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क्राइम ब्रांच ने डॉक्टर को छुड़ाया, दो अपहरणकर्ता गिरफ्तार

Tue, 07 Apr 2015 11:28 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला इलाहाबाद
ब्यूरो/अमर उजाला इलाहाबाद Updated Tue, 07 Apr 2015 11:28 PM IST
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क्राइम ब्रांच ने मेजा रोड के डॉ. सौरभ रॉय के अपहरण की गुत्थी को सुलझा लिया है। क्राइम ब्रांच ने बिहार के कैमूर से डॉक्टर को मुक्त कराके दो अपहरणकर्ताओं को धर दबोचा। अपहरणकर्ता सौरभ का मकान देखने के लिए डॉक्टर बनकर आए थे और हथियार के बल उसे उठा ले गए थे। अपहरणकर्ता डॉक्टर के मोबाइल का ही इस्तेमाल कर रहे थे और 15 लाख की फिरौती मांगी थी। अपहरण के मामले को संदिग्ध बनाने के लिए परिजनों से बात भी डॉक्टर से ही करवाई जाती थी।
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गिरफ्तार किए गए अपहरणकर्ताओं के नाम हैं मनोज श्रीवास्तव (दिलदारनगर, गाजीपुर) और अजीत मिश्रा (कैमूर, बिहार)।

दोनों को कैमूर के सोनार का तारा से सोमवार रात तब गिरफ्तार किया जब वह फिरौती की रकम लेने के लिए पहुंचे थे। डॉक्टर के परिजनों को अकेला छोड़कर क्राइम ब्रांच की इंटेलिजेंस विंग के प्रभारी विनोद कुमार सिंह, सर्विलांस प्रभारी डॉ. संजय सिंह, कांस्टेबल जुलकर नैन, अवधेंद्र, नवीन पास ही छिप गए थे। रात नौ बजे मनोज और अजीत रुपये लेने के लिए पहुंचे थे। अपहरणकर्ताओं को मंगलवार को एसएसपी वीपी श्रीवास्तव ने मीडिया के सामने पेश किया। एसएसपी के मुताबिक अपहरण का प्लान मनोज ने बनाया था। उसे करछना के अमित श्रीवास्तव के जरिए डॉ. सौरभ के बारे में जानकारी मिली थी। वह सौरभ के पास डॉ. महेंद्र अग्रवाल बनकर पहुंचा था। कहा था कि उसे अस्पताल खोलने के लिए मकान चाहिए। लखनऊ शिफ्ट होेेने का प्लान बना रहा सौरभ उसके झांसे में आ गया।
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करीब 20 दिन पूर्व मनोज ने सौरभ से फोन पर बात भी की थी। वह दो अप्रैल को अकेले मेजा रोड में सौरभ के घर पहुंचा और उसे मेजा में ही दूसरे मकान को देखने के बहाने से साथ ले गया। मकान देखने के बाद मनोज ने गाड़ी में डीजल भराने की बात की और पेट्रोल पंप पहुंच गया। वहां पर पहले से ही दो युवक मौजूद थे। सौरभ को गाड़ी में बैठाने के बाद पिस्तौल दिखाकर इतना डरा दिया गया था कि वह उनकी बात मानने लगा। इस साजिश में कैमूर का अनिल मिश्रा, भोनू सिंह, सत्येंद्र पासवान और चंदौली का बब्लू सिंह भी शामिल थे। सोमवार रात जब मनोज और अजीत रुपये लेने आए थे, चारों पास ही स्कार्पियों में थे। क्राइम ब्रांच को देख बाकी चारों भाग गए।
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