CoronaVirus: एसआरएन अस्पताल में शंकरगढ़ के दो युवको की मौत, कोरोना संदिग्ध वार्ड में थे भर्ती
एसआरएन अस्पताल में शनिवार को शंकरगढ़ से आए दो युवकों की मौत के बाद हड़कंप मच गया। ये दोनों वार्ड नंबर नौ में भर्ती किए गए थे, जहां कोरोना संदिग्धों को रखा जाता है। दोनों की कोरोना जांच भी कराई गई है, जिसमें एक की रिपोर्ट निगेटिव आई, जबकि दूसरे की रिपोर्ट का इंतजार है। दोनों की मौत के बाद अस्पताल के दो डॉक्टर, दो सिस्टर इंचार्ज, छह स्टाफ नर्स और तीन चतुर्थश्रेणी कर्मचारियों को क्वारंटीन करा दिया गया है। एसआरएन में अब तक मरने वालों का आंकड़ा 11 पहुंच चुका है।
शंकरगढ़ ब्लॉक के अटारा संदरिया का रहने वाला युवक (23) तेज बुखार, खांसी और सांस लेने में तकलीफ होने की शिकायत लेकर शनिवार को 11 बजे एसआरएन अस्पताल पहुंचा। डॉक्टरों ने उसकी स्क्रीनिंग और परीक्षण किया। इसके बाद उसे कोरोना संदिग्ध मानते हुए वार्ड नंबर नौ में भर्ती कर लिया गया। वार्ड में युवक को आईसोलेट कर दिया गया, लेकिन घंटे भर के भीतर ही उसकी मौत हो गई।
कोराना जांच के लिए उसका नमूना लिया गया, हालांकि उसकी रिपोर्ट नहीं आ सकी थी। उधर, वार्ड नंबर नौ में ही शनिवार की भोर में चार बजे शंकरगढ़ ब्लॉक के बिमरा गांव के सोनू की भी मौत हो गई। वह शुक्रवार की रात 10 बजे कोरोना की आशंका में भर्ती हुआ था। उसे सांस लेने में तकलीफ और बुखार की समस्या थी। मरीज की मौत के बाद उसकी जांच के लिए नमूना भेजा गया। उसकी रिपोर्ट निगेटिव आई है। मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. एसपी सिंह ने बताया कि दूसरे मरीज की रिपोर्ट का इंतजार है। बताया, कोरोना की आशंका में शनिवार को एक महिला को भी भर्ती किया गया है। उसे कमला नेहरू मेमोरियल अस्पताल से शिफ्ट किया गया था।
खराब व्यवस्था के आरोप में नर्सों का हंगामा
जानकारी के मुताबिक शनिवार सुबह शंकरगढ़ से एसआरएन अस्पताल पहुंचे युवक को इमरजेंसी मेडिकल अफसर ने बिना उसकी जांच किए, सीधे मेडिसिन विभाग के आईसीयू में भेज दिया। वहां पहुंचने पर जूनियर डॉक्टरों ने देखकर जरूरत के मुताबिक इंजेक्शन लगाने की सलाह दी। सिस्टर ने भी इंजेक्शन लगा दिया। युवक का यात्रा इतिहास भी नहीं पूछा गया। बाद में जब डॉक्टरों ने जानकारी ली जाने लगी तो वह कोरोना संदिग्ध निकला। इसी बात को लेकर नर्सों ने जमकर हंगामा किया। कहा, जूनियर डॉक्टर युवक का परीक्षण कर जान गए थे कि वह कोरोना संदिग्ध है।इसके बावजूद नर्सों को एहतियात बरतने की जानकारी नहीं दी गई। नर्सों ने इसकी शिकायत भी एसआईसी से की। लेकिन, आरोप है कि एसआईसी ने नर्सों की बातों को नजरअंदाज कर दिया। उन्होंने व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। कहा, जब व्यवस्था बनी है कि कोई भी मरीज आएगा तो पहले उसे ट्रायल रूम में देखने के बाद विभागों में उपचार के लिए भेजा जाएगा। लेकिन, शनिवार सुबह शंकरगढ़ से आए मरीज को इमरजेंसी मेडिकल अफसर ने सीधे आईसीयू मेडिसिन में भेज दिया।