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आंध्र से आया बच्चा संगम में डूबा
अमर उजाला ब्यूरो इलाहाबाद
Updated Thu, 06 Apr 2017 01:01 AM IST
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आंध्र प्रदेश से संगम स्नान के लिए आए एक श्रद्धालु का बच्चा बुधवार की दोपहर डूब गया। चार घंटे तक जाल डालकर खोजबीन के बाद भी बच्चा नहीं मिला। घटना से वहां घंटों अफरातफरी की स्थिति बनी रही। पुलिस का कहना है कि हो सकता है बच्चा किसी गड्ढे में चला गया हो। शाम को मां-बाप बिलखते हुए यहां से चले गए।
आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा शहर के अरुवा गांव से करीब दो दर्जन श्रद्धालु बुधवार को संगम स्नान के लिए पहुंचे थे। श्रद्धालुओं के इसी समूह में वेणु गोपाल, उनकी पत्नी यशोदा और सात साल का बेटा लोकेश भी थे। वे लोग दो नावों से बीच संगम पहुंचे और स्नान करने लगे। वेणु गोपाल ने लोकेश और छह साल की एक बच्ची को वहीं पर घुटने तक पानी में खड़ा कर दिया। दोनों बच्चे भी पानी में खेलने लगे। दो मिनट बाद वेणु गोपाल ने देखा तो लोकेश नहीं था। वह घबराकर इधर उधर ढूंढने लगे। बच्चे को न किसी ने बहते हुए देखा न ही डूबते हुए। साथ में खेल रही बच्ची भी कुछ नहीं बता पा रही थी। वहां मौजूद घाटियों ने पुलिस को सूचना दे दी।
जल पुलिस के साथ संगम चौकी इंचार्ज उमेश कुमार भी पहुंच गए। गोताखोरों को नदी में उतारकर लोकेश को ढूंढने का प्रयास किया गया। जब वे असफल हो गए तो पानी में जाल डालकर काफी दूर तक खोजा गया लेकिन कुछ पता नहीं चला। गोताखोर बच्चे को तलाश रहे थे, उधर मां-बाप बिलख रहे थे। मां यशोदा की हालत काफी खराब हो गई। वह दो बार बेहोश गई। शाम तक तक बच्चा नहीं मिला तो परिजन चले गए। दरोगा उमेश कुमार का कहना है कि हो सकता है कि बच्चा किसी गड्ढे में चला गया हो। इसी कारण बच्चा नहीं मिला। 36 घंटे में शव ऊपर आ जाता है, इसी कारण परिजनों के साथ आए दो लोगों को रोक लिया गया है।
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आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा शहर के अरुवा गांव से करीब दो दर्जन श्रद्धालु बुधवार को संगम स्नान के लिए पहुंचे थे। श्रद्धालुओं के इसी समूह में वेणु गोपाल, उनकी पत्नी यशोदा और सात साल का बेटा लोकेश भी थे। वे लोग दो नावों से बीच संगम पहुंचे और स्नान करने लगे। वेणु गोपाल ने लोकेश और छह साल की एक बच्ची को वहीं पर घुटने तक पानी में खड़ा कर दिया। दोनों बच्चे भी पानी में खेलने लगे। दो मिनट बाद वेणु गोपाल ने देखा तो लोकेश नहीं था। वह घबराकर इधर उधर ढूंढने लगे। बच्चे को न किसी ने बहते हुए देखा न ही डूबते हुए। साथ में खेल रही बच्ची भी कुछ नहीं बता पा रही थी। वहां मौजूद घाटियों ने पुलिस को सूचना दे दी।
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जल पुलिस के साथ संगम चौकी इंचार्ज उमेश कुमार भी पहुंच गए। गोताखोरों को नदी में उतारकर लोकेश को ढूंढने का प्रयास किया गया। जब वे असफल हो गए तो पानी में जाल डालकर काफी दूर तक खोजा गया लेकिन कुछ पता नहीं चला। गोताखोर बच्चे को तलाश रहे थे, उधर मां-बाप बिलख रहे थे। मां यशोदा की हालत काफी खराब हो गई। वह दो बार बेहोश गई। शाम तक तक बच्चा नहीं मिला तो परिजन चले गए। दरोगा उमेश कुमार का कहना है कि हो सकता है कि बच्चा किसी गड्ढे में चला गया हो। इसी कारण बच्चा नहीं मिला। 36 घंटे में शव ऊपर आ जाता है, इसी कारण परिजनों के साथ आए दो लोगों को रोक लिया गया है।
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