{"_id":"59025b6c4f1c1be959c0cf6f","slug":"bsp-s-ruckus-in-the-meeting","type":"story","status":"publish","title_hn":"बसपा की बैठक में हंगामा, मारपीट","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
बसपा की बैठक में हंगामा, मारपीट
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Fri, 28 Apr 2017 02:36 AM IST
विज्ञापन
news
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बहुजन समाज पार्टी की विधानसभा चुनाव समीक्षा बैठक में बृहस्पतिवार को हंगामा हो गया। ममफोर्डगंज स्थित एक धर्मशाला में करारी हार से तमतमाए नेता और कार्यकर्ता एक-दूसरे पर ठीकरा फोड़ते रहे। इस दौरान जमकर आरोप प्रत्यारोप लगाए गए। देखते ही देखते कार्यकर्ता आपस में ही भिड़ गए। कहासुनी मारपीट में बदल गई। एक दूसरे पर कुर्सियां भी फेंकी गईं। मौके पर अफरातफरी मच गई। अनुशासित मानी जाने वाली पार्टी में नेताओं और कार्यकर्ताओं का यह हाल देख अध्यक्षता कर रहे जोनल इंचार्ज मुनकाद अली भी हैरत में पड़ गए। उन्होंने किसी तरह स्थिति संभाली और लोगों को शांत कराया। इसके बाद धर्मशाला में आयोजित बैठक समाप्त कर पार्टी के मंडलीय कार्यालय में कार्रवाई पूरी की गई।
बसपा की इस चुनाव समीक्षा बैठक में बतौर पर्यवेक्षक पार्टी के जोनल इंचार्ज मुनकाद अली और टीकेश गौतम और अमरेंद्र बहादुर शामिल हुए। बैठक शुरू होते ही कुछ लोगों ने पार्टी नेता अनिल गौतम का विरोध किया। अनिल के समर्थक मुखर हुए तो दूसरी ओर से दीपचंद्र का विरोध होने लगा। अचानक दो गुटों के कार्यकर्ता आक्रोशित होकर नारेबाजी करने लगे। आर्थिक आरोप भी हवा में उछले। थोड़ी ही देर में अराजकता की स्थिति हो गई। कुछ लोग मारपीट पर उतर आए। वहां मौजूद पुलिस ने हंगामा कर रहे लोगों को रोकना चाहा लेकिन वे नहीं माने। मारपीट कर रहे कार्यकर्ता एक-दूसरे पर कुर्सियां फेंकने लगे तो जोनल इंचार्ज मुनकाद अली ने माइक संभाला। उन्होंने थोड़ी डांट लगाई फिर पार्टी की साख के लिए मनुहार कर नाराज कार्यकर्ताओं को शांत कराया।
बैठक दोबारा शुरू होने के कुछ देर बाद नेताओं और कार्यकर्ताओं के निशाने पर जिलाध्यक्ष हरिश्चंद्र कुरील आ गए। उन पर पार्टी के लोगों ने गंभीर आरोप लगाए। जिलाध्यक्ष हर आरोप पर सफाई देते लेकिन कार्यकर्ताओं ने एक न सुनी। स्थिति फिर काबू से बाहर होते देख मुनकाद अली ने कुछ मुद्दों पर अपनी बात रखी और समीक्षा बैठक समाप्त करने की घोषणा कर दी। पदाधिकारियों और कुछ कार्यकर्ताओं को बैठक के लिए मंडलीय कार्यालय पहुंचने को कहा गया। बाद में वहां देर शाम तक चली बैठक में जिला और महानगर कमेटी के नए अध्यक्ष के चयन और अन्य मुद्दों पर निर्णय लिए गए। बैठक में जिला कमेटी के पदाधिकारियों के साथ विधायक मुजतबा सिद्दीकी, विधायक हाकिम लाल बिंद समेत विधानसभा चुनाव लड़ चुके सभी प्रत्याशी और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
बसपा की इस चुनाव समीक्षा बैठक में बतौर पर्यवेक्षक पार्टी के जोनल इंचार्ज मुनकाद अली और टीकेश गौतम और अमरेंद्र बहादुर शामिल हुए। बैठक शुरू होते ही कुछ लोगों ने पार्टी नेता अनिल गौतम का विरोध किया। अनिल के समर्थक मुखर हुए तो दूसरी ओर से दीपचंद्र का विरोध होने लगा। अचानक दो गुटों के कार्यकर्ता आक्रोशित होकर नारेबाजी करने लगे। आर्थिक आरोप भी हवा में उछले। थोड़ी ही देर में अराजकता की स्थिति हो गई। कुछ लोग मारपीट पर उतर आए। वहां मौजूद पुलिस ने हंगामा कर रहे लोगों को रोकना चाहा लेकिन वे नहीं माने। मारपीट कर रहे कार्यकर्ता एक-दूसरे पर कुर्सियां फेंकने लगे तो जोनल इंचार्ज मुनकाद अली ने माइक संभाला। उन्होंने थोड़ी डांट लगाई फिर पार्टी की साख के लिए मनुहार कर नाराज कार्यकर्ताओं को शांत कराया।
विज्ञापन
बैठक दोबारा शुरू होने के कुछ देर बाद नेताओं और कार्यकर्ताओं के निशाने पर जिलाध्यक्ष हरिश्चंद्र कुरील आ गए। उन पर पार्टी के लोगों ने गंभीर आरोप लगाए। जिलाध्यक्ष हर आरोप पर सफाई देते लेकिन कार्यकर्ताओं ने एक न सुनी। स्थिति फिर काबू से बाहर होते देख मुनकाद अली ने कुछ मुद्दों पर अपनी बात रखी और समीक्षा बैठक समाप्त करने की घोषणा कर दी। पदाधिकारियों और कुछ कार्यकर्ताओं को बैठक के लिए मंडलीय कार्यालय पहुंचने को कहा गया। बाद में वहां देर शाम तक चली बैठक में जिला और महानगर कमेटी के नए अध्यक्ष के चयन और अन्य मुद्दों पर निर्णय लिए गए। बैठक में जिला कमेटी के पदाधिकारियों के साथ विधायक मुजतबा सिद्दीकी, विधायक हाकिम लाल बिंद समेत विधानसभा चुनाव लड़ चुके सभी प्रत्याशी और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।
विज्ञापन