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रक्षा अध्ययन विषय पर स्थिति स्ष्पष्अ करे आयोग
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Commission to explain the position on the subject of Defense Studies
रक्षा अध्ययन विषय पर स्थिति स्पष्ट करे आयोग
0 हाईकोर्ट ने लोक सेवा आयोग से पूछा निर्णय में विलंब का कारण
0 आयोग कर रहा है सरकार की मंजूरी का इंतजार
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग से प्रतियोगी परीक्षाओं से रक्षा अध्ययन विषय को हटाने पर निर्णय लेने में हो रहे विलंब का कारण पूछा है। कोर्ट ने कहा है कि आयोग इस मामले में छह फरवरी तक स्थिति स्पष्ट कर दे। यह आदेश न्यायमूर्ति मनोज गुप्ता ने चंद्रेश पांडेय व अन्य की याचिका पर वरिष्ठ अधिवक्ता शैलेंद्र व आयोग के अधिवक्ता को सुनकर दिया है।
सुनवाई के दौरान लोक सेवा आयोग के अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि आयोग ने रक्षा अध्ययन विषय को हटाने के लिए सरकार को प्रस्ताव भेजा है लेकिन सरकार ने अब तक मंजूरी नहीं दी है। याचीगण की ओर सेे वरिष्ठ अधिवक्ता शैलेंद्र का कहना था कि यदि सरकार ने मंजूरी नहीं दी तो बिना मंजूरी के विषय को कैसे हटा दिया गया। विषय से संबंधित प्रतियोगी छात्रों का क्या होगा। इस पर आयोग के अधिवक्ता ने कहा कि मुख्य परीक्षा में अभी समय है। यदि मंजूरी नहीं मिलती है तो विषय को फिर से शामिल कर लिया जाएगा। कोर्ट ने अगली सुनवाई लिए छह फरवरी की तारीख लगाते हुए आयोग से स्थिति स्पष्ट करने को कहा है।
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0 हाईकोर्ट ने लोक सेवा आयोग से पूछा निर्णय में विलंब का कारण
0 आयोग कर रहा है सरकार की मंजूरी का इंतजार
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग से प्रतियोगी परीक्षाओं से रक्षा अध्ययन विषय को हटाने पर निर्णय लेने में हो रहे विलंब का कारण पूछा है। कोर्ट ने कहा है कि आयोग इस मामले में छह फरवरी तक स्थिति स्पष्ट कर दे। यह आदेश न्यायमूर्ति मनोज गुप्ता ने चंद्रेश पांडेय व अन्य की याचिका पर वरिष्ठ अधिवक्ता शैलेंद्र व आयोग के अधिवक्ता को सुनकर दिया है।
सुनवाई के दौरान लोक सेवा आयोग के अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि आयोग ने रक्षा अध्ययन विषय को हटाने के लिए सरकार को प्रस्ताव भेजा है लेकिन सरकार ने अब तक मंजूरी नहीं दी है। याचीगण की ओर सेे वरिष्ठ अधिवक्ता शैलेंद्र का कहना था कि यदि सरकार ने मंजूरी नहीं दी तो बिना मंजूरी के विषय को कैसे हटा दिया गया। विषय से संबंधित प्रतियोगी छात्रों का क्या होगा। इस पर आयोग के अधिवक्ता ने कहा कि मुख्य परीक्षा में अभी समय है। यदि मंजूरी नहीं मिलती है तो विषय को फिर से शामिल कर लिया जाएगा। कोर्ट ने अगली सुनवाई लिए छह फरवरी की तारीख लगाते हुए आयोग से स्थिति स्पष्ट करने को कहा है।
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