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बांके बिहारी मंदिर में भगदड़ मामला: हाईकोर्ट ने मांगी रिपोर्ट, पूछा- श्रद्धालुओं की सुरक्षा के क्या हैं इंतजाम
Wed, 31 Aug 2022 11:27 PM IST
Vikas Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
Published by: Vikas Kumar
Updated Wed, 31 Aug 2022 11:27 PM IST
सार
याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि 1807 में जब मथुरा में मंदिर बना था तब भगवान के दर्शन के लिए अधिकतम 100 लोगों की भीड़ जुटती थी। परंतु आज मथुरा में भगवान के दर्शन के लिए जन्माष्टमी के दिन लाखों लोगों की भीड़ एकत्रित हो रही है।
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बांके बिहारी मंदिर पर उमड़ी भक्तों की भीड़
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मथुरा के बांके बिहारी मंदिर में दर्शनार्थियों की सुरक्षा सहित उचित रखरखाव की योजना बनाने की मांग को लेकर दाखिल जनहित याचिका पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने संज्ञान लिया है। मुख्य न्यायमूर्ति राजेश बिंदल एवं जस्टिस जेजे मुनीर की खंडपीठ ने बुधवार को याचिका पर सुनवाई के दौरान मथुरा में जन्माष्टमी को मची भगदड़ में हुई मौत का उल्लेख करते हुए सरकार से तीर्थयात्रियों तथा दर्शनार्थियों की सुरक्षा की प्रस्तावित कार्ययोजना प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। याचिका पर कोर्ट 13 सितंबर को सुनवाई करेगी।
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याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि 1807 में जब मथुरा में मंदिर बना था तब भगवान के दर्शन के लिए अधिकतम 100 लोगों की भीड़ जुटती थी। परंतु आज मथुरा में भगवान के दर्शन के लिए जन्माष्टमी के दिन लाखों लोगों की भीड़ एकत्रित हो रही है।
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बताया गया कि मंदिर के हाल की क्षमता कम है, गलियां भी सकरी हैं तथा लोगों ने अतिक्र्तमण भी कर रखा है। ऐसे में अगर दर्शनार्थियों की सुरक्षा की समुचित व्यवस्था शासन स्तर पर नहीं की गई तो इससे बड़ी घटना घट सकती है।
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मथुरा के अनंत शर्मा ने जनहित याचिका दायर कर हिंदू नागरिकों, खासकर वैष्णव संप्रदाय को संविधान के अनुच्छेद 25 के अंतर्गत मिले धार्मिक स्वतंत्रता के अधिकारों की रक्षा के लिए मंदिरों के उचित रखरखाव की योजना तैयार करने की मांग की है। साथ ही यह भी मांग की कि सरकार पर्व के समय जुटने वाली दर्शनार्थियों की भारी भीड़ के उचित प्रबंधन सहित तमाम सुविधाएं मुहैया कराए तथा कानून व्यवस्था कायम रखे।