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नाबालिग बेटी की तलाश में भटक रहा पिता
Updated Wed, 18 Jul 2018 02:00 AM IST
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नाबालिग बेटी की तलाश में भटक रहा पिता, नहीं सुन रही पुलिस
अगवा हुए एक महीने से ऊपर का समय बीता
आरोप, उल्टे सीधे इल्जाम लगा रही करछना पुलिस
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद। नाबालिग बेटी की तलाश में पिता दर-दर भटक रहा है लेकिन पुलिस उसकी सुनवाई नहीं कर रही है। उसे अगवा हुए एक महीने का समय बीत चुका है लेकिन मुकदमा दर्ज होने के बावजूद पुलिस उसका पता नहीं लगा सकी है। पिता का आरोप है कि पूछने पर करछना पुलिस नाबालिग बेटी पर ही उल्टे-सीधे इल्जाम लगा रही है।
मामला करछना के कुलमई पीडी गांव का है। यहां रहने वाली किशोरी 11वीं की छात्रा है। बीते 10 जून को वह दो बजे घर से निकली और संदिग्ध परिस्थितियों में गायब हो गई। काफी खोजबीन के बाद भी वह नहीं मिली तो पिता ने पड़ोस में रहने वाली महिला और उसके भाई शशांक पांडेय निवासी कुलमई नचकोल का पूरा के खिलाफ अपहरण का आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज करा दी। पिता का आरोप है कि उसकी नाबालिग बेटी को अगवा हुए 37 दिन बीत चुके हैं लेकिन पुलिस अब तक उसका पता नहीं लगा सकी है। उनका यह भी आरोप है कि पूछने पर करछना पुलिस उल्टे सीधे जवाब देती है और उन्हें ही जलील करती है। उनसे कहा जाता है कि 2014 से गुम हुई लड़कियां अभी मिली नहीं तो हाल ही में गुम हुई किशोरी कैसे मिल जाएगी। पिता का कहना है कि वह बैंक कैशवैन एजेंसी में काम करता था। बेटी के गायब होने के बाद से वह उसकी तलाश में लग गया जिसके कारण उसकी नौकरी भी चली गई। उधर पुलिस का रवैया और भी पीड़ादायक है। उधर करछना इंस्पेक्टर ने आरोपों को गलत बताया है। उनका कहना है कि किशोरी की तलाश की जा रही है।
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अगवा हुए एक महीने से ऊपर का समय बीता
आरोप, उल्टे सीधे इल्जाम लगा रही करछना पुलिस
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद। नाबालिग बेटी की तलाश में पिता दर-दर भटक रहा है लेकिन पुलिस उसकी सुनवाई नहीं कर रही है। उसे अगवा हुए एक महीने का समय बीत चुका है लेकिन मुकदमा दर्ज होने के बावजूद पुलिस उसका पता नहीं लगा सकी है। पिता का आरोप है कि पूछने पर करछना पुलिस नाबालिग बेटी पर ही उल्टे-सीधे इल्जाम लगा रही है।
मामला करछना के कुलमई पीडी गांव का है। यहां रहने वाली किशोरी 11वीं की छात्रा है। बीते 10 जून को वह दो बजे घर से निकली और संदिग्ध परिस्थितियों में गायब हो गई। काफी खोजबीन के बाद भी वह नहीं मिली तो पिता ने पड़ोस में रहने वाली महिला और उसके भाई शशांक पांडेय निवासी कुलमई नचकोल का पूरा के खिलाफ अपहरण का आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज करा दी। पिता का आरोप है कि उसकी नाबालिग बेटी को अगवा हुए 37 दिन बीत चुके हैं लेकिन पुलिस अब तक उसका पता नहीं लगा सकी है। उनका यह भी आरोप है कि पूछने पर करछना पुलिस उल्टे सीधे जवाब देती है और उन्हें ही जलील करती है। उनसे कहा जाता है कि 2014 से गुम हुई लड़कियां अभी मिली नहीं तो हाल ही में गुम हुई किशोरी कैसे मिल जाएगी। पिता का कहना है कि वह बैंक कैशवैन एजेंसी में काम करता था। बेटी के गायब होने के बाद से वह उसकी तलाश में लग गया जिसके कारण उसकी नौकरी भी चली गई। उधर पुलिस का रवैया और भी पीड़ादायक है। उधर करछना इंस्पेक्टर ने आरोपों को गलत बताया है। उनका कहना है कि किशोरी की तलाश की जा रही है।
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