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सरायइनात हत्याकांड
Updated Wed, 02 Aug 2017 09:18 PM IST
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हत्याकांड में बना रहस्य, दुकानों को बंद कराया
- प्रधान के चचिया ससुर की हत्या में उलझी पुलिस
- गला रेता नहीं गया बल्कि दबाकर की गई थी हत्या
अमर उजाला ब्यूरो
हनुमानगंज (इलाहाबाद)।
सरायइनायत के ककरा दुबावल गांव में अनिल मिश्र (52) की हत्या का रहस्य अभी बरकरार है। नामजद एफआईआर लिखकर पुलिस ने एक आरोपी समेत तीन लोगों को हिरासत में लिया और पूछताछ की पर कोई नतीजा नहीं निकल सका। ऐसे में पुलिस दूसरे कई पहलुओं पर छानबीन कर रही है। इस बीच बुधवार को मारे गए अनिल के परिजनों ने कातिलों की गिरफ्तारी नहीं होने पर ककरा दुबावल गांव में दुकानों को जबरन बंद कर विरोध जताया।
गांव की प्रधान सोनी मिश्रा के चचिया ससुर अनिल मिश्रा रविवार रात लापता हुए तो तीसरे रोज मंगलवार सुबह तालाब किनारे उनका शव मिला था। अपहरण और हत्या में गांव के धीरज, खेताऊ, पूर्व प्रधान आनंद मिश्र, सोनू मिश्र और तीन अज्ञात के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई। पुलिस ने धीरज समेत तीन लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की। चर्चा रही कि पुलिस ने एक घर से चापड़ और खून सने कपड़े बरामद किए हैं पर अफसरों ने इनकार कर दिया। पोस्टमार्टम से पता चला कि अनिल का कत्ल गला रेतकर नहीं, बल्कि दबाकर किया गया था। सिर पर भी गहरी चोट की गई थी। बुधवार को भी पुलिस कातिलों को बेनकाब नहीं कर सकी। पुलिस का कहना है कि पूछताछ और जांच की जा रही है। उधर, थाने में पकड़े गए आरोपी खुद को बेकसूर बताते रहे। हत्याकांड का खुलासा नहीं होने से नाराज भतीजे अमरेंद्र समेत परिवार के लोगों ने बुधवार दोपहर गांव दुकानों को बंद कराया।
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- प्रधान के चचिया ससुर की हत्या में उलझी पुलिस
- गला रेता नहीं गया बल्कि दबाकर की गई थी हत्या
अमर उजाला ब्यूरो
हनुमानगंज (इलाहाबाद)।
सरायइनायत के ककरा दुबावल गांव में अनिल मिश्र (52) की हत्या का रहस्य अभी बरकरार है। नामजद एफआईआर लिखकर पुलिस ने एक आरोपी समेत तीन लोगों को हिरासत में लिया और पूछताछ की पर कोई नतीजा नहीं निकल सका। ऐसे में पुलिस दूसरे कई पहलुओं पर छानबीन कर रही है। इस बीच बुधवार को मारे गए अनिल के परिजनों ने कातिलों की गिरफ्तारी नहीं होने पर ककरा दुबावल गांव में दुकानों को जबरन बंद कर विरोध जताया।
गांव की प्रधान सोनी मिश्रा के चचिया ससुर अनिल मिश्रा रविवार रात लापता हुए तो तीसरे रोज मंगलवार सुबह तालाब किनारे उनका शव मिला था। अपहरण और हत्या में गांव के धीरज, खेताऊ, पूर्व प्रधान आनंद मिश्र, सोनू मिश्र और तीन अज्ञात के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई। पुलिस ने धीरज समेत तीन लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की। चर्चा रही कि पुलिस ने एक घर से चापड़ और खून सने कपड़े बरामद किए हैं पर अफसरों ने इनकार कर दिया। पोस्टमार्टम से पता चला कि अनिल का कत्ल गला रेतकर नहीं, बल्कि दबाकर किया गया था। सिर पर भी गहरी चोट की गई थी। बुधवार को भी पुलिस कातिलों को बेनकाब नहीं कर सकी। पुलिस का कहना है कि पूछताछ और जांच की जा रही है। उधर, थाने में पकड़े गए आरोपी खुद को बेकसूर बताते रहे। हत्याकांड का खुलासा नहीं होने से नाराज भतीजे अमरेंद्र समेत परिवार के लोगों ने बुधवार दोपहर गांव दुकानों को बंद कराया।
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