प्रयागराज में सुबह से ही असमंजस, दुुकान खोलने पहुंचे तो खदेड़ा पुलिस ने
अक्षय तृतीया के एक दिन पहले दुकानों को खोले जाने की जानकारी शनिवार सुबह समाचार पत्रों से व्यापारियों को मिली तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। लेकिन, जब व्यापारी अपनी दुकान खोलने गए तो पुलिस ने आवश्यक सेवाओं के अलावा अन्य सामग्री की दुकानों को खुलने नहीं दिया। इस दौरान जो नहीं माना उसे डंडा पटककर भगाया गया।
दरअसल, गृह मंत्रालय की ओर से शुक्रवार की देर रात आदेश आया था कि शॉपिंग मॉल्स, कांपलेक्स, मल्टी और सिंगल ब्रांड के शोरूम के अलावा सभी दुकानें शनिवार से खुल सकेंगी। इस दौरान दुकानों पर केवल 50 फीसदी कर्मचारी ही काम कर सकेंगे। देर रात आए इस आदेश की जानकारी लोगों को शनिवार सुबह समाचार पत्र एवं न्यूज चैनलों के माध्यम से मिली। पिछले माह 22 मार्च से लगातार बंद चल रही दुकानों को खोले जाने की खबर मिलने के बाद कुछ दुकानदार सुबह आठ बजे ही दुकानें खोलने चले गए।
जीरो रोड पर सुबह दस बजे हार्डवेयर की दुकान खोलने कारोबारी पहुंचा तो पुलिस ने उसे रोक दिया। व्यापारी ने कहा कि गृह मंत्रालय ने आदेश दिया है कि दुकान खोली जा सकती है, हालांकि पुलिस ने ऐसे किसी आदेश से इंकार कर दिया। इसी तरह विवेकानंद मार्ग पर भी एक मशीनरी की दुकान खोलने के लिए कारोबारी पहुंचे तो पुलिस ने उन्हें भी दुकान खोले जाने से मना कर दिया। अल्लापुर, सोहबतियाबाग, बहादुरगंज, कटरा, हिम्मतगंज समेत तमाम मोहल्लों में सुबह से ही सैकड़ों कारोबारी अपनी दुकान खोलने को पहुंच गए।
कैट ने कहा राज्य सरकार को ही लेना है निर्णय
शुक्रवार की रात गृह मंत्रालय द्वारा जारी एक आदेश जिसमें दुकान खोलने की बात कही गई थी उसे लेकर कैट के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र गोयल ने स्पष्ट किया कि इस संबंध में राज्य सरकारों को निर्णय लेना है। केंद्र सरकार द्वारा जारी आदेश में ई कामर्स को खोले जाने का कोई जिक्र नहीं है। सरकार के आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि नगर निगम की सीमा के अंदर मार्केट में अथवा रेजिडेंशियल कांपलेक्स में जो दुकानें चल रही हैं, केवल वही खोली जाएंगी, इसलिए व्यापारी अति उत्साह में न आएं।इस बीच सिविल लाइंस व्यापार मंडल के अध्यक्ष सुशील खरबंदा से भी शहर के तमाम व्यापारियों ने संपर्क किया कि वह दुकान खोले या नहीं। सभी व्यापारियों को समझाया गया कि जब तक जिला प्रशासन दुकान खोले जाने की कोई गाइडलाइन जारी नहीं करता तब तक व्यापारी अपनी दुकान न खोलें। किराना, मेडिकल आदि की दुकानें जो खुल रही हैं वह आगे भी खुलती रहेंगी।