक एक साल बाद यानि दो जनवरी 2017 को उसने सुलोचना की हत्या कर दी। वह इतना ढीठ था कि पकड़े जाने के बाद भी पुलिस को खूब छकाता रहा। पहले तो वह संपत्ति के विवाद में कत्ल की बात कर पुलिस को घुमाता रहा। फिर कहानी को दूसरी तरफ मोड़कर अपने बुआ के बेटे राजकुमार को फंसाया।
सीओ रूपेश सिंह के मुताबिक वीरू ने बताया कि राजकुमार निवासी खुल्दाबाद का सुलोचना से संबंध था। उसी के जरिए वह सुलोचना से मिला तो फोन पर बात होने लगी। वह सुलोचना के घर आने-जाने लगा। नजदीकी बढ़ती गई और फोन पर उनके बीच घंटों बातें होने लगीं। फिर दोनों लिव इन रिलेशनशिप में रहने लगे। कुछ दिन बाद सुलोचना शादी का दबाव बनाने लगी। वीरू के घरवाले तैयार नहीं थे। आखिरकार 1 जनवरी 2016 को वीरू ने सुलोचना के साथ मंदिर में ब्याह कर लिया। वह सुलेमसराय में किराए पर कमरा लेकर रहने लगा।
सुलोचना से शादी के बाद वीरू घर से अलग रहने लगा। घरवालों के दबाव में आकर उसने 26 फरवरी 2016 को सुमन के साथ शादी कर ली। सुमन घरवालों के साथ रहती थी। जबकि सुलोचना किराए के मकान में। दिन में वीरू घर पर सुमन के साथ तो रात में किराए के कमरे पर सुलोचना के साथ रहता था। वीरू के पिता को शक हुआ तो उसकी रेकी करने लगे। आखिरकार मामले का ख्ुालासा हो गया। वीरू की पत्नियों को दूसरी शादी की बात पता चला तो दोनों अपनी सौतन को तलाक देने का दबाव बनाने लगीं। सुमन के साथ ससुराल के लोग थे। जबकि सुलोचना अकेली पड़ गई थी। वीरू दो पत्नियों के चक्कर में बुरी तरह फंस चुका था। वह इससे तनाव में रहने लगा। ऊपर से सुलोचना उससे रोज झगड़ा करती। इससे आजिज आकर उसने सुलोचना को रास्ते से हटाने की ठानी।
पत्नी की हत्या के बाद वीरू को पुलिस का खौफ सताने लगा। उसे लगा कि सुलोचना के गायब होने की बात पता चलने पर वह शक के दायरे में आ जाएगा। ऐसे में कत्ल के बाद उसने साढ़ू अजय और विश्वजीत को फोन कर बताया कि सुलोचना कहीं चली गई है और वह उसे खोज रहा है। विश्वजीत सुलोचना को देखने ससुराल आया था लेकिन घर में ताला बंद देख लौट गया। उसे लगा कि अर्चना और माधव प्रसाद कहीं अखबार का रुपया लेने गए होंगे। यह सोचकर वह लौट गया। उधर वीरू ने दूसरी पत्नी सुमन को बताया था कि सुलोचना से तलाक लेने के लिए वकील से बात की है। दस हजार रुपये की जरूरत है। रुपये देकर वह उससे तलाक ले लेगा। इसके बाद घर से रुपये लेकर वह गायब हो गया था।