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कारोबारियों की लोहे की रॉड से पीट-पीटकर हत्या

Sat, 26 Nov 2016 02:10 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद Updated Sat, 26 Nov 2016 02:10 AM IST
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Beat with an iron rod businessmen murder
इलाहाबाद - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
शहर के पुराना कटरा में रेडीमेड गारमेंट कारोबारी अमित गुप्ता (34) और पड़ोसी स्टेशनरी कारोबारी सचिन केसरवानी (28) का बृहस्पतिवार देररात कत्ल कर दिया गया। उनका दोस्त कृष्णा उन्हें घर से बुलाकर ले गया था। कारोबारियों की मौत की खबर पाकर जब कर्नलगंज पुलिस और परिजन पहुंचे तो कृष्णा ने सड़क हादसे में मौत की कहानी गढ़ी। पुलिस ने मामला संदिग्ध देख कृष्णा और उसके दोस्त दिव्यांशु उर्फ देबू को हिरासत में लेकर सफारी को कब्जे में ले लिया है। पुलिस अमित के परिजनों की तहरीर पर दोनों के खिलाफ हत्या और धमकी का केस लिखकर जांच में जुटी है। वहीं पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक मृतकों के शरीर पर गहरी चोट हैं। सड़क दुर्घटना में ऐसी चोटें नहीं आती हैं। ऐसी चोटें लोहे की रॉड या सरिया से पीटने पर लगती हैं। 
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पुराना कटरा का रहने वाला अमित गुप्ता दो भाइयों में बड़ा था। उसकी घर में रेडीमेड कपड़े की दुकान है। बृहस्पतिवार रात लगभग 11 बजे मोहल्ले का उसका दोस्त कारोबारी कृष्णा केसरवानी सफारी से आया। वह अमित और उसके पड़ोसी सचिन केसरवानी को बुलाकर सफारी में ले गया। घरवालों के मुताबिक वे अक्सर रात में मौज-मस्ती करने निकलते थे। रात लगभग 12 बजे अमित की पत्नी अंशू ने फोन किया तो उसने बताया कि वह घर के पास स्थित काली मंदिर के पास पहुंच रहा है। पत्नी से बोला, ‘पांच मिनट में पहुंच रहा हूं, तुम बारजे पर आ जाओ’। आधे घंटे बाद भी अमित घर नहीं पहुंचा तो पत्नी अंशू ने दोबारा उसके मोबाइल पर कॉल किया। तब कृष्ण ने बताया कि सड़क दुर्घटना में अमित घायल है। वह उसे कचहरी के पास निजी अस्पताल लेकर आया है। अमित के घरवाले अस्पताल पहुंचे तो कृष्णा गायब था, लेकिन परिजनों को वहां अमित का शव मिला।  
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इस घटना के बाद कृष्णा की खोजबीन शुरू हुई तो उसकी सफारी रामवाटिका के पास खड़ी मिली। वहीं कुछ दूर पर कृष्णा अपने दोस्तों की मदद से सचिन का खून से लथपथ शव एक दूसरी गाड़ी में लेकर एसआरएन जाने की तैयारी में था। लोगों ने उसको घेर लिया। पूछने पर कृष्णा ने बताया कि सफारी खराब हो गई तो वह अपने दोस्तों को बुलाकर घायल सचिन को एसआरएन ले जा रहा था। हालांकि, सचिन की सांसें तब तक थम चुकी थीं। खबर पाकर कर्नलगंज पुलिस भी पहुंची। मामला संदिग्ध देख पुलिस ने कृष्णा और उसके दोस्त देबू को हिरासत में लिया। पुलिस ने दोनों शव को कब्जे में लेकर चीरघर भेज दिया।  
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पूछताछ में कृष्णा ने बताया कि वे सफारी में शराब पीने के बाद घूम रहे थे। मनमोहन पार्क से हिंदू हॉस्टल के पास अचानक गाड़ी की स्टेयरिंग घूम गई और सफारी पेड़ों से टकराकर रुकी तो सचिन और अमित गंभीर रूप से घायल थे। वह सचिन को मनमोहन पार्क के पास छोड़कर अमित को पास के निजी अस्पताल में ले गया। वहां उसे छोड़ने के बाद सचिन को एसआरएन ले जा रहा था। तभी भीड़ जुट गई। वहीं अमित के पिता शिवप्रकाश ने पुलिस को तहरीर दी है कि घरवाले अमित को खोजने निकले तो देखा कि मनमोहन पार्क तिराहे के पास कृष्णा और उसका साथी दिव्यांशु उर्फ देबू अमित और सचिन को लोहे की रॉड से पीट रहे थे। उन्हें आते देख सफारी में ढकेलकर भाग निकले। आरोपियों ने धमकाया कि पुलिस से शिकायत की तो जान से मार देंगे। शिकायत पर कर्नलगंज पुलिस कृष्णा, दिव्यांशु और अन्य अज्ञात के खिलाफ हत्या और धमकी का केस दर्ज कर जांच कर रही है। पुलिस पहले तो मामले को दुर्घटना ही मान कर चल रही थी, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मामले को संदिग्ध बता रही है। 
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