{"_id":"5fc10bd0a7ba7d09ff126749","slug":"bail-of-proprietor-selling-expensive-cigarettes-in-lock-down","type":"story","status":"publish","title_hn":"लॉकडाउन में महंगी सिगरेट बेचने वाले प्रोपराइटर की जमानत मंजूर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लॉकडाउन में महंगी सिगरेट बेचने वाले प्रोपराइटर की जमानत मंजूर
Fri, 27 Nov 2020 07:53 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Fri, 27 Nov 2020 07:53 PM IST
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
कोविड-19 लाकडाउन के दौरान ड्रिस्टीब्यूटर से रकम लेकर उसे माल नहीं भेजने और महंगे दाम पर माल बाजार में बेच देने के आरोपी कंपनी प्रोपराइटर की जमानत इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मंजूर कर ली है। प्रोपराइटर बस्ती के पवन कुमार अग्रहरि की जमानत अर्जी पर न्यायमूर्ति सिद्धार्थ ने सुनवाई की।
याची पर आरोप है कि वह गुटका निर्माता कंपनी कमला पसंद के उत्पाद टोटल सिगरेट का वितरक है। उसने एक अन्य वितरक आरएल इंटर प्राइजेज की शालिनी विश्वकर्मा को कंपनी के सेल्स ऑफिसर बजरंग श्रीवास्तव और अश्ववनी पांडेय के माध्यम से टोटल सिगरेट की एजेंसी दी और उससे बदले में एक करोड़ 59 हजार रुपये विभिन्न किश्तों में लिए।
लगभग 70 लाख रुपये का माल सप्लाई करने के बाद कोराना लॉक डाउन लागू हो गया तो उसने माल भेजना बंद कर दिया। लॉक डाउन हटने के बाद भी माल नहीं भेजा। बातचीत करने पर पता चला कि लाक डाउन के दौरान उसने माल ज्यादा कीमत पर बेच दिया। शिकायतकर्ता को उसने रकम वापस करने का झांसा देकर चेक दिया मगर उसका भुगतान रुकवा दिया। इस मामले में कोतवाली थाने बस्ती में प्राथमिकी दर्ज करा्ई गई। याची 26 जुलाई 20 से जेल में बंद है।
विज्ञापन
याची का पक्ष रख रहे वरिष्ठ अधिवक्ता अनूप त्रिवेदी का कहना था कि शिकायतकर्ता और याची के बीच रुपयों के लेनदेन का विवाद है जिसका हल आपराधिक मुकदमे में नहीं हो सकता है। याची जमानत पाने का हकदार है। कोर्ट ने दलील मंजूर करते हुए शर्तो के साथ जमानत अर्जी मंजूर कर ली है।
विज्ञापन
याची पर आरोप है कि वह गुटका निर्माता कंपनी कमला पसंद के उत्पाद टोटल सिगरेट का वितरक है। उसने एक अन्य वितरक आरएल इंटर प्राइजेज की शालिनी विश्वकर्मा को कंपनी के सेल्स ऑफिसर बजरंग श्रीवास्तव और अश्ववनी पांडेय के माध्यम से टोटल सिगरेट की एजेंसी दी और उससे बदले में एक करोड़ 59 हजार रुपये विभिन्न किश्तों में लिए।
विज्ञापन
लगभग 70 लाख रुपये का माल सप्लाई करने के बाद कोराना लॉक डाउन लागू हो गया तो उसने माल भेजना बंद कर दिया। लॉक डाउन हटने के बाद भी माल नहीं भेजा। बातचीत करने पर पता चला कि लाक डाउन के दौरान उसने माल ज्यादा कीमत पर बेच दिया। शिकायतकर्ता को उसने रकम वापस करने का झांसा देकर चेक दिया मगर उसका भुगतान रुकवा दिया। इस मामले में कोतवाली थाने बस्ती में प्राथमिकी दर्ज करा्ई गई। याची 26 जुलाई 20 से जेल में बंद है।
विज्ञापन
याची का पक्ष रख रहे वरिष्ठ अधिवक्ता अनूप त्रिवेदी का कहना था कि शिकायतकर्ता और याची के बीच रुपयों के लेनदेन का विवाद है जिसका हल आपराधिक मुकदमे में नहीं हो सकता है। याची जमानत पाने का हकदार है। कोर्ट ने दलील मंजूर करते हुए शर्तो के साथ जमानत अर्जी मंजूर कर ली है।