आत्मदाह की कोशिश का मामला : इलाहाबाद विवि के सात छात्र नेताओं का शांति भंग में चालान
जिला प्रशासन ने जिन छात्रों का शांति भंग में चालान किया है उनमें छात्र नेता अजय यादव सम्राट, सत्यम कुशवाहा, आदर्श सिंह भदौरिया, अभिनव द्विवेदी, राहुल पटेल और हरेंद्र यादव शामिल हैं। कुलपति कार्यालय पर विरोध प्रदर्शन के दौरान ये सभी छात्र मौजूद थे और इन्हीं के नेतृत्व में प्रदर्शन किया गया था।
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इलाहाबाद विश्वविद्यालय के सात छात्र नेताओं का शांति भंग में चालान कर दिया गया है। इन छात्रों ने पिछले दिनों ऑनलाइन परीक्षाओं की मांग को लेकर कुलपति कार्यालय पर प्रदर्शन किया था और अपने ऊपर केरोसिन ऑयल डालकर सामूहिक आत्मदाह करने की कोशिश की थी। डीएम एवं एसएसपी ने सीधे हस्तक्षेप करते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन और छात्रों के बीच समझौता कराया था और विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्रों की मांगों को मानते हुए ऑनलाइन परीक्षाओं पर अपनी सहमति जता दी थी।
जिला प्रशासन ने जिन छात्रों का शांति भंग में चालान किया है उनमें छात्र नेता अजय यादव सम्राट, सत्यम कुशवाहा, आदर्श सिंह भदौरिया, अभिनव द्विवेदी, राहुल पटेल और हरेंद्र यादव शामिल हैं। कुलपति कार्यालय पर विरोध प्रदर्शन के दौरान ये सभी छात्र मौजूद थे और इन्हीं के नेतृत्व में प्रदर्शन किया गया था।
छात्र नेताओं ने सवाल उठाए हैं कि जब डीएम और एसएसपी ने खुद इस मामले में हस्तक्षेप किया था और छात्रों एवं विश्वविद्यालय प्रशासन के बीच समझौता कराया था तो इसके बाद भी उनके खिलाफ कार्रवाई क्यों की गई।
छात्रनेताओं को मजिस्ट्रेट के समक्ष रखना है अपना पक्ष
अब छात्र नेताओं को अपना नगर मजिस्ट्रेट के कार्यालय में उपस्थित होकर अपना पक्ष रखना है। छात्र नेताओं का आरोप है कि जिला प्रशासन ने विश्वविद्यालय प्रशासन के दबाव में आकर यह कार्रवाई की है। छात्र नेताओं ने इसके खिलाफ उच्च न्यायालय की शरण में जाने का निर्णय लिया है।
इसके अलावा छात्र नेता बृहस्पतिवार को एसएसपी से भी मिले और इस मामले में कर्नलगंज थाने में दर्ज मुकदमा वापस लिए जाने की मांग की। छात्र नेताओं का कहना है कि आंदोलन में हजारों छात्र शामिल थे। छात्र नेता अजय यादव ने बताया कि उनकी परीक्षा भी हो चुकी थी। वह अन्य छात्रों के लिए आंदोलन कर रहे थे। अगर आंदोलन के बाद समझौता हो गया था तो छात्र नेताओं पर एफआईआई दर्ज करना गलत है।