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11 और मुकदमों में वांछित है विनोद बी लाल

Sun, 10 Dec 2017 12:54 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद Updated Sun, 10 Dec 2017 12:54 AM IST
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11 more lawsuits are desirous Vinod B Lal
इलाहाबाद - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
फर्जी तरीकेसे इविंग क्रिश्चयन स्कूल संचालन के आरोप में गिरफ्तार विनोद बी लाल के खिलाफ 12 साल के दौरान दर्ज मुकदमों की फाइल खुल गई है। इनकेखिलाफ दर्ज करीब 11 मुकदमों की जांच क्राइम ब्रांच में आ गईं हैं, इन सभी की जांच बैठा दी गई है। करीब पंद्रह पुराने ये मुकदमे इलाहाबाद के अलावा प्रतापगढ़ और कौशांबी जिले में दर्ज हुए थे। इन सभी मुकदमों में विनोद बी लाल के अलावा कुछ और लोग भी नामजद किए गए थे। इनमें से अधिकांश मुकदमे लंबित हैं। कुछ में फाइनल रिपोर्ट लगाकर खारिज कर दिए गए थे। र्कई मुकदमों में उल्टे वादी को ही दोषी मानकर उनकेखिलाफ सख्त कार्रवाई की गई थी। ऐसे मामलों का चिट्ठा तैयार कर लिया गया है। जिनकी क्राइम ब्रांच की टीम गहनता से पड़ताल कर रही है।
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 2005 में शिल्पी अस्थान और राखी का धर्मांतरण और उनका शारीरिक शोषण। शहर के एक होटल में कश्मीरी छात्राओं के साथ दुष्कर्म। सरकारी सुरक्षा गार्ड को लेकर लोगों में दहशत फैलाना। 2012 में प्रतीक्षा जैकब का शारीरिक शोषण। प्रतापगढ़ जिले का फर्जी पता देकर शस्त्र लाइसेंस लेने सहित र्कई अहम मामलों में आरोपित हैं।
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एक्सिस बैंक के 20.40 करोड़ के गबन  में भी विनोद बी लाल केखिलाफ कार्रवाई हो सकती है। इनके खिलाफ क्राइम ब्रांच की विवेचना में नामजद आरोपी कमाल अहसान और राजेश ने भी बयान दिए थे। इन्होंने बयान में कहा था कि विनोद बी लाल ने एक स्कूल बनवाया है। उसमें एक्सिस बैंक में जमा शुआट्स के रुपये उन्हीं के कहने से निकाले थे। संकेत मिले हैं कि क्राइम इस मुकदमे में भी विनोद बी लाल का नामजद कर सकती है।
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क्राइम ब्रांच की टीम शुरू से लेकर अब तक फर्जी स्कूल संचालित होने से एकत्रित हुई फीस और सरकार के अनुदान के करीब छह करोड़ वसूलने की तैयारी में है। स्कूल संचालन से लेकर अब संचालित इस स्कूल से अर्जित आय और खर्च का एक्सपर्ट आंकलन करने में लग गए हैं। विवेचना में पाया गया है कि छात्रवृत्ति भी ली गई है, जबकि बिना मान्यता के किसी कालेज को छात्रवृत्ति प्रदान नहीं की जा सकती। इसी तरह फीस को भी अवैध वसूली मानकर इस रकम को सरकारी खजाने में जमाने की भी कार्रवाई होगी।


‘क्राइम ब्रांच इनकेखिलाफ सभी मुकदमों की गहनता से पड़ताल कर रही है। इसके लिए तीन निरीक्षकों की टीम लगी हुईं हैं। गबन की पुष्टि होने पर जाने फीस और छात्रृत्ति के रूप में ली गई रकम की रिकवरी की जा सकती है। शुआट्स की विवेचना में भी इनका नाम नामजद आरोपियों ने बयान में लिया है। इसीलिए विवेचना में इनकी भी भूमिका की जांच हो रही है।’ बीके मिश्रा, एसपी क्राइम
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