{"_id":"f4d9b8e6c3e19bba5a9eef0fe94a276e","slug":"allahabad-news-hindi-news-847","type":"story","status":"publish","title_hn":"पीएम के बाद एचआरडी राज्यमंत्री ने जगाई उम्मीद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पीएम के बाद एचआरडी राज्यमंत्री ने जगाई उम्मीद
अमर उजाला ब्यूरो इलाहाबाद
Updated Thu, 11 Feb 2016 01:33 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बाद अब मानव संसाधन विकास राज्यमंत्री डॉ.रामशंकर कठेरिया ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय का पुराना गौरव स्थापित करने के लिए हर स्तर पर मदद का आश्वासन दिया है। पं.दीनदयाल उपाध्याय की पुण्य तिथि की पूर्व संध्या पर बुधवार को सीनेट हाल में आयोजित युवा गौरव सम्मान समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शामिल डॉ.कठेरिया ने आश्वासन दिया कि विश्वविद्यालय के विकास में पैसे की कमी नहीं होने दी जाएगी। समारोह में उनसे किसी बड़ी योजना के घोषणा की उम्मीद की जा रही थी, लेकिन उन्होंने गेंद विश्वविद्यालय के अफसरों के पाले में ही डाल दी।
समारोह में अलग-अलग क्षेत्र में विशेष उपलब्धि हासिल करने वाले एचआरआई के प्रोफेसर अशोक सेन, डॉ. आशुतोष तिवारी, अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी वैष्णवी यादव, डॉ.प्रकाश खेतान आदि को सम्मानित किया गया।
विश्वविद्यालय की बदहाली का मुद्दा उठने पर मंत्री ने कहा कि शिक्षक और अफसर प्रस्ताव भेजें। नियमानुसार उस पर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि शिक्षकों की गुणवत्ता पर मंथन के लिए सोमवार को सभी राज्य के शिक्षामंत्री, अफसरों और विशेषज्ञों की बैठक हुई। कुछ प्रस्ताव पारित हुए हैं। इस पर आगे बढ़ा जाएगा। उन्होंने बताया कि नई शिक्षा नीति तैयार की जा रही है। इसके लिए 30 हजार ऑनलाइन सुझाव पहुंचे हैं। डॉ.कठेरिया ने पं.दीनदयाल के व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने पं.दीनदयाल के एकात्मवाद को अलग-अलग उदाहरणों के माध्यम से परिभाषित किया। साथ में शिक्षकों और विद्यार्थियाें से उनसे प्रेरणा लेने की अपील की।
विज्ञापन
विशिष्ट अतिथि हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राधाकांत ओझा ने विश्वविद्यालय के गरिमामय इतिहास पर प्रकाश डाला। उन्होंने घोषणा की कि विश्वविद्यालय प्रशासन चाहेगा तो शिक्षक भर्ती में आने वाली हर अड़चन को दूर करने के लिए वह मुफ्त कानूनी सलाह देेंगे। कुलपति प्रोफेसर रतनलाल हांगलू ने विश्वविद्यालय में हॉस्टल तथा अन्य सुविधाओं की कमी की ओर राज्यमंत्री का ध्यान आकृष्ट कराया। उन्होंने बताया कि दो हॉस्टल का प्रस्ताव मंत्रालय को भेजा गया है। उन्होंने आश्वासन दिया कि विश्वविद्यालय का पुराना गौरव स्थापित करने के लिए वे हर जरूरी कदम उठाएंगे। इसी परिपेक्ष्य में उन्होंने ऑर्डिनेंस के कई बिंदुओं पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि ऑर्डिनेंस में कुछ लोगों का फायदा देखा गया है।
छात्रसंघ अध्यक्ष ऋचा सिंह ने विश्वविद्यालय में संवादहीनता का मुद्दा उठाया तो उपाध्यक्ष विक्रांत सिंह ने सभी पाठ्यक्रमों में दाखिला के लिए ऑनलाइन के साथ ऑफलाइन प्रवेश परीक्षा का विकल्प दिए जाने की मांग की। समारोह में सांसद केशव प्रसाद मौर्य, मनोज तिवारी, विनोद सोनकर, नेपाल के राजदूत दीप कुमार को भी शामिल होना था लेकिन अलग-अलग कारणों की वजह से वे लोग नहीं आए। आयोजक पवन उपाध्याय ने धन्यवाद ज्ञापित किया। समारोह में शिक्षक, अफसर, भाजपा नेता, विद्यार्थी शामिल रहे।
