फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Career ahead of marriage , not Baba Na

कॅरियर के आगे शादी, न बाबा ना

Wed, 24 Feb 2016 12:22 AM IST
सुरभि गुप्ता, अमर उजाला ब्यूरो/इलाहाबाद
सुरभि गुप्ता, अमर उजाला ब्यूरो/इलाहाबाद Updated Wed, 24 Feb 2016 12:22 AM IST
विज्ञापन

अतरसुइया की मीनाक्षी ने बीटेक के बाद एमबीए किया है। इस वक्त वह नोएडा में एक मल्टीनेशनल कंपनी में एक अच्छे पद पर कार्यरत हैं। मीनाक्षी की उम्र इस वक्त 33 वर्ष है, मगर अभी तक शादी नहीं की है। मीनाक्षी का कहना है कि अभी वह शादी नहीं करना चाहती क्योंकि उसे अपने कॅरियर को और ऊंचाई देनी है। शादी करके वह किसी बंधन में नहीं बंधना चाहती। भविष्य में उसे अगर उसकी बराबरी और मानसिक स्तर का व्यक्ति मिला तभी शादी करेगी।

विज्ञापन

नैनी की कविता की शादी तीन वर्ष पहले नैनी के ही विवेक से हुई थी। कविता ने बीटेक किया था और शादी के बाद भी जॉब कर रही थी। कॅरियर में आगे बढ़ने के लिए कविता एमबीए करना चाहती थी मगर उसे लग रहा था कि बच्चे और पारिवारिक जिम्मेदारियों के बीच वह ऐसा नहीं कर पाएगी। धीरे-धीरे गृहस्थी की गाड़ी पटरी से उतर गई। कविता और उसके पति ने परिवार न्यायालय मेें आपसी सहमति से तलाक ले लिया। कविता ने अपने बच्चे की जिम्मेदारी भी पति को ही दे दी।

विज्ञापन

24-26 वर्ष की उम्र में शादी, साल दो साल में बच्चे और फिर उसके साथ पारिवारिक जिम्मेदारियां। उच्च शिक्षा हासिल करने के बाद भी हाउस वाइफ की जिंदगी चुनना। यह अब बीते जमाने की बात हो चुकी है। बदलते दौर के साथ कॅरियर के प्रति लड़कियां जितनी जागरूक हुई हैं, उतना ही शादी के प्रति उनका नजरियां भी बदला है। अब वह शादी के आगे कॅरियर की कुर्बानी देने को तैयार नहीं हैं। यहीं वजह है कि लड़कियाें की अब शादी करने की उम्र भी बढ़ती जा रही है। लड़कियां अब शादी तब तक नहीं करना चाहती जब तक वह उन्हें अपनी पसंद का, अपनी बराबरी का जीवनसाथी नहीं मिल जाता। कई तो ऐसी हैं जिन्होंने शादी न करने का ही फैसला कर लिया है। वहीं जिन्होंनं शादी कर ली, उन्होंने कॅरियर में सफलता हासिल करने के लिए तलाक तक ले लिया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

काउंसलर ऋतंधरा मिश्रा का कहना है कि उनके पास कई ऐसे मामले पहुंचे जिसमें युवतियों ने कहा कि वह पारिवारिक जिम्मेदारियों में नहीं बंधना चाहतीं। परिवार के दबाव में उन्होंने शादी तो कर ली लेकिन वह उसे निभा नहीं पाएंगी। उनका कहना था कि उच्च शिक्षा इसलिए हासिल नहीं की ताकि वह घर के कामकाज संभालें। इन सबके के लिए वह मानसिक तौर पर कभी भी खुद को तैयार नहीं कर पाएंगी। बकौल ऋतंधरा विदेश में हालात इससे काफी अलग है। वहां युवतियां 35 साल की उम्र तक कॅरियर की बुलंदियों तक पहुंच जाती हैं और उसके बाद शादी के बारे में सोचती हैं। युवतियों की यही खासियत उन्हें परिवार में बराबरी का दर्जा दिलाती है। वे अपनी जीविका के लिए किसी की मोहताज नहीं होतीं और न ही उन्हें अपने कॅरियर से समझौता करना पड़ता है। शादी के बाद भी वे अपना जीवन जीने के लिए स्वतंत्र हैं। विदेशों में ऐसी महिलाओं की संख्या 70 फीसदी है जबकि अपने यहां सात फीसदी महिलाएं भी नहीं मिलेंगी।


जानकारों की माने तो कॅरियर के खातिर शादी थोड़ी देर से करना तो ठीक है लेकिन शादी न करने का फैसला गलत है। क्योंकि जिंदगी में हर किसी को साथी की जरूरत होती है। जब तक जॉब है तब तक तो सब अच्छा है लेकिन इसके बाद का अकेलापन घातक हो सकता है।


इलाहाबाद विश्वविद्यालय में समाजशास्त्र विभाग के अध्यक्ष प्रो. आशीष सक्सेना का कहना है कि कॅरियर के प्रति लड़कियां अब पहले से ज्यादा जागरूक हो गई हैं, यह सामाजिक दृष्टिकोण से बेहद सकारात्मक है। अब लड़कियां आत्मनिर्भर होने के बाद काफी हद तक आर्थिक रूप से फ्यूचर प्लैनिंग करने के बाद शादी करने का फैसला कर रही हैं ताकि उन्हें किसी स्तर पर समझौता न करना पड़े। यहीं वजह है कि शादी की उम्र अब बढ़ती जा रही है। मगर उनकी परफेक्शन की चाहत कहीं न कहीं उनके लिए नुकसानदायक साबित हो सकती है, क्योंकि परफेक्ट कोई नहीं होता। जैसे-जैसे समय कम होता जाएगा विकल्प कम होते जाएंगे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed