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Prayagraj News: परमहंस आचार्य पर एफआईआर दर्ज नहीं करने पर सरकार से जवाब तलब
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जिला न्यायालय ने पूर्व मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य को गोली मारने पर 25 करोड़ रुपये का इनाम घोषित करने वाले अयोध्या के जगद्गुरु परमहंस आचार्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं करने पर सरकार से जवाब तलब किया है। इससे पहले गुलाब चंद्र मौर्या की ओर से 156 (3) के अंतर्गत दाखिल अर्जी को अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने खारिज कर दिया था।
मामला पूर्व मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य की धार्मिक टिप्पणी पर अयोध्या के जगद्गुरु परमहंस आचार्य की प्रतिक्रिया का है। इसमें जगद्गुरु ने पूर्व मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य को गोली मारने वाले को 25 करोड़ रुपये इनाम देने की घोषणा की थी। गोली न मारने की दशा में खुद को भी गोली मार लेने का बयान दिया गया था।
हंडिया निवासी गुलाब चंद्र मौर्या ने अपर सत्र न्यायाधीश विकास श्रीवास्तव की अदालत में निगरानी याचिका दाखिल की थी। मीडिया में आए इस बयान का हवाला देते हुए याची ने इसे हिंदू धर्म विरोधी बताते हुए जगद्गुरु के खिलाफ मानहानि समेत अन्य आपराधिक धाराओं में मुकदमा दर्ज करने की अर्जी हंडिया थाने में दी थी। करवाई न होने पर अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में 156 (3) के तहत अर्जी दाखिल की। इसके खारिज होने पर उन्होंने निगरानी याचिका अपर सत्र न्यायाधीश की अदालत में पेश की है। जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी गुलाब चंद्र अग्रहरि ने निगरानी की पोषणीयता पर आपत्ति की। कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 16 अप्रैल नियत करते हुए राज्य सरकार से जवाब (आपत्ति) तलब किया है।
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मामला पूर्व मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य की धार्मिक टिप्पणी पर अयोध्या के जगद्गुरु परमहंस आचार्य की प्रतिक्रिया का है। इसमें जगद्गुरु ने पूर्व मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य को गोली मारने वाले को 25 करोड़ रुपये इनाम देने की घोषणा की थी। गोली न मारने की दशा में खुद को भी गोली मार लेने का बयान दिया गया था।
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हंडिया निवासी गुलाब चंद्र मौर्या ने अपर सत्र न्यायाधीश विकास श्रीवास्तव की अदालत में निगरानी याचिका दाखिल की थी। मीडिया में आए इस बयान का हवाला देते हुए याची ने इसे हिंदू धर्म विरोधी बताते हुए जगद्गुरु के खिलाफ मानहानि समेत अन्य आपराधिक धाराओं में मुकदमा दर्ज करने की अर्जी हंडिया थाने में दी थी। करवाई न होने पर अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में 156 (3) के तहत अर्जी दाखिल की। इसके खारिज होने पर उन्होंने निगरानी याचिका अपर सत्र न्यायाधीश की अदालत में पेश की है। जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी गुलाब चंद्र अग्रहरि ने निगरानी की पोषणीयता पर आपत्ति की। कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 16 अप्रैल नियत करते हुए राज्य सरकार से जवाब (आपत्ति) तलब किया है।
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