Mahakumbh : हादसे के सभी वायरल वीडियो की हो जांच, विरोधियों की भी हो सकती है साजिश
मौनी अमावस्या पर हुए हादसे के वायरल सभी वीडियो की जांच की मांग अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष रवींद्र पुरी महाराज ने की है। उन्होंने कहा कि जब जांच होगी तो वास्तविक स्थिति सामने आ जाएगी।
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मौनी अमावस्या पर हुए हादसे के वायरल सभी वीडियो की जांच की मांग अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष रवींद्र पुरी महाराज ने की है। उन्होंने कहा कि जब जांच होगी तो वास्तविक स्थिति सामने आ जाएगी। क्योंकि एक महिला प्रत्यक्षदर्शी ने दावा किया है कि भीड़ में आठ-दस व्यक्तियों ने धक्का-मुक्की शुरू की थी। इसके बाद लोग गिरना शुरू हो गए, इससे विरोधियों की संलिप्तता की आशंका को बल मिलता है।
शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती से नाराजगी के सवाल पर उन्होंने कहा कि वह ज्ञानी और विद्वान हैं, लेकिन परंपराओं का पालन नहीं कर रहे हैं। उन्हें सिर्फ आलोचना करने का मौका मिलना चाहिए। अभी उन्होंने योगी आदित्यनाथ को हटाने की बात कही। जबकि योगी आदित्यनाथ ने कुछ बुरा नहीं किया। हादसे के तुरंत बाद यदि मेला प्रशासन घायलों और मृतकों का आंकड़ा जारी कर देता तो करोड़ों की संख्या में मौजूद श्रद्धालुओं में कोहराम मच जाता और भगदड़ मच जाती।
योगी आदित्यनाथ ने तुरंत अप्रिय घटना को नहीं दिखाकर अच्छा किया। हमने धैर्य से काम किया। दोपहर में जब स्नान हो गया तो शाम को सरकार ने घटना का स्पष्ट बयान दे दिया। बिना मुंडन संस्कार के ममता कुलकर्णी के महामंडलेश्वर बनने के सवाल पर कहा कि उनका पद वैध है। कई बार हम पद पहले दे देते हैं और बाद में उनका विजयी हवन संस्कार (अपना पिंडदान व पूर्वजों का पिंडदान) करवाते हैं। ममता कुलकर्णी को संन्यास दे दिया गया है और जब उनका मन करेगा या स्थिति अनुकूल होगी तो विजयी हवन संस्कार किया जाएगा।
जूना अखाड़े में अब तक बनाए गए 15 महामंडलेश्वर
रवींद्र पुरी ने कहा कि महाकुंभ में जूना अखाड़े में अब तक 15 महामंडलेश्वर बनाए गए हैं और एक जगद्गुरु बनाए हैं। 13 अखाड़ों में हजारों महामंडलेश्वर हैं। हम सनातन के प्रहरी हैं। इसलिए हम निष्कासन की संख्या सार्वजनिक नहीं करना चाहते। क्योंकि इससे हमारे प्रति नकारात्मक छवि बनेगी। जिन अखाड़ों में महामंडलेश्वर दोषी पाए गए हैं, उनको दंडित किया गया है। बसंत पंचमी पर होने वाले स्नान की तैयारियों पर कहा कि वसंत पंचमी पर स्नान दिव्य और भव्य होगा। मेला प्रशासन ने बैरिकेडिंग की है। घाट पर जाने के लिए रास्ता बनाया है। सभी संत, नागा और महामंडलेश्वर स्नान करने जाएंगे।