{"_id":"5dab67c88ebc3e93de126331","slug":"civic-amenities-meerganj-news-bly3808423145","type":"story","status":"publish","title_hn":"सड़क के गड्ढे से ठोकर खाकर गिरने से बचे संतोष तो विधायक पर भड़के","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सड़क के गड्ढे से ठोकर खाकर गिरने से बचे संतोष तो विधायक पर भड़के
विज्ञापन
मीरगंज। सड़कों पर बेशुमार गड्ढों पर अब तक सिर्फ पब्लिक ठोकरें खा रही थी लेकिन अब ये गड्ढे मुख्यमंत्री और मंत्रियों को भी महसूस हो रहे हैं। कुछ ही दिन पहले बरेली में सड़क पर गड्ढे की वजह से गिरकर चुटैल हुए केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार शनिवार को संकल्प यात्रा के दौरान तहसील रोड पर अचानक गड्ढे में पैर चले जाने से गिरते-गिरते बचे। केंद्रीय मंत्री ने इस पर विधायक डीसी वर्मा पर नाराजगी भी जताई और उनसे सड़क बनवाने को कहा।
मीरगंज के बीच से गुजर रहे दिवना मार्ग और सिरौली चौराहे से तहसील मुख्यालय तक जाने वाले रोड की हालत काफी खराब है। गहरे गड्ढों से इन मार्गों पर पैदल चलना तक मुश्किल है। अक्सर इन पर स्कूली बच्चे और राहगीर गिरकर चोटिल होते रहते हैं। संपूर्ण समाधान दिवस हो या थाना दिवस डीएम से लेकर जिलास्तर के तमाम बड़े अफसर और क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि इसी मार्ग से होकर तहसील कार्यालय और थाने पहुंचते हैं, लेकिन कोई जर्जर सड़कों पर ध्यान नहीं देता।
शनिवार को स्वच्छता अभियान के तहत भाजपाइयों की संकल्प पद यात्रा में शामिल केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार जब कस्बे की सड़कों से गुजर रहे थे, तभी सड़क के गहरे गड्ढे में पांव पड़ने से उन्हें जोरदार ठोकर लगी और वह गिरते-गिरते बचे। बाद में उन्होंने विधायक डीसी वर्मा पर नाराजगी जताते हुए सड़कों को जल्द दुरुस्त कराने को कहा। विधायक ने शीघ्र ही सड़क को गड्ढा मुक्त कराने का भरोसा दिलाया। बता दें कि चार साल पहले प्रशिक्षु आईएएस मेधा रूपम ने नगर में अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाकर बड़े अंडर पास से थाने तक और सिरौली चैराहे से सीएचसी तक सड़कों का चौड़ीकरण कराके उनकी मरम्मत कराई थी, लेकिन इसके बाद किसी ने सड़कों पर ध्यान नहीं दिया। लिहाजा ये सड़के अब गहरे गड्ढों में तब्दील हो गईं हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
मीरगंज के बीच से गुजर रहे दिवना मार्ग और सिरौली चौराहे से तहसील मुख्यालय तक जाने वाले रोड की हालत काफी खराब है। गहरे गड्ढों से इन मार्गों पर पैदल चलना तक मुश्किल है। अक्सर इन पर स्कूली बच्चे और राहगीर गिरकर चोटिल होते रहते हैं। संपूर्ण समाधान दिवस हो या थाना दिवस डीएम से लेकर जिलास्तर के तमाम बड़े अफसर और क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि इसी मार्ग से होकर तहसील कार्यालय और थाने पहुंचते हैं, लेकिन कोई जर्जर सड़कों पर ध्यान नहीं देता।
विज्ञापन
शनिवार को स्वच्छता अभियान के तहत भाजपाइयों की संकल्प पद यात्रा में शामिल केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार जब कस्बे की सड़कों से गुजर रहे थे, तभी सड़क के गहरे गड्ढे में पांव पड़ने से उन्हें जोरदार ठोकर लगी और वह गिरते-गिरते बचे। बाद में उन्होंने विधायक डीसी वर्मा पर नाराजगी जताते हुए सड़कों को जल्द दुरुस्त कराने को कहा। विधायक ने शीघ्र ही सड़क को गड्ढा मुक्त कराने का भरोसा दिलाया। बता दें कि चार साल पहले प्रशिक्षु आईएएस मेधा रूपम ने नगर में अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाकर बड़े अंडर पास से थाने तक और सिरौली चैराहे से सीएचसी तक सड़कों का चौड़ीकरण कराके उनकी मरम्मत कराई थी, लेकिन इसके बाद किसी ने सड़कों पर ध्यान नहीं दिया। लिहाजा ये सड़के अब गहरे गड्ढों में तब्दील हो गईं हैं।
विज्ञापन