प्रयागराज : अतीक की 12.5 करोड़ की बेनामी संपत्ति जल्द होगी कुर्क, गैंगस्टर एक्ट के तहत पुलिस करेगी कार्रवाई
कुल 23,447 वर्ग मीटर क्षेत्रफल वाली यह जमीन अतीक ने 14 अगस्त 2015 को एक राजमिस्त्री के नाम से खरीदी थी। जुलाई में लखनऊ के विभूति खंड, गोमती नगर स्थित जिस होटल से अतीक के अधिवक्ता विजय मिश्र को गिरफ्तार किया गया, पुलिस ने वहीं से इस जमीन के रजिस्ट्री के पेपर बरामद किए थे।
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अतीक अहमद की 12.5 करोड़ की बेनामी संपत्ति जल्द ही कुर्क होगी। एयरपोर्ट थाना क्षेत्र में गौसपुर कटहुला स्थित इस जमीन को कुर्क करने के लिए कागजी कार्रवाई शुरू हो गई है। पुलिस इसे गैंगस्टर एक्ट की धारा 14(1) के तहत कुर्क करेगी। कुल 23,447 वर्ग मीटर क्षेत्रफल वाली यह जमीन अतीक ने 14 अगस्त 2015 को एक राजमिस्त्री के नाम से खरीदी थी।
जुलाई में लखनऊ के विभूति खंड, गोमती नगर स्थित जिस होटल से अतीक के अधिवक्ता विजय मिश्र को गिरफ्तार किया गया, पुलिस ने वहीं से इस जमीन के रजिस्ट्री के पेपर बरामद किए थे। इसके बाद ही बेनामी संपत्ति का खुलासा हुआ था। होटल में इसी जमीन की डील होनी थी।
सूत्रों के मुताबिक, जमीन को चिह्नित करने के बाद इसके संबंध में और जानकारी जुटाई गई। इसके बाद इसे कुर्क करने के लिए पुलिस आयुक्त को रिपोर्ट भेजकर अनुमति मांगी गई थी। अब इस संबंध में कार्रवाई शुरू कर दी गई है। जल्द ही इस संबंध में अनुमति मिलने की उम्मीद है। इसके बाद संपत्ति कुर्क की जाएगी। हालांकि इस मामले में फिलहाल पुलिस अधिकारी यही कह रहे हैं कि प्रक्रिया जारी है। डीसीपी दीपक भूकर ने बताया कि अनुमति मिलते ही संपत्ति कुर्क की जाएगी।
सर्किल रेट से भी कम मूल्य
मौजूदा मूल्य के हिसाब से संपत्ति की कुल कीमत 12,42,69,100 रुपये आंकी गई है। अतीक ने सर्किल रेट से भी कम मूल्य पर जमीन का बैनामा कराया था। महज दो करोड़ रुपये में 28 हजार वर्ग गज जमीन राजमिस्त्री के नाम लिखवाई थी। जिस राजमिस्त्री के नाम पर यह जमीन लिखवाई, उसकी रोजाना की कमाई महज 400-500 रुपये ही है। यमुनापार का इस राजमिस्त्री से पुलिस ने पूछताछ की तो बताया कि माफिया भाइयों ने उसे डरा-धमकाकर बैनामा अपने नाम कराने को राजी किया था। यह भी कहा था कि जब वह कहें, जमीन उनके नाम लिख देना। जान बचाने की खातिर उसने ऐसा ही किया।