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सिविल लाइंस में प्रतियोगी छात्रा ने की खुदकुशी
अमर उजाला ब्यूरो इलाहाबाद
Updated Thu, 23 Feb 2017 02:04 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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सिविल लाइंस में मंगलवार दिन में एक छात्रा ने फांसी लगाकर जान दे दी। वह किराये पर कमरा लेकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रही थी। शाम को जब साथ रहने वाली उसकी पार्टनर कमरे पर आई तो घटना की जानकारी हुई। सूचना मिलने पर घर वाले बुधवार को आए और शव लेकर वापस चले गए।
आगरा के रहने वाले राज कोकिन आर्मी से रिटायर हुए हैं। उनकी बेटी सुषमा (22) पिछले चार सालों से इलाहाबाद में रहकर तैयारी कर रही थी। यहां पर वह सिविल लाइंस में ताशकंद मार्ग पर किराये के कमरा लेकर पार्टनर कंचन के साथ रहती थी। कंचन को नौकरी मिल गई थी। सुषमा भी कई परीक्षाओं की लिखित परीक्षा पास कर चुकी थी। मंगलवार शाम कंचन काम से लौटी तो दरवाजा अंदर से बंद था। उसने काफी प्रयास किया लेकिन दरवाजा नहीं खुला। खिड़की से देखा तो वह घबरा गई। सुषमा फांसी पर लटक रही थी। मकान मालिक और आस के लोगों को बुलाकर दरवाजा तोड़ा गया।
सूचना पर पहुंची पुलिस सुषमा को स्वरूपरानी नेहरू अस्पताल ले गई, जहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने कमरे में खोजबीन की लेकिन कोई सुसाइड नोट नहीं मिला। बुधवार को पिता राज परिवार के अन्य लोगों के साथ इलाहाबाद पहुंच गए। पोस्टमार्टम के बाद घर वाले शव लेकर चले गए। सुषमा के परिवार में मां के अलावा दो बहनें और एक भाई है। चौकी इंचार्ज सिविल लाइंस अरविंद सिंह ने बताया कि सुषमा कुछ महीनों से अवसाद में थी। वह किस बात से परेशान थी, उसने अपनी सहेली तक को नहीं बताया था।
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आगरा के रहने वाले राज कोकिन आर्मी से रिटायर हुए हैं। उनकी बेटी सुषमा (22) पिछले चार सालों से इलाहाबाद में रहकर तैयारी कर रही थी। यहां पर वह सिविल लाइंस में ताशकंद मार्ग पर किराये के कमरा लेकर पार्टनर कंचन के साथ रहती थी। कंचन को नौकरी मिल गई थी। सुषमा भी कई परीक्षाओं की लिखित परीक्षा पास कर चुकी थी। मंगलवार शाम कंचन काम से लौटी तो दरवाजा अंदर से बंद था। उसने काफी प्रयास किया लेकिन दरवाजा नहीं खुला। खिड़की से देखा तो वह घबरा गई। सुषमा फांसी पर लटक रही थी। मकान मालिक और आस के लोगों को बुलाकर दरवाजा तोड़ा गया।
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सूचना पर पहुंची पुलिस सुषमा को स्वरूपरानी नेहरू अस्पताल ले गई, जहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने कमरे में खोजबीन की लेकिन कोई सुसाइड नोट नहीं मिला। बुधवार को पिता राज परिवार के अन्य लोगों के साथ इलाहाबाद पहुंच गए। पोस्टमार्टम के बाद घर वाले शव लेकर चले गए। सुषमा के परिवार में मां के अलावा दो बहनें और एक भाई है। चौकी इंचार्ज सिविल लाइंस अरविंद सिंह ने बताया कि सुषमा कुछ महीनों से अवसाद में थी। वह किस बात से परेशान थी, उसने अपनी सहेली तक को नहीं बताया था।
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