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शाश्वत परिहार लापता केस
Updated Tue, 26 Sep 2017 08:35 PM IST
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शाश्वत के पिता बोले, गुमराह कर रही पुलिस
0 आरोप जार्जटाउन थानेदार ने झूठा बोला कि टीम गई दिल्ली
0 खोजबीन के लिए दिल्ली गए उपनिरीक्षक शहर में ही तैनात
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद।
नौ दिन से लापता बीएचएस के छात्र शाश्वत परिहार के बारे में कोई सुराग नहीं लग सका है। परिवार के लोग जार्जटाउन पुलिस से बेहद खफा हैं, क्योंकि उन्हें खोजबीन के नाम पर गुमराह किया जा रहा है। पिता का आरोप है कि थानेदार ने भी उनसे झूठ बोला कि पुलिस टीम दिल्ली भेजी गई है। इस बीच अभिभावक एकता समिति ने डीएम और एसएसपी को ज्ञापन देकर छात्र की सकुशल बरामदगी की मांग की है।
बीएचएस में 12वीं का छात्र शाश्वत 18 सितंबर की शाम से लापता है। उसके पिता अनुपम परिहार एंग्लो बंगाली इंटर कॉलेज में शिक्षक हैं। उनका आरोप है कि पुलिस पहले दिन से ही महज आश्वासन दे रही है। खोजबीन के लिए किया कुछ नहीं जा रहा है। अनुपम के मुताबिक, मंगलवार को उन्होंने थानाध्यक्ष पंकज सिंह से बेटे की तलाश के बारे में संपर्क किया तो उन्हें बताया कि जांच अधिकारी उपनिरीक्षक वीरेंद्र यादव को दिल्ली भेजा गया है। वह दिल्ली में खोजबीन में जुटे हैं, मगर दोपहर में अनुपम के फोन करने पर उपनिरीक्षक वीरेंद्र ने बताया कि वह शहर में एमएनएनआईटी के पास ड्यूटी पर तैनात हैं। अनुपम के मुताबिक, यह सुनकर वह सन्न रह गए। वह अब एसएसपी समेत आला अधिकारियों से मिलकर पुलिस के रवैये की शिकायत करेंगे। उधर, शाश्वत की मां गिरीशा की हालत बेहद खराब होती जा रही है। उनका स्पाइनल कार्ड का ऑपरेशन हुआ है। वह हरदम रोती रहती हैं और खाना-पीना बमुश्किल ले रही हैं।
शाश्वत 18 सितंबर की शाम करीब 5.50 बजे घर से कोचिंग के लिए निकला था। निकलते वक्त दादी से हलवा खाने के बारे में बात की थी। फिर रात में उसके दोस्त आदित्य ने थार्नहिल रोड स्थित शाश्वत के घर आकर उसका बैग दिया जिसमें मोबाइल भी साइलेंट मोड पर था। आदित्य ने बताया कि शाश्वत शाम 7.40 बजे उसे दरभंगा में बैग देकर गया था। बोला था कि अपने अंकल के यहां दूध लेने जा रहा है। लौटकर बैग ले जाएगा मगर लौटा नहीं। फिर उसकी स्कूटी नए पुल पर मिली। परिजनों ने दिल्ली में शाश्वत के दोस्त अरमान से संपर्क किया लेकिन उसने बताया कि शाश्वत न तो आया और न तो फोन पर ही उससे बात की थी।
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0 आरोप जार्जटाउन थानेदार ने झूठा बोला कि टीम गई दिल्ली
0 खोजबीन के लिए दिल्ली गए उपनिरीक्षक शहर में ही तैनात
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद।
नौ दिन से लापता बीएचएस के छात्र शाश्वत परिहार के बारे में कोई सुराग नहीं लग सका है। परिवार के लोग जार्जटाउन पुलिस से बेहद खफा हैं, क्योंकि उन्हें खोजबीन के नाम पर गुमराह किया जा रहा है। पिता का आरोप है कि थानेदार ने भी उनसे झूठ बोला कि पुलिस टीम दिल्ली भेजी गई है। इस बीच अभिभावक एकता समिति ने डीएम और एसएसपी को ज्ञापन देकर छात्र की सकुशल बरामदगी की मांग की है।
बीएचएस में 12वीं का छात्र शाश्वत 18 सितंबर की शाम से लापता है। उसके पिता अनुपम परिहार एंग्लो बंगाली इंटर कॉलेज में शिक्षक हैं। उनका आरोप है कि पुलिस पहले दिन से ही महज आश्वासन दे रही है। खोजबीन के लिए किया कुछ नहीं जा रहा है। अनुपम के मुताबिक, मंगलवार को उन्होंने थानाध्यक्ष पंकज सिंह से बेटे की तलाश के बारे में संपर्क किया तो उन्हें बताया कि जांच अधिकारी उपनिरीक्षक वीरेंद्र यादव को दिल्ली भेजा गया है। वह दिल्ली में खोजबीन में जुटे हैं, मगर दोपहर में अनुपम के फोन करने पर उपनिरीक्षक वीरेंद्र ने बताया कि वह शहर में एमएनएनआईटी के पास ड्यूटी पर तैनात हैं। अनुपम के मुताबिक, यह सुनकर वह सन्न रह गए। वह अब एसएसपी समेत आला अधिकारियों से मिलकर पुलिस के रवैये की शिकायत करेंगे। उधर, शाश्वत की मां गिरीशा की हालत बेहद खराब होती जा रही है। उनका स्पाइनल कार्ड का ऑपरेशन हुआ है। वह हरदम रोती रहती हैं और खाना-पीना बमुश्किल ले रही हैं।
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शाश्वत 18 सितंबर की शाम करीब 5.50 बजे घर से कोचिंग के लिए निकला था। निकलते वक्त दादी से हलवा खाने के बारे में बात की थी। फिर रात में उसके दोस्त आदित्य ने थार्नहिल रोड स्थित शाश्वत के घर आकर उसका बैग दिया जिसमें मोबाइल भी साइलेंट मोड पर था। आदित्य ने बताया कि शाश्वत शाम 7.40 बजे उसे दरभंगा में बैग देकर गया था। बोला था कि अपने अंकल के यहां दूध लेने जा रहा है। लौटकर बैग ले जाएगा मगर लौटा नहीं। फिर उसकी स्कूटी नए पुल पर मिली। परिजनों ने दिल्ली में शाश्वत के दोस्त अरमान से संपर्क किया लेकिन उसने बताया कि शाश्वत न तो आया और न तो फोन पर ही उससे बात की थी।
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