{"_id":"6597ec9740d0fe111e07d777","slug":"both-terrorists-sentenced-to-death-in-shramjeevi-blast-did-not-eat-food-2024-01-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"Prayagraj : श्रमजीवी विस्फोट में फांसी की सजा दोनों आतंकियों ने नहीं किया भोजन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Prayagraj : श्रमजीवी विस्फोट में फांसी की सजा दोनों आतंकियों ने नहीं किया भोजन
Fri, 05 Jan 2024 05:18 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Fri, 05 Jan 2024 05:18 PM IST
सार
केंद्रीय कारागार नैनी में सजा पाने के बाद पहुंचे दोनों आतंकियाें को हाईसिक्योरिटी सेल में शिफ्ट किया गया। सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए सीसीटीवी कैमरे से उनपर नजर रखी जा रही है। साथ ही सेल में जेल सिपाही व लंबरदारों की ड्यूटी लगाई है।
विज्ञापन
नैनी जेल।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
जौनपुर में श्रमजीवी एक्सप्रेस में विस्फोट में फांसी की सजा पाए बांग्लादेशी आतंकी हिलालुद्दीन और पश्चिम बंगाल के नफीकुल विश्वास को कड़ी सुरक्षा के बीच नैनी जेल लाया गया। यहां उन्हें हाईसिक्योरिटी बैरक में सीसीटीवी की निगरानी में रखा गया है। साथ ही सेल में बॉडी वार्न कैमरे से लैश सिपाहियों को लगाया गया है। नैनी जेल में पहले से कश्मीरी और बांग्लादेशी आतंकी बंद हैं। दोनों दिन भर गुमशुम रहे। दोनों को नियमानुसार भोजन दिया गया, लेकिन दोनों ने खाना नहीं खाया।
विज्ञापन
केंद्रीय कारागार नैनी में सजा पाने के बाद पहुंचे दोनों आतंकियाें को हाईसिक्योरिटी सेल में शिफ्ट किया गया। सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए सीसीटीवी कैमरे से उनपर नजर रखी जा रही है। साथ ही सेल में जेल सिपाही व लंबरदारों की ड्यूटी लगाई है। जेल में बॉडी वार्न कैमरे से लैश सिपाही भी सेल की सुरक्षा व्यवस्था में लगाए गए हैं। जेल अधिकारी भी लगातार उनकी गतिविधियों में नजर बनाए हैं। सजा पाने के बाद से ही दोनों आतंकी काफी गुमशुम हैं।
विज्ञापन
28 जुलाई 2005 को सिंगरामऊ व हरिहरपुर स्टेशन के बीच हरपालगंज क्रासिंग पर आतंकवादियों ने बम विस्फोट किया था। मामले में नामजद रोनी उर्फ आलमगीर ओवैदुर्रहमान उर्फ बाबू भाई को 2016 में न्यायालय ने फांसी की सजा सुनाई थी। बांग्लादेशी आतंकी हिलालुद्दीन और पश्चिम बंगाल के नफीकुल विश्वास को बुधवार को फांसी की सजा सुनाई गई। वरिष्ठ जेल अधीक्षक रंग बहादुर पटेल ने बताया कि दोनों को सुरक्षा व्यवस्था के बीच जेल में रखा गया है।
विज्ञापन