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अशरफ के यहां दबिश
Updated Mon, 07 Aug 2017 01:48 AM IST
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अशरफ समेत चार के घर पर पड़े छापे
तोता, दुर्रानी और अकरम की तलाश में पुलिस
आरोपियों के खिलाफ होंगे कुर्की के प्रयास
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद।
धूमनगंज पुलिस ने किसान नेता जितेंद्र पटेल की हत्या आरोपी पूर्व विधायक अशरफ, जुल्फिकार उर्फ तोता, आसिम उर्फ दुर्रानी और अकरम के घर ताबड़तोड़ छापे मारे गए। छापे के दौरान चारों में से कोई भी आरोपी नहीं मिला। इनमें से दो के परिजनों को पुलिस पूछताछ के लिए थाने ले आई है। इस केस में माफिया अतीक अहमद के खिलाफ बी वारंट के लिए सीजेएम की अदालत से मंगलवार को सुनवाई है। यहां से बी वारंट जारी होने के बाद जेल में उनके खिलाफ वारंट तामील करा दिया जाएगा।
पिछले साल 11 जून जून को सुलेम सराय में जितेंद्र की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस हत्या कांड में पूर्व विधायक राजू पाल के गवाह उमेश पाल को आरोपी बना दिया गया था। उसने अपने को निर्दोष बताते हुए उच्च स्तरीय जांच कराने का अनुरोध उच्च अधिकारियों से किया था। अफसरों के स्तर पर की गई जांच में उमेश पाल निर्दोष साबित हुआ और माफिया अतीक अहम के इशारे पर गोली मारकर हत्या करने की पुष्टि हुई। इस हत्याकांड में अतीक के भाई पूर्व विधायक अशरफ, तोता, दुर्रानी, जुल्फिकार और अकरम के खिलाफ पिछले सप्ताह मुकदमा दर्ज किया गया।
थाना प्रभारी अरुण कुमार त्यागी ने बताया कि अशरफ के चकिया स्थित मकान पर दबिश दी गई। इसी तरह जुल्फिकार उर्फ तोता, आसिम उर्फ दुर्रानी और अकरम के घरों पर भी दबिश दी लेकिन यह चारो आरोपी नहीं मिले। इनके खिलाफ 82 एवं 83 की कार्रवाई के लिए अदालत में आवेदन किया जाएगा।
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तोता, दुर्रानी और अकरम की तलाश में पुलिस
आरोपियों के खिलाफ होंगे कुर्की के प्रयास
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद।
धूमनगंज पुलिस ने किसान नेता जितेंद्र पटेल की हत्या आरोपी पूर्व विधायक अशरफ, जुल्फिकार उर्फ तोता, आसिम उर्फ दुर्रानी और अकरम के घर ताबड़तोड़ छापे मारे गए। छापे के दौरान चारों में से कोई भी आरोपी नहीं मिला। इनमें से दो के परिजनों को पुलिस पूछताछ के लिए थाने ले आई है। इस केस में माफिया अतीक अहमद के खिलाफ बी वारंट के लिए सीजेएम की अदालत से मंगलवार को सुनवाई है। यहां से बी वारंट जारी होने के बाद जेल में उनके खिलाफ वारंट तामील करा दिया जाएगा।
पिछले साल 11 जून जून को सुलेम सराय में जितेंद्र की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस हत्या कांड में पूर्व विधायक राजू पाल के गवाह उमेश पाल को आरोपी बना दिया गया था। उसने अपने को निर्दोष बताते हुए उच्च स्तरीय जांच कराने का अनुरोध उच्च अधिकारियों से किया था। अफसरों के स्तर पर की गई जांच में उमेश पाल निर्दोष साबित हुआ और माफिया अतीक अहम के इशारे पर गोली मारकर हत्या करने की पुष्टि हुई। इस हत्याकांड में अतीक के भाई पूर्व विधायक अशरफ, तोता, दुर्रानी, जुल्फिकार और अकरम के खिलाफ पिछले सप्ताह मुकदमा दर्ज किया गया।
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थाना प्रभारी अरुण कुमार त्यागी ने बताया कि अशरफ के चकिया स्थित मकान पर दबिश दी गई। इसी तरह जुल्फिकार उर्फ तोता, आसिम उर्फ दुर्रानी और अकरम के घरों पर भी दबिश दी लेकिन यह चारो आरोपी नहीं मिले। इनके खिलाफ 82 एवं 83 की कार्रवाई के लिए अदालत में आवेदन किया जाएगा।
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