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जल्द बनेगा बेगम बाजार का आरओबी, दूर होगी बाधा
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Beginning of Begum Market, Rob will soon be obstructed
- फोटो : ALDCOMPACT
बेगम बाजार रेलवे ओवरब्रिज का काम पूरा कराने का प्रयास एक बार फिर शुरू किया गया है। प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने दिल्ली में रक्षामंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात कर हस्तक्षेप की मांग की। रक्षामंत्री ने भी जल्द बाधा दूर होने का आश्वासन दिया।
शहर से सिविल टर्मिनल के बीच बेहतर यातायात व्यवस्था के लिए बेगम बाजार में रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण शुरू किया गया था। 46.48 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस पुल का 90 फीसदी काम भी हो चुका है। बस एक लेन में गार्डर रखा जाना है लेकिन सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए वायुसेना ने आगे के निर्माण पर आपत्ति लगा दी। इसके बाद काम रुक गया।
इसकी वजह से करीब 10 महीने से काम रुका है। सिद्धार्थनाथ ने पत्र सौंपकर राजनाथ को पूरी बात से अवगत कराया। सिद्धार्थ नाथ सिंह का कहना था कि जिन तथ्यों एवं तकनीकी आधार पर आपत्ति की जा रही है उसका समाधान आपसी समन्वय एवं चर्चा से निकाला जा सकता है। यह जनहित के लिए जरूरी है। सिद्धार्थनाथ ने यह भी कहा कि इस प्रोजेक्ट में सरकार का काफी धन खर्च हो चुका है। ऐसे में पुल का निर्माण न होने से धन की क्षति होगी। इस पर रक्षा मंत्री ने आश्वासन दिया कि ओवरब्रिज के निर्माण के लिए हर संभव मदद की जाएगी।
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उधर, केंद्रीय आयुध भंडार छिवकी को हमेशा के लिए बंद करने के सेना मुख्यालय के निर्णय को स्थगित किया जा सकता है। सीओडी छिवकी बचाओ संघर्ष समिति के बैनर तले यूनियन नेताओं के प्रतिनिधि मंडल ने बृहस्पतिवार को दिल्ली में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात कर इस रक्षा उद्योग को बंद न करने की गुहार लगाई। रक्षा मंत्री ने भरोसा दिलाया कि सरकार इस मसले पर गंभीरता से विचार करेगी। रक्षा सचिव की अध्यक्षता में इसके लिए कमेटी बनाकर सीओडी प्रकरण का परीक्षण कराया जाएगा। इसके बाद ही सीओडी को बंद करने की दिशा में कदम उठाए जाएंगे।
तीन दिन से दिल्ली में डेरा डाले सीओडी के यूनियन नेताओं ने बृहस्पतिवार की सुबह दिल्ली में सांसद रीता बहुगुणा जोशी के साथ रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात की। इस दौरान रक्षा मंत्री को सांसद की ओर से ज्ञापन सौंपा गया। जिसमें सीसओडी को हमेशा के लिए बंद न करने की बात प्रमुखता से उठाई गई है। वार्ता के दौरान संघर्ष समिति के महामंत्री अमित कुमार, महेश नारायण त्रिपाठी, देवेंद्र प्रताप सिंह, राजन निषाद, विवेक तिवारी समेत कई नेताओं ने रक्षा मंत्री को बताया कि सीओडी प्रयागराज की पहचान से जुड़ा हुआ है। 1400 एकड़ में फैले इस सीओडी की स्थापना 1943 में हुई थी।
इसमें फिलहाल 250 सैनिक और 1000 असैनिक कर्मचारी तैनात हैं। इस आयुध डिपो को सेना मुख्यालय ने श्रेष्ठता का दर्जा दिया है। श्रेष्ठ डिपो होने का पुरस्कार भी इस डिपो को करगिल युद्ध के बाद मिला था। ऐसे में इस डिपो को हमेशा के एि बंद करना न्यायोचित नहीं होगा। संघर्ष समिति के महामंत्री अमित ने बताया कि रक्षा मंत्री ने सीओडी को बंद न करने का भरोसा दिलाया है। साथ ही उन्होंने एक कमेटी बनाकर इसकी उपयोगिता की जांच कराने की भी बात कही है।
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शहर से सिविल टर्मिनल के बीच बेहतर यातायात व्यवस्था के लिए बेगम बाजार में रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण शुरू किया गया था। 46.48 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस पुल का 90 फीसदी काम भी हो चुका है। बस एक लेन में गार्डर रखा जाना है लेकिन सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए वायुसेना ने आगे के निर्माण पर आपत्ति लगा दी। इसके बाद काम रुक गया।
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इसकी वजह से करीब 10 महीने से काम रुका है। सिद्धार्थनाथ ने पत्र सौंपकर राजनाथ को पूरी बात से अवगत कराया। सिद्धार्थ नाथ सिंह का कहना था कि जिन तथ्यों एवं तकनीकी आधार पर आपत्ति की जा रही है उसका समाधान आपसी समन्वय एवं चर्चा से निकाला जा सकता है। यह जनहित के लिए जरूरी है। सिद्धार्थनाथ ने यह भी कहा कि इस प्रोजेक्ट में सरकार का काफी धन खर्च हो चुका है। ऐसे में पुल का निर्माण न होने से धन की क्षति होगी। इस पर रक्षा मंत्री ने आश्वासन दिया कि ओवरब्रिज के निर्माण के लिए हर संभव मदद की जाएगी।
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उधर, केंद्रीय आयुध भंडार छिवकी को हमेशा के लिए बंद करने के सेना मुख्यालय के निर्णय को स्थगित किया जा सकता है। सीओडी छिवकी बचाओ संघर्ष समिति के बैनर तले यूनियन नेताओं के प्रतिनिधि मंडल ने बृहस्पतिवार को दिल्ली में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात कर इस रक्षा उद्योग को बंद न करने की गुहार लगाई। रक्षा मंत्री ने भरोसा दिलाया कि सरकार इस मसले पर गंभीरता से विचार करेगी। रक्षा सचिव की अध्यक्षता में इसके लिए कमेटी बनाकर सीओडी प्रकरण का परीक्षण कराया जाएगा। इसके बाद ही सीओडी को बंद करने की दिशा में कदम उठाए जाएंगे।
तीन दिन से दिल्ली में डेरा डाले सीओडी के यूनियन नेताओं ने बृहस्पतिवार की सुबह दिल्ली में सांसद रीता बहुगुणा जोशी के साथ रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात की। इस दौरान रक्षा मंत्री को सांसद की ओर से ज्ञापन सौंपा गया। जिसमें सीसओडी को हमेशा के लिए बंद न करने की बात प्रमुखता से उठाई गई है। वार्ता के दौरान संघर्ष समिति के महामंत्री अमित कुमार, महेश नारायण त्रिपाठी, देवेंद्र प्रताप सिंह, राजन निषाद, विवेक तिवारी समेत कई नेताओं ने रक्षा मंत्री को बताया कि सीओडी प्रयागराज की पहचान से जुड़ा हुआ है। 1400 एकड़ में फैले इस सीओडी की स्थापना 1943 में हुई थी।
इसमें फिलहाल 250 सैनिक और 1000 असैनिक कर्मचारी तैनात हैं। इस आयुध डिपो को सेना मुख्यालय ने श्रेष्ठता का दर्जा दिया है। श्रेष्ठ डिपो होने का पुरस्कार भी इस डिपो को करगिल युद्ध के बाद मिला था। ऐसे में इस डिपो को हमेशा के एि बंद करना न्यायोचित नहीं होगा। संघर्ष समिति के महामंत्री अमित ने बताया कि रक्षा मंत्री ने सीओडी को बंद न करने का भरोसा दिलाया है। साथ ही उन्होंने एक कमेटी बनाकर इसकी उपयोगिता की जांच कराने की भी बात कही है।