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रक्तदान से मरीजों को जीवन, मानवता को संदेश
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Mon, 15 Jun 2015 12:06 AM IST
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विश्व रक्तदान दिवस पर रविवार को ‘अमर उजाला फाउंडेशन’ की पहल पर भीषण गर्मी के बावजूद इलाहाबाद मंडल में 141 स्क्तदाताओं ने लोगों का जीवन बचाने और मानवता का संदेश देने के लिए रक्तदान किया। इसके तहत तेज बहादुर सप्रू अस्पताल (बेली अस्पताल) के ब्लड बैंक में 62 और ओल्ड कैंट स्थित ‘थापर पॉली क्लीनिक’ में 32 र्क्तदाताओं ने रक्तदान किया। इसी तरह अमर उजाला की ओर से आयोजित रक्तदान शिविरों के तहत प्रतापगढ़ जिला अस्पताल में 26 और कौशाम्बी जिला अस्पताल में 21 रक्तदाताओं ने रक्तदान किया। रक्तदान को लेकर स्वैच्छिक रक्तदाताओं ने गजब का जज्बा, उत्साह दिखाया।
बेली अस्पताल के मुख्य शिविर का उद्घाटन जिलाधिकारी कौशलराज शर्मा ने किया। अमर उजाला की पहल की सराहना करते हुए उन्होंने कहा, अमर उजाला फाउंडेशन ने खून की कमी से जिंदगी गंवाने वाले मरीजों को बचाने के लिए अनूठी पहल की है, इसकी जितनी भी सराहना की जाय कम है। इस प्रयास से अन्य सामाजिक संस्थाओं को भी प्रेरणा लेनी चाहिए। इस पहल से प्रेरित होकर जिलाधिकारी ने रक्तदाताओं से जुड़ी तमाम जानकारियों सहित जिला प्रशासन की ओर से रक्तदान से जुड़ी वेबसाइट बनाने की भी घोषणा की ताकि मरीजों के परिजन सीधे रक्तदाताओं से संपर्क कर सकें।
बेली अस्पताल के सीएमएस डॉ.वीके सिंह ने कहा कि रक्तदान का कोई विकल्प नहीं है। एक यूनिट रक्तदान से महज एक ही नहीं वरन चार मरीजों की जान बचायी जा सकती है। अमर उजाला के संपादक डॉ.सचिन शर्मा ने कहा कि अमर उजाला पत्रकारिता के साथ सामाजिक सरोकारों से जुड़े मुद्दों को लेकर बेहद संवेदनशील है।
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यह आयोजन उसी की कड़ी है। रिकार्ड 125 बार रक्तदान कर चुके महाराष्ट्र के चालीसगांव से आए प्रोफेसर डा. दीपक श्याम सुंदर शुक्ला ने कहा कि अमर उजाला ने रक्तदान को लेकर जो मुहिम शुरू की, वह काबिले तारीफ ह्रै। अन्य सामाजिक, राजनीतिक संगठनों को इससे प्रयासों से प्रेरणा लेनी चाहिए। खून की कमी से किसी भी मरीज की जान नहीं जानी चाहिए, यह हम सभी की जिम्मेदारी है। रक्तदान शिविरों में स्वैच्छिक रक्तदाताओं की जबरदस्त भीड़ रही। युवाओं, महिलाओं ने रक्तदान को लेकर गजब का जज्बा दिखाया। कई ऐसे भी रक्तदाता रहे, जिन्होंने पंजीकरण कराकर जरूरत पर रक्तदान का संकल्प लिया। ब्लड बैंक प्रभारी डॉ.नीता साहू की देखरेख में अजय कुमार मिश्र, सुशील, सुभाष यादव आदि ने शिविर की जिम्मेदारी संभाली।
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बेली अस्पताल के मुख्य शिविर का उद्घाटन जिलाधिकारी कौशलराज शर्मा ने किया। अमर उजाला की पहल की सराहना करते हुए उन्होंने कहा, अमर उजाला फाउंडेशन ने खून की कमी से जिंदगी गंवाने वाले मरीजों को बचाने के लिए अनूठी पहल की है, इसकी जितनी भी सराहना की जाय कम है। इस प्रयास से अन्य सामाजिक संस्थाओं को भी प्रेरणा लेनी चाहिए। इस पहल से प्रेरित होकर जिलाधिकारी ने रक्तदाताओं से जुड़ी तमाम जानकारियों सहित जिला प्रशासन की ओर से रक्तदान से जुड़ी वेबसाइट बनाने की भी घोषणा की ताकि मरीजों के परिजन सीधे रक्तदाताओं से संपर्क कर सकें।
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बेली अस्पताल के सीएमएस डॉ.वीके सिंह ने कहा कि रक्तदान का कोई विकल्प नहीं है। एक यूनिट रक्तदान से महज एक ही नहीं वरन चार मरीजों की जान बचायी जा सकती है। अमर उजाला के संपादक डॉ.सचिन शर्मा ने कहा कि अमर उजाला पत्रकारिता के साथ सामाजिक सरोकारों से जुड़े मुद्दों को लेकर बेहद संवेदनशील है।
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यह आयोजन उसी की कड़ी है। रिकार्ड 125 बार रक्तदान कर चुके महाराष्ट्र के चालीसगांव से आए प्रोफेसर डा. दीपक श्याम सुंदर शुक्ला ने कहा कि अमर उजाला ने रक्तदान को लेकर जो मुहिम शुरू की, वह काबिले तारीफ ह्रै। अन्य सामाजिक, राजनीतिक संगठनों को इससे प्रयासों से प्रेरणा लेनी चाहिए। खून की कमी से किसी भी मरीज की जान नहीं जानी चाहिए, यह हम सभी की जिम्मेदारी है। रक्तदान शिविरों में स्वैच्छिक रक्तदाताओं की जबरदस्त भीड़ रही। युवाओं, महिलाओं ने रक्तदान को लेकर गजब का जज्बा दिखाया। कई ऐसे भी रक्तदाता रहे, जिन्होंने पंजीकरण कराकर जरूरत पर रक्तदान का संकल्प लिया। ब्लड बैंक प्रभारी डॉ.नीता साहू की देखरेख में अजय कुमार मिश्र, सुशील, सुभाष यादव आदि ने शिविर की जिम्मेदारी संभाली।