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गवाह की रेकी करते पकड़े गए पूर्व सांसद के करीबी
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Fri, 08 Jun 2018 01:01 AM IST
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अतीक अहमद
- फोटो : self
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राजू पाल हत्याकांड के चश्मदीद उमेश पाल के घर की रेकी करते बृहस्पतिवार को दो युवक पकड़े गए। उमेश का आरोप है कि दोनों पूर्व सांसद के करीबी हैं। उन्होंने पुलिस को तहरीर देकर पूर्व सांसद, उनके भाई समेत पांच आरोपियों के खिलाफ हत्या की साजिश रचने का आरोप लगाया है। देर रात तक रिपोर्ट नहीं दर्ज हो सकी थी। पुलिस का कहना है कि पकड़े गए लोगों से पूछताछ की जा रही है।
धूमनगंज के जयंतीपुर निवासी कृष्ण कुमार पाल उर्फ उमेश पाल राजूपाल हत्याकांड के चश्मदीद हैं। उनका आरोप है कि फरवरी 2006 मेें पूर्व सांसद अतीक व उनके गुर्गे जावेद, दिनेश पासी ने उन्हें अगवा कर मनमाफिक बयान दर्ज करा लिया था। किसी तरह उनके चंगुल से छूटने के बाद भुक्तभोगी ने अपने अपहरण के मामले में उपरोक्त लोगों को नामजद किया। यह मुकदमा वर्तमान में न्यायालय में विचाराधीन है। इस मुकदमे में बृहस्पतिवार को बयान होना था। उमेश का आरोप है कि वह घर से निकलने की तैयारी में थे तभी उन्हें पता चला कि दो संदिग्ध युवक सुबह 9.30 बजे से उनके घर के करीब स्थित ट्रांसफार्मर के बगल खड़े हैं। सीसीटीवी कैमरे की फुटेज देखने के बाद जानकारी पर पता चला कि युवक उनके अपहरण के मामले में नामित एक अभियुक्त के परिवार से हैं। साथ ही वह पूर्व सांसद के करीबी हैं। सूचना पर पहुंची पुलिस ने दोनों युवकों को हिरासत में ले लिया। इसके बाद पुलिस सुरक्षा में न्यायालय पहुंचकर उमेश ने बयान दर्ज कराया।
उमेश का आरोप है कि दोनों युवक उसकी हत्या की फिराक में थे। जिसकी साजिश पूर्व सांसद, उनके भाई व सांसद के एक अन्य करीबी ने रची। भुक्तभोगी ने तहरीर देकर रिपोर्ट दर्ज करने की मांग की। पुलिस का कहना है कि जांच पड़ताल की जा रही है।
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धूमनगंज के जयंतीपुर निवासी कृष्ण कुमार पाल उर्फ उमेश पाल राजूपाल हत्याकांड के चश्मदीद हैं। उनका आरोप है कि फरवरी 2006 मेें पूर्व सांसद अतीक व उनके गुर्गे जावेद, दिनेश पासी ने उन्हें अगवा कर मनमाफिक बयान दर्ज करा लिया था। किसी तरह उनके चंगुल से छूटने के बाद भुक्तभोगी ने अपने अपहरण के मामले में उपरोक्त लोगों को नामजद किया। यह मुकदमा वर्तमान में न्यायालय में विचाराधीन है। इस मुकदमे में बृहस्पतिवार को बयान होना था। उमेश का आरोप है कि वह घर से निकलने की तैयारी में थे तभी उन्हें पता चला कि दो संदिग्ध युवक सुबह 9.30 बजे से उनके घर के करीब स्थित ट्रांसफार्मर के बगल खड़े हैं। सीसीटीवी कैमरे की फुटेज देखने के बाद जानकारी पर पता चला कि युवक उनके अपहरण के मामले में नामित एक अभियुक्त के परिवार से हैं। साथ ही वह पूर्व सांसद के करीबी हैं। सूचना पर पहुंची पुलिस ने दोनों युवकों को हिरासत में ले लिया। इसके बाद पुलिस सुरक्षा में न्यायालय पहुंचकर उमेश ने बयान दर्ज कराया।
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उमेश का आरोप है कि दोनों युवक उसकी हत्या की फिराक में थे। जिसकी साजिश पूर्व सांसद, उनके भाई व सांसद के एक अन्य करीबी ने रची। भुक्तभोगी ने तहरीर देकर रिपोर्ट दर्ज करने की मांग की। पुलिस का कहना है कि जांच पड़ताल की जा रही है।
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