युवा गौरव सम्मान समारोह में भी इलाहाबाद विश्वविद्यालय के गिरते स्तर का मुद्दा छाया रहा। राज्यमंत्री डॉ.रामशंकर कठेरिया, हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राधाकांत ओझा आदि ने वर्तमान स्थिति पर चिंता जताई। डॉ.कठेरिया ने कहा कि इलाहाबाद विश्वविद्यालय का गौरवशाली इतिहास है लेकिन आज की स्थिति से मन दुखी है। राधाकांत ने पुराने दिनों को याद करते हुए वर्तमान पर निराशा जताई। उन्होंने इसके लिए शिक्षकों की कमी को मुख्य कारण बताया।
विज्ञापन
समारोह में अलग-अलग क्षेत्र में विशेष उपलब्धि हासिल करने वाले एचआरआई के प्रोफेसर अशोक सेन, डॉ. आशुतोष तिवारी, अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी वैष्णवी यादव, डॉ.प्रकाश खेतान आदि को सम्मानित किया गया।
विज्ञापन
विश्वविद्यालय की बदहाली का मुद्दा उठने पर मंत्री ने कहा कि शिक्षक और अफसर प्रस्ताव भेजें। नियमानुसार उस पर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि शिक्षकों की गुणवत्ता पर मंथन के लिए सोमवार को सभी राज्य के शिक्षामंत्री, अफसरों और विशेषज्ञों की बैठक हुई। कुछ प्रस्ताव पारित हुए हैं। इस पर आगे बढ़ा जाएगा। उन्होंने बताया कि नई शिक्षा नीति तैयार की जा रही है। इसके लिए 30 हजार ऑनलाइन सुझाव पहुंचे हैं। डॉ.कठेरिया ने पं.दीनदयाल के व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने पं.दीनदयाल के एकात्मवाद को अलग-अलग उदाहरणों के माध्यम से परिभाषित किया। साथ में शिक्षकों और विद्यार्थियाें से उनसे प्रेरणा लेने की अपील की।
विज्ञापन
विशिष्ट अतिथि हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राधाकांत ओझा ने विश्वविद्यालय के गरिमामय इतिहास पर प्रकाश डाला। उन्होंने घोषणा की कि विश्वविद्यालय प्रशासन चाहेगा तो शिक्षक भर्ती में आने वाली हर अड़चन को दूर करने के लिए वह मुफ्त कानूनी सलाह देेंगे। कुलपति प्रोफेसर रतनलाल हांगलू ने विश्वविद्यालय में हॉस्टल तथा अन्य सुविधाओं की कमी की ओर राज्यमंत्री का ध्यान आकृष्ट कराया। उन्होंने बताया कि दो हॉस्टल का प्रस्ताव मंत्रालय को भेजा गया है। उन्होंने आश्वासन दिया कि विश्वविद्यालय का पुराना गौरव स्थापित करने के लिए वे हर जरूरी कदम उठाएंगे। इसी परिपेक्ष्य में उन्होंने ऑर्डिनेंस के कई बिंदुओं पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि ऑर्डिनेंस में कुछ लोगों का फायदा देखा गया है।
छात्रसंघ अध्यक्ष ऋचा सिंह ने विश्वविद्यालय में संवादहीनता का मुद्दा उठाया तो उपाध्यक्ष विक्रांत सिंह ने सभी पाठ्यक्रमों में दाखिला के लिए ऑनलाइन के साथ ऑफलाइन प्रवेश परीक्षा का विकल्प दिए जाने की मांग की। समारोह में सांसद केशव प्रसाद मौर्य, मनोज तिवारी, विनोद सोनकर, नेपाल के राजदूत दीप कुमार को भी शामिल होना था लेकिन अलग-अलग कारणों की वजह से वे लोग नहीं आए। आयोजक पवन उपाध्याय ने धन्यवाद ज्ञापित किया। समारोह में शिक्षक, अफसर, भाजपा नेता, विद्यार्थी शामिल रहे।
युवा गौरव सम्मान समारोह में भी इलाहाबाद विश्वविद्यालय के गिरते स्तर का मुद्दा छाया रहा। राज्यमंत्री डॉ.रामशंकर कठेरिया, हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राधाकांत ओझा आदि ने वर्तमान स्थिति पर चिंता जताई। डॉ.कठेरिया ने कहा कि इलाहाबाद विश्वविद्यालय का गौरवशाली इतिहास है लेकिन आज की स्थिति से मन दुखी है। राधाकांत ने पुराने दिनों को याद करते हुए वर्तमान पर निराशा जताई। उन्होंने इसके लिए शिक्षकों की कमी को मुख्य कारण बताया।