फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   सुमित हत्याकांड: तीन गिरफ्तार, चार मददगारों की तलाश

सुमित हत्याकांड: तीन गिरफ्तार, चार मददगारों की तलाश

Mon, 12 Nov 2018 08:29 PM IST
Updated Mon, 12 Nov 2018 08:29 PM IST
विज्ञापन
सुमित हत्याकांड: तीन गिरफ्तार, चार मददगारों की तलाश
अच्युतानंद हत्याकांड
विज्ञापन

0000000000000000000

तीन गिरफ्तार, चार मददगारों की तलाश
हिरासत में लेने के तीन दिन बाद दिखाई गई गिरफ्तारी
नैनी पुलिस ने पकड़ा, पिस्टल, दो तमंचे, कारतूस बरामद
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। इनामी छात्रनेता अच्युतानंद उर्फ सुमित शुक्ला हत्याकांड का सोमवार को पुलिस ने खुलासा कर दिया। तीन दिन पहले हिरासत में लिए गए 50-50 हजार के इनामी तीनों आरोपियों की गिरफ्तारी दिखाते हुए दावा किया कि भागने में इनकी मदद चार युवकों ने की थी, जिनकी तलाश की जा रही है।
25 हजार के इनामी अच्युतानंद की हत्या 31 अक्तूबर की रात पीसीबी हॉस्टल में कर दी गई थी। मामले के तीनों आरोपियों 50-50 हजार के इनामी सीएमपी छात्रसंघ अध्यक्ष आशुतोष त्रिपाठी, हरिकेश मिश्रा व सौरभ सिंह उर्फ प्रिंस को तीन दिन पहले ही पुलिस ने हिरासत में ले लिया था। सोमवार को तीनों की गिरफ्तारी नैनी के छिवकी से दिखाते हुए एसएसपी ने बताया कि इनसे गहन पूछताछ की गई। इसमें उन्होंने बताया कि हॉस्टल में आयोजित जन्मदिन पार्टी में आशुतोष दोस्तों हरिकेश व प्रवीण सिंह गज्जू के साथ पहुंचा था। डांस करने के दौरान गज्जू का अच्युतानंद के करीबी आलोक चौबे से विवाद हुआ तो हरिकेश व आशुतोष उसके पक्ष से बोलने लगे। जिस पर अच्युतानंद ने तीनों को वहां से भगा दिया। कुछ देर बाद अच्युतानंद ने ही फोन कर बुलाया। आशुतोष हरिकेश व गज्जू के साथ ही सौरभ, कनक उर्फ राहुल व देवऋषि सिंह उर्फ देवा शूटर के साथ पहुंचा। हालांकि भीतर केवल आशुतोष, हरिकेश व सौरभ ही गए। डर था कि अच्युतानंद व उसके साथी हमला कर सकते हैं, ऐसे में आशुतोष ही अच्युतानंद के पास गया और उसके ठीक पीछे वाली सीट पर जाकर बैठ गया। कुछ ही पल बीते थे कि अचानक उसने अच्युतानंद की पीठ पर गोली दाग दी और वहां से भाग निकला।
विज्ञापन

एसएसपी ने बताया कि पूछताछ के दौरान आश्ुातोष ने बताया है कि अच्युतानंद उसका गुरु था लेकिन, पिछले कई महीनों से वह सबके सामने उसे बेइज्जत कर रहा था। छात्रसंघ अध्यक्ष बनने के बाद भी वह ऐसा करता रहा। जिसे लेकर उसके मन में गुस्सा था। पार्टी में विवाद के बाद भी उसे गालीगलौच कर भगाया। इस बार भी वह अपमान का घूंट पीकर रह गया। लेकिन, जब दोबारा उसे बुलाया गया तो वह गुस्से पर काबू नहीं रख पाया और उसे गोली मार दी। पुलिस का दावा है कि आरोपियों के पास से एक पिस्टल, दो तमंचे व आठ कारतूस बरामद हुए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन



चार मददगारों की तलाश
पुलिस का दावा है कि हत्या के बाद तीनों आरोपियों की भागने में अच्छे लॉज निवासी गज्जू, देवऋषि, कनक व हॉस्टलर प्रदीप यादव ने मदद की। प्रदीप ने ही पहले आशुतोष और इसके बाद सौरभ व हरिकेश को रोडवेज बस अड्डे छोड़ा। जबकि गज्जू, देवऋषि व कनक ओला कैब से झूंसी तक गए व इसके बाद वाराणसी भाग निकले। उधर, तीनों हत्यारोपी निजी वाहन से लखनऊ और फिर वहां से नेपाल भाग निकले जहां आशुतोष की बुआ रहती थी। इसकी भनक लगने के बाद नैनी इंस्पेक्टर पंकज सिंह व सिपाही बृजेंद्र राय वहां पहुंचे और तीनों को पकड़कर अपने साथ ले लाए। सूत्रों की मानें तो प्रदीप को हिरासत में ले लिया गया है। हालांकि पुलिस इससे इंकार कर रही है। उसका कहना है कि चारों मददगारों की तलाश की जा रही है।



पहले भी एक हत्या में रह चुका है शामिल
पुलिस ने बताया कि पूछताछ के दौरान आरोपी आशुतोष ने पूर्व में हुई हत्या की एक वारदात में शामिल होने की भी बात कबूली है। सिविल लाइंस में बीयर बार में 3 मई 2015 में हुई हत्या में वह शामिल था। इसके अलावा कर्नलगंज मेें हत्या के प्रयास के दो केस में भी वह वांछित था।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed