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टीटीई को जेल, अब बर्खास्तगी की तैयारी
Updated Fri, 13 Jul 2018 02:04 AM IST
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टीटीई को जेल, अब बर्खास्तगी की तैयारी
0 फर्जी अतिरिक्त भाड़ा रसीद से बना रहा था कि यात्रियों की रसीद
0 रंगे हाथ पकड़े जाने पर सीनियर डीसीएम ने किया था निलंबित
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद। गाजीपुर-बांद्रा टर्मिनल एक्सप्रेस में फर्जी अतिरिक्त भाड़ा रसीद (ईएफटी) से यात्रियों की रसीद बनाने वाले टिकट परीक्षक को जेल भेज दिया गया है। जेल भेजे जाने के बाद रेलवे उसे अब बर्खास्त करने की तैयारी कर रहा है। इसके लिए उत्तर मध्य रेलवे (एनसीआर) इलाहाबाद मंडल की टीम ने कागजी कार्रवाई शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि संबंधित टिकट परीक्षक ने फर्जी ईएफटी के माध्यम से अब तक एक लाख रुपये से ज्यादा की रसीद काटी है।
दरअसल वाणिज्य विभाग के अफसरों को पिछले दिनों शिकायत मिली थी कि मंडल का एक टिकट परीक्षक फर्जी ईएफटी से यात्रियों की रसीद काट रहा है। इसके लिए वाणिज्य विभाग के अफसरों ने एक टीम का गठन किया। इस टीम में शामिल सदस्य यात्री बनकर गाड़ी संख्या 19042 गाजीपुर-बांद्रा टर्मिनल में मंगलवार को गाजीपुर से सवार हुए। मंडियाहू स्टेशन पर इस टीम ने ट्रेन के एस-वन कोच में प्रदीप कुमार मौर्य नाम का टिकट परीक्षक फर्जी ईएफटी के माध्यम से यात्रियों की रसीद बनाता रंगेहाथ पकड़ लिया। इसके बाद बुधवार को संबंधित टीटीई को सीनियर डीसीएम नवीन दीक्षित ने निलंबित कर दिया। लिखापढ़ी के बाद उसे जीआरपी को सौंप दिया गया। बृहस्पतिवार को संबंधित टीटीई जेल भेज दिया गया। अब उसके एक अन्य सहयोगी की भी तलाश की जा रही है। हालांकि उसका सहयोगी रेलकर्मी नहीं है।
बताया जा रहा है कि टीटीई पिछले चार माह के दौरान अब तक तीन ईएफटी का प्रयोग कर चुका है। उसके माध्यम से उसने एक लाख रुपये से ज्यादा की रसीद यात्रियों की बनाई। उसने गाजीपुर-बांद्रा साप्ताहिक ट्रेन में चौथी बार ईएफटी की उपयोग किया था। हालांकि जब उसने दूसरी बार ईफटी का प्रयोग किया था तभी रेलवे अफसरों तक यह मामला सामने आया। मामला सामने आने पर संबंधित टीटीई को उसकी अगली ट्रिप में पकड़े जाने की तैयारी की गई। इसके बाद चौथे ट्रिप में उसे रंगेहाथ पकड़ लिया गया। इस बारे में सीनियर डीसीएम नवीन दीक्षित का कहना है कि टीटीई को बर्खास्त करने की कार्रवाई की जा रही है।
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0 फर्जी अतिरिक्त भाड़ा रसीद से बना रहा था कि यात्रियों की रसीद
0 रंगे हाथ पकड़े जाने पर सीनियर डीसीएम ने किया था निलंबित
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद। गाजीपुर-बांद्रा टर्मिनल एक्सप्रेस में फर्जी अतिरिक्त भाड़ा रसीद (ईएफटी) से यात्रियों की रसीद बनाने वाले टिकट परीक्षक को जेल भेज दिया गया है। जेल भेजे जाने के बाद रेलवे उसे अब बर्खास्त करने की तैयारी कर रहा है। इसके लिए उत्तर मध्य रेलवे (एनसीआर) इलाहाबाद मंडल की टीम ने कागजी कार्रवाई शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि संबंधित टिकट परीक्षक ने फर्जी ईएफटी के माध्यम से अब तक एक लाख रुपये से ज्यादा की रसीद काटी है।
दरअसल वाणिज्य विभाग के अफसरों को पिछले दिनों शिकायत मिली थी कि मंडल का एक टिकट परीक्षक फर्जी ईएफटी से यात्रियों की रसीद काट रहा है। इसके लिए वाणिज्य विभाग के अफसरों ने एक टीम का गठन किया। इस टीम में शामिल सदस्य यात्री बनकर गाड़ी संख्या 19042 गाजीपुर-बांद्रा टर्मिनल में मंगलवार को गाजीपुर से सवार हुए। मंडियाहू स्टेशन पर इस टीम ने ट्रेन के एस-वन कोच में प्रदीप कुमार मौर्य नाम का टिकट परीक्षक फर्जी ईएफटी के माध्यम से यात्रियों की रसीद बनाता रंगेहाथ पकड़ लिया। इसके बाद बुधवार को संबंधित टीटीई को सीनियर डीसीएम नवीन दीक्षित ने निलंबित कर दिया। लिखापढ़ी के बाद उसे जीआरपी को सौंप दिया गया। बृहस्पतिवार को संबंधित टीटीई जेल भेज दिया गया। अब उसके एक अन्य सहयोगी की भी तलाश की जा रही है। हालांकि उसका सहयोगी रेलकर्मी नहीं है।
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बताया जा रहा है कि टीटीई पिछले चार माह के दौरान अब तक तीन ईएफटी का प्रयोग कर चुका है। उसके माध्यम से उसने एक लाख रुपये से ज्यादा की रसीद यात्रियों की बनाई। उसने गाजीपुर-बांद्रा साप्ताहिक ट्रेन में चौथी बार ईएफटी की उपयोग किया था। हालांकि जब उसने दूसरी बार ईफटी का प्रयोग किया था तभी रेलवे अफसरों तक यह मामला सामने आया। मामला सामने आने पर संबंधित टीटीई को उसकी अगली ट्रिप में पकड़े जाने की तैयारी की गई। इसके बाद चौथे ट्रिप में उसे रंगेहाथ पकड़ लिया गया। इस बारे में सीनियर डीसीएम नवीन दीक्षित का कहना है कि टीटीई को बर्खास्त करने की कार्रवाई की जा रही है।
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