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Prayagraj News: सिविल लाइंस अब भी ऑरेंज जोन में, एक्यूआई 301
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संगमनगरी की आबोहवा बुधवार की तुलना में बृहस्पतिवार को पहले से थोड़ा बेहतर रही। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से नगर निगम कार्यालय में लगाए गए लाइव सेंसर मशीन ने यहां का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 301 दर्ज किया।
झूंसी का रात आठ बजे एक्यूआई 274 और मोतीलाल नेहरू इंजीनियरिंग कॉलेज में लगाए गए लाइव सेंसर मशीन ने यहां का एक्यूआई 261 दर्ज किया। दिन में धूप निकलने और हवा चलने के कारण यहां की स्थिति बुधवार की अपेक्षा आज काफी बेहतर रही। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को विशेष रूप से बच्चों और बुजुर्गों को सुबह और शाम में मास्क लगाकर चलने की हिदायत दी है।
बुधवार के बाद बृहस्पतिवार को दिन में अच्छी धूप निकलने और हवा चलने के कारण वायु प्रदूषण में काफी सुधार देखा गया। हालांकि, रात आठ बजे के बाद लाइव सेंसर मशीनों ने एक बार फिर वायु प्रदूषण खराब बताया। एक्यूआई गंभीर श्रेणी में बने रहने से लोगों को सांस लेने और आंखों में जलन की समस्या काफी परेशान करती रही। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी विजय कुमार का कहना है कि हवा की रफ्तार बनी रही तो जल्द ही वायु प्रदूषण में सुधार देखा जा सकता है।
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अस्थमा के मरीज परेशान
वायु प्रदूषण की खराब दशा के कारण मौसम ठंडा होने से अस्पतालों में सबसे ज्यादा मरीज बच्चे और बुजुर्ग आ रहे हैं। इनमें सांस लेने और वायरल फीवर की शिकायत ज्यादा है। इसके साथ ही खराब वायु प्रदूषण ने अस्थमा के मरीजों की परेशानी बढ़ा दी है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने अस्थमा के मरीजों को हर हाल में मास्क लगाकर चलने की हिदायत दी है।
वायु गुणवत्ता के ये हैं मानक
0 से 50 वायु गुणवत्ता सूचकांक अच्छा
51 से 100 वायु गुणवत्ता सूचकांक संतोषजनक
101 से 200 वायु गुणवत्ता सूचकांक मध्यम
201 से 300 वायु गुणवत्ता सूचकांक खराब
301 से 400 वायु गुणवत्ता सूचकांक बेहद खराब
401 से ऊपर वायु गुणवत्ता सूचकांक गंभीर
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झूंसी का रात आठ बजे एक्यूआई 274 और मोतीलाल नेहरू इंजीनियरिंग कॉलेज में लगाए गए लाइव सेंसर मशीन ने यहां का एक्यूआई 261 दर्ज किया। दिन में धूप निकलने और हवा चलने के कारण यहां की स्थिति बुधवार की अपेक्षा आज काफी बेहतर रही। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को विशेष रूप से बच्चों और बुजुर्गों को सुबह और शाम में मास्क लगाकर चलने की हिदायत दी है।
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बुधवार के बाद बृहस्पतिवार को दिन में अच्छी धूप निकलने और हवा चलने के कारण वायु प्रदूषण में काफी सुधार देखा गया। हालांकि, रात आठ बजे के बाद लाइव सेंसर मशीनों ने एक बार फिर वायु प्रदूषण खराब बताया। एक्यूआई गंभीर श्रेणी में बने रहने से लोगों को सांस लेने और आंखों में जलन की समस्या काफी परेशान करती रही। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी विजय कुमार का कहना है कि हवा की रफ्तार बनी रही तो जल्द ही वायु प्रदूषण में सुधार देखा जा सकता है।
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अस्थमा के मरीज परेशान
वायु प्रदूषण की खराब दशा के कारण मौसम ठंडा होने से अस्पतालों में सबसे ज्यादा मरीज बच्चे और बुजुर्ग आ रहे हैं। इनमें सांस लेने और वायरल फीवर की शिकायत ज्यादा है। इसके साथ ही खराब वायु प्रदूषण ने अस्थमा के मरीजों की परेशानी बढ़ा दी है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने अस्थमा के मरीजों को हर हाल में मास्क लगाकर चलने की हिदायत दी है।
वायु गुणवत्ता के ये हैं मानक
0 से 50 वायु गुणवत्ता सूचकांक अच्छा
51 से 100 वायु गुणवत्ता सूचकांक संतोषजनक
101 से 200 वायु गुणवत्ता सूचकांक मध्यम
201 से 300 वायु गुणवत्ता सूचकांक खराब
301 से 400 वायु गुणवत्ता सूचकांक बेहद खराब
401 से ऊपर वायु गुणवत्ता सूचकांक गंभीर