अधिवक्ता दीपचंद की हत्या के सदमे में मां की मौत
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इलाहाबाद। अधिवक्ता दीपचंद्र शुक्ला की हत्या का सदमा उनकी बुजुर्ग मां बर्दाश्त नहीं कर सकीं। बुधवार दोपहर दिल का दौरा पड़ने से उनका निधन हो गया। इलाहाबाद में हुए कत्ल के विरोध में कौशाम्बी के वकीलों ने बुधवार को न्यायिक कार्य से विरत रहते हुए प्रदर्शन किया।
सैनी कोतवाली क्षेत्र के साढ़ो गांव निवासी शिक्षक रामचंद्र शुक्ल के चार बेटों में दूसरे नंबर के पुत्र दीपचंद्र शुक्ला इलाहाबाद हाईकोर्ट में अधिवक्ता थे। रविवार को उनकी हत्या के बाद देर रात उनका शव सूबेदारगंज रेलवे स्टेशन के पास जलाया गया था। मंगलवार सुबह घरवालों को इस बारे में पता चला। दीपचंद्र की हत्या से साढ़ो में उनके पैतृक निवास में कोहराम मच गया। इलाहाबाद के रसूलाबाद घाट पर शव का अंतिम संस्कार करने के बाद बुधवार सुबह परिवार के लोग पैतृक गांव साढ़ो लौटे।
यहां दोपहर में मारे गए अधिवक्ता दीपचंद्र की मां विमला देवी (68) की तबीयत अचानक बिगड़ी। फिर उनकी सांस थम गई। सबने यही माना है कि वह बेटे की हत्या का सदमा बर्दाश्त नहीं कर सकीं। दीपचंद्र के बाद उनकी मां का भी निधन होने से परिवार और रिश्तेदारों में मातम पसर गया है। गांववाले भी स्तब्ध और गमगीन हैं। दीपचंद्र की हत्या से कौशाम्बी के भी वकीलों में आक्रोश है। हत्यारों की गिरफ्तारी और पीड़ित परिवार को मुआवजे की मांग करते हुए कौशाम्बी के वकीलों ने बुधवार को न्यायिक कार्य का बहिष्कार किया।