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Allahabad High Court Order : मुख्य सचिव सरफेसी कानून का प्रदेश में कड़ाई से पालन कराना सुनिश्चित करें

Fri, 27 May 2022 10:20 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Fri, 27 May 2022 10:20 PM IST
सार

कोर्ट ने डीएम गौतमबुद्धनगर व अन्य अधिकारियों को एक माह में बैंक को जमीन का कब्जा सौंपने का निर्देश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति एसपी केसरवानी तथा न्यायमूर्ति जयंत बनर्जी की खंडपीठ ने असेट रिकंस्ट्रक्शन कंपनी की की याचिका पर दिया है।

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Allahabad High Court Order The Chief Secretary ensure strict compliance of SARFAESI law in the state
Prayagraj News : इलाहाबाद हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

बैंक व वित्तीय संस्थानों को जमीन पर भौतिक कब्जा देने के सरफेसी कानून की धारा 14 का कड़ाई से पालन करने का निर्देश इलाहाबाद हाईकोर्ट ने दिया है। हाईकोर्ट ने प्रदेश के मुख्य सचिव से कहा है कि संबंधित सभी प्राधिकारियों को दो हफ्ते में वह इस आशय का सर्कुलर जारी करें कि यदि वैधानिक अड़चन न हो तो बैंक या वित्तीय संस्थानों को जमीन का कब्जा सौंप दिया जाए।

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कोर्ट ने डीएम गौतमबुद्धनगर व अन्य अधिकारियों को एक माह में बैंक को जमीन का कब्जा सौंपने का निर्देश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति एसपी केसरवानी तथा न्यायमूर्ति जयंत बनर्जी की खंडपीठ ने असेट रिकंस्ट्रक्शन कंपनी की की याचिका पर दिया है। राज्य सरकार की तरफ  से कोर्ट को बताया गया कि 14 फरवरी 22 को शासनादेश जारी किया गया है। कोर्ट ने कहा कि अधिकारियों की यह विफलता है कि वह धारा 14 सरफेसी कानून के दायित्व को पूरा नहीं कर रहे हैं।

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डीएम का दायित्व, पुलिस की सहायता से सौंपे कब्जे

सरफेसी कानून की धारा 14 के अनुसार बैंक, वित्तीय संस्थानों एवं रिकंस्ट्रक्शन कंपनियों को जमीन पर कब्जा लेने का अधिकार है और जिलाधिकारी का दायित्व है कि पुलिस सहायता से कब्जा सौंपें। कोर्ट ने कहा कानून का उद्देश्य लोन की त्वरित वसूली करना है। बैंक को संपत्ति बेचने या बंधक रखने का अधिकार है। कानून अर्जी से तीस दिन में कब्जा दिलाने का आदेश देता है। अधिकतम साठ दिन में कब्जा सौंपने की जवाबदेही तय है।


कोर्ट ने कहा कि जिलाधिकारी या मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट शक्तिहीन नहीं है। कब्जा दिलाने की हर कार्रवाई कर सकते हैं। याची सेक्योर्ड क्रेडिटर है। जमीन पर कब्जा न मिल पाने के कारण वह कार्य नहीं कर पा रहा है। कोर्ट ने मुख्य सचिव को सभी अधिकारियों को सरफेसी एक्ट का कड़ाई से पालन कराने का निर्देश दिया है।

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