UP : निदेशालय में अटकीं 433 अभ्यर्थियों की नियुक्ति की फाइलें, एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती में हुए थे चयनित
उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) ने एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती-2018 के तहत द्वितीय सूची जारी करते हुए 946 रिक्तियों के मुकाबले 914 अभ्यर्थियों को चयनित घोषित किया था।
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राजकीय इंटर कॉलेजों में सहायक अध्यापक (एलटी ग्रेड शिक्षक) के 433 पदों पर नियुक्ति की फाइलें पांच माह से माध्यमिक शिक्षा निदेशालय में अटकीं हुईं हैं। इन अभ्यर्थियों का चयन 28 जून 2023 को जारी द्वितीय सूची में किया गया था।
उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) ने एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती-2018 के तहत द्वितीय सूची जारी करते हुए 946 रिक्तियों के मुकाबले 914 अभ्यर्थियों को चयनित घोषित किया था। आयोग ने जीव विज्ञान महिला वर्ग में 19 अभ्यर्थियों, सामाजिक विज्ञान महिला वर्ग में 87 अभ्यर्थियों, सामाजिक विज्ञान पुरुष वर्ग में 98 अभ्यर्थियों, हिंदी महिला वर्ग में 176 अभ्यर्थियों को औपबंधिक रूप से सफल घोषित किया था।
इनके अलावा हिंदी पुरुष वर्ग में 255 अभ्यर्थियों, अंग्रेजी महिला वर्ग में 38 एवं पुरुष वर्ग में 42 अभ्यर्थियों, कला पुरुष वर्ग में 129 एवं महिला वर्ग में 32 अभ्यर्थियों को औपबंधिक रूप से सफल घोषित किया गया था। इन अभ्यर्थियों को पिछले साल 17 से 24 जुलाई के बीच अभिलेख सत्यापन के लिए आयोग के कार्यालय में बुलाया गया था।
अभिलेख सत्यापन की प्रक्रिया में 435 अभ्यर्थी ही शामिल हुए थे और आयोग ने सितंबर-2023 में 433 अभ्यर्थियों की नियुक्ति की संस्तुति से संबंधित फाइलें माध्यमिक शिक्षा निदेशालय को भेज दीं थीं। पांच माह से अभ्यर्थी नियुक्ति पत्र जारी होने का इंतजार कर रहे हैं। इसके लिए अभ्यर्थियाें ने कई बार निदेशालय में ज्ञापन भी दिया लेकिन प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी।
अभ्यर्थियों का कहना है कि एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती-2018 में उनसे पहले चयनित अभ्यर्थियों को काफी पहले नियुक्ति मिल चुकी है जबकि परीक्षा सभी ने एक साथ दी थी। नियुक्ति में जितनी देर होगी, अभ्यर्थी को उतना ही आर्थिक नुकसान होगा। नियुक्ति का इंतजार कर रहे अभ्यर्थी अपने ही साथ परीक्षा देने वाले उन अभ्यर्थियाें से जूनियर हो गए हैं, जो पहले नियुक्ति पा चुके हैं।
देर से नियुक्ति मिलने के कारण इंक्रीमेंट और प्रमोशन पर असर पड़ेगा। पहले नियुक्त हो चुके अभ्यर्थियों के मुकाबले वेतन भी कम होगा। इसका असर पेंशन पर भी पड़ेगा। अभ्यर्थियों का कहना है कि शिक्षा निदेशालय ने अब तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि एलटी ग्रेड शिक्षक के 433 पदों चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र कब तक दिए जाएंगे